इराक़ में हमें वक़्त लगेगा: ओबामा

  • 9 अगस्त 2014
बराक ओबामा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चेतावनी दी है कि इराक़ को जेहादी सुन्नी विद्रोहियों से मुक़्त कराने और देश को स्थायित्व देने में 'कुछ वक़्त' लग सकता है.

ओबामा के मुताबिक़ यह 'दीर्घकालिक काम' होगा. उन्होंने ज़ोर दिया कि इसकी कामयाबी इराक़ियों पर निर्भर होगी जिन्हें सभी को शामिल करके सरकार बनानी है.

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरी इराक़ में शुक्रवार को अमरीकी हवाई हमलों में इस्लामिक स्टेट के कई कई सैन्य साजोसामान नष्ट कर दिए गए हैं.

उनका कहना था कि वह सुन्नी जेहादियों को सीरिया और इराक़ में इस्लामी राज्य या ‘ख़िलाफ़त’ की स्थापना नहीं करने देंगे.

अमरीका उत्तरी इराक़ में इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों पर हवाई हमले कर रहा है.

ओबामा ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो और हवाई हमले किए जाएंगे लेकिन अमरीकी फ़ौजें ज़मीनी कार्रवाई नहीं करेंगी.

ब्रिटेन ने धार्मिक समुदायों की मदद के लिए अपना विमान भी भेजा है.

रॉयल एयरफ़ोर्स के मालवाहक विमान ने इंग्लैंड में ब्रिज़ नॉर्टन से मानवीय मदद के सामान के साथ इराक़ के लिए उड़ान भरी.

ज़ुल्म

आईएसआईएस के लड़ाके

चरमपंथी संगठन आईएस (पहले आईएसआईएस) ने इराक़ और सीरिया के कई इलाकों पर नियंत्रण कर लिया है और इराक़ का सबसे बड़ा बांध भी उनके क़ब्ज़े में है.

ईसाई और यज़ीदी अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्म ढाने के साथ-साथ ये चरमपंथी उत्तरी इराक़ में कुर्दों से भी संघर्षरत हैं और इरबिल शहर पर कब्ज़ा करने के क़रीब हैं.

आईएस के लड़ाके

न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ओबामा ने कहा, "हम उन्हें (आईएस को) सीरिया और इराक़ के ज़रिए 'ख़िलाफ़त' बनाने की छूट नहीं देने वाले, पर हम ऐसा तब कर सकते हैं जब हमें पता हो कि हमें ऐसा साझीदार मिल गया है जो खाली जगह भर सके."

अपने साप्ताहिक रेडियो संबोधन में ओबामा ने ज़ोर दिया कि उत्तरी इराक़ में अमरीकी हवाई हमले बेहद ज़रूरी थे, मगर हमले सीमित होंगे.

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