रमज़ान में बर्बाद होता हज़ारों टन भोजन

  • 6 जुलाई 2014
मक्का

सऊदी अरब के मक्का नगर प्रशासन के अनुसार रमज़ान में खाने की भारी बर्बादी हो रही है.

मक्का नगर परिषद के अधिकारी ओसामा अल ज़ैतूनी ने अरब न्यूज़ से कहा कि रमज़ान के शुरुआती तीन दिनों में जमा हुए 5,000 टन कचरे को सफ़ाई कर्मियों ने हटाया. साथ ही, 28,000 भेड़ों का शव भी हटाया गया.

इस्लाम के पवित्र शहर मक्का में नगर प्रशासन की ओर से मुख्य मस्जिद के पास 45 कूड़ेदान वाले कम्प्रेसर लगाए गए हैं और गंदगी से निपटने के लिए 8,000 अतिरिक्त सफ़ाईकर्मी भेजे गए हैं.

किंग सऊद यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक़ दुनिया में सबसे ज़्यादा भोजन की बर्बादी सऊदी अरब में होती है.

यहां रमज़ान के तैयार होने वाले कुल भोजन का 30 फ़ीसदी हिस्सा फेंक दिया जाता है. फेंके गए भोजन की अनुमानित क़ीमत 12 लाख रियाल (तक़रीबन एक करोड़ 91 लाख रुपए) है.

सरकार की अपील

भोजन

विशेषज्ञ खाने की बर्बादी के लिए रमज़ान की रवायत को भी जिम्मेदार ठहराते हैं.

रमज़ान में पहले से ही काफ़ी भोजन ख़रीद लेने, बचे हुए खाने का इस्तेमाल न करने, हर रोज़ ताज़ा खाना पकाने और ग़रीबों को ज़्यादा दान देने का चलन है.

सऊदी अरब की सरकार ने लोगों को कम मात्रा में खाना पकाने की अपील की है.

सरकार खाद्य कचरे का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए एक जैविक उर्वरक कारखाने भी बनवा रही है.

वैसे, खाने की बर्बादी के मामले में केवल सऊदी अरब अकेला नहीं है.

मध्य-पूर्व के पर्यावरण पर नज़र रखने वाले समूह इकोमिना के अनुसार क़तर में रमज़ान के दौरान तैयार भोजन का एक-चौथाई हिस्सा फेंक दिया जाता है.

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