यूक्रेन: दोनेत्स्क और लुहांस्क में जनमत संग्रह

  • 11 मई 2014
मतपत्रों को पैक करता एक कार्यकर्ता

यूक्रेन के दो पूर्वी क्षेत्रों के रूस समर्थक अलगाववादी रविवार को स्वशासन के लिए जनमत संग्रह कर रहे हैं. उनके इस क़दम का यूक्रेन और पश्चिमी देश विरोध कर रहे हैं.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से जनमत संग्रह स्थगित करने की मांग के बाद भी दोनेत्स्क और लुहांस्क के स्वयंभू नेता इस जनमत संग्रह को करा रहे हैं.

यूक्रेन ने कहा है कि जनमत संग्रह का इस क्षेत्र के लिए विनाशकारी प्रभाव हो सकते हैं.

संघर्ष जारी

रूस समर्थक बंदूकधारी कई कस्बों में सरकारी दफ़्तरों पर कब्ज़ा जमाए हुए हैं. उनका यूक्रेन के सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष भी चल रहा है.

संवाददाताओं का कहना है कि विद्रोहियों के कब्ज़े वाले स्लोवियांस्क शहर के बाहरी इलाक़ों में रात भर भीषण लड़ाई होती रही. इस शहर को सरकारी सुरक्षा बलों ने घेर रखा है, यूक्रेन की सरकार इसे चरमपंथ के खिलाफ कार्रवाई बता रही है.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ शुक्रवार को दोनेत्स्क इलाक़े के मारियापोल बंदरगाह में दोनों पक्षों की लड़ाई में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 39 अन्य घायल हो गए.

जनमत संग्रह के आयोजकों ने इस हफ़्ते के शुरू में कहा था कि अधिकांश मतदान केंद्र रूस समर्थक कार्यकर्ताओं के नियंत्रण में हैं और वो मतदान के लिए तैयार हैं.

जनमत संग्रह के लिए लाखों मतपत्र छपवाए गए हैं.

इस पर रूसी और यूक्रेनियन भाषा में केवल एक ही सवाल पूछा गया है : "क्या आप स्वशासन वाले दोनेत्स्क पीपल्स रिपब्लिक/लुहांस्ककी पीपल्स रिपब्लिक का समर्थन करते हैं.''

राष्ट्रपति की अपील

इसके आयोजकों का कहना है कि वो इसी महीने में जनमत संग्रह का एक दूसरा दौर भी कराना चाहते हैं, दूसरे दौर में रूस में शामिल होने के सवाल पर जनमत संग्रह कराया जाएगा. उनका यह भी कहना है कि वो 25 मई को प्रस्तावित यूक्रेन के राष्ट्रपति के चुनाव का बहिष्कार करेंगे.

शनिवार को यूक्रेन के कार्यवाहक राष्ट्रपति अलेक्जेंडर तुर्चिनोव ने यह स्वीकार किया कि पूर्वी यूक्रेन में बहुत से लोग रूस समर्थक चरमपंथियों के समर्थक हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनमत संग्रह से देश रसातल की ओर जाएगा.

उन्होंने कहा, ''जो लोग स्वशासन का समर्थन कर रहे हैं, वो यह नहीं समझ रहे हैं कि इसका मतलब अर्थव्यव्था, सामाजिक परियोजनाओं और इस इलाके के लोगों के जीवन की पूरी तरह से तबाही होगी. ''

यूरोपीय संघ और अमरीका ने जनमत संग्रह की निंदा करते हुए यूक्रेन में गृह युद्ध छिड़ने की आशंका जताई है.

वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अभी हाल में ही जनमत संग्रह का स्थगित कर वार्ता के लिए माहौल बनाने की अपील की थी.

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