गुजरात पुलिस का कहना है कि अहमदाबाद में ज़हरीली शराब से मरनेवालों की संख्या 127 तक पहुंच गई है.
दूसरी ओर अनेक लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
स्थानीय पत्रकार महेश लांगा ने बताया कि राज्य के सचिव (क़ानून व्यवस्था) ने जानकारी दी है कि ज़हरीली शराब के कारण 104 लोगों की मौत अस्पतालों में हुई और 23 शव बरामद किए गए.
उन्होंने बताया कि अभी 229 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है.
इधर पुलिस ने ज़हरीली शराब के मामले में धरपकड़ तेज़ कर दी है और 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
लेकिन ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि ज़हरीली शराब पूरी तरह नहीं पकड़ी जा सकी है और बाज़ार में बिक्री के लिए आ सकती है.
राज्य विधानसभा के मौजूदा सत्र में विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को जोर शोर से उठाया है.
कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर दोषियों को पकड़ने में असफल रहने का आरोप लगाया है.
उसने गृह राज्यमंत्री अमित शाह के इस्तीफ़े की मांग की है.
इसके पहले मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने का आश्वासन दिया था.
उन्होंने कहा, "हम गुनहगारों को किसी हालत में छोड़ेंगे नहीं. हमने इस घटना को गंभीरता से लिया है. दोषियों को अधिकतम सज़ा दिलवाने की कोशिश करेंगे."
गुजरात एक ऐसा राज्य है जहाँ पूर्ण नशाबंदी क़ानून लागू है.
इस बीच सरकार ने इस घटना के कारणों की तलाश के लिए एक सेवानिवृत्त जज कमल मेहता के नेतृत्व में जाँच आयोग का गठन किया है.
जाँच आयोग से कहा गया है कि वह 30 नवंबर से पहले अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दे.
इस पूरे मामले की जाँच अहमदाबाद क्राइम ब्राँच कर रही है.