अफ़ग़ान पुलिसकर्मी ने महिला पत्रकारों को गोली मारी

  • 4 अप्रैल 2014

पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में एक अफ़ग़ान पुलिस अधिकारी ने दो विदेशी महिला पत्रकारों को गोली मार दी.

एक महिला की मृत्यु हो गई है जबकि दूसरी की हालत गंभीर बनी हुई है. दोनों ही महिला पत्रकार समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस से जुड़ी हुई थीं.

एसोसिएटेड प्रेस की फ़ोटोग्राफ़र 48 वर्षीय अंजा नीडरिंगहौस के मारे जाने की समाचार एजेंसी ने पुष्टि की है.

पाक़िस्तान की सीमा से लगे खोस्त कस्बे में यह घटना ऐसे समय घटी है जब शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए संभावित तालिबानी ख़तरे के मद्देनज़र देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है.

राष्ट्रपति हामिद करजई इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं क्योंकि वो तालिबान के पतन के बाद 2001 से ही राष्ट्रपति के पद पर हैं, लेकिन उनके तीसरी बार चुने जाने में संवैधानिक प्रावधान बाधक है.

हमला

अफ़ग़ानिस्तान

कहा जा रहा है कि 60 वर्षीय रिपोर्टर कैथी गैनन की हालत गंभीर है और उनका इलाज किया जा रहा है.

यह हमला उस समय हुआ जब दोनों पत्रकार अफ़ग़ान सेना और पुलिस के दस्ते के साथ चल रही एक कार में बैठी थीं.

अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय ने बीबीसी को बताया कि दोनों पत्रकार स्वतंत्र चुनाव आयोग के एक अधिकारी के साथ खोस्त प्रांत के तानय कस्बे के दौरे पर थीं.

यह जिला पाक़िस्तान के वज़ीरिस्तान क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है. यहां चरमपंथी गुट हक्कानी नेटवर्क का खासा प्रभाव है.

सूत्रों के अनुसार, हमला करने वाले पुलिस अधिकारी से पूछताछ की जा रही है.

चुनाव में बाधा डालने के लिए हाल के समय में तालिबान ने अपने हमलों को तेज़ कर दिया है.

पत्रकार निशाने पर

अफ़ग़ानिस्तान

पिछले महीने एजेंसी फ्रांस प्रेस के वरिष्ठ संवाददाता सरदार अहमद भी तालिबानी हमले में मारे गए थे.

यह हमला क़ाबुल के एक होटल में हथियारबंद व्यक्ति द्वारा किया गया था जिसमें आठ अन्य लोग भी मारे गए थे.

11 मार्च को क़ाबुल में ही ब्रितानी नागरिक पत्रकार नील्स होर्नर की भी गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.

यह ऐतिहासिक चुनाव पहले से ही बहुत ख़ून ख़राबे वाला रहा है और अब तो इसमें चुनावी धांधली की संभावना बढ़ गई है.

अफ़ग़ानिस्तान के बीबीसी संवाददाता डेविड लियोन ने बताया कि तालिबान के पतन के चुनाव सम्पन्न कराए जाने के लिए भारी सुरक्षा की व्यवस्था है.

यदि इस चरण में कोई भी उम्मीदवार 50 प्रतिशत से ज्यादा मत नहीं पाता है तो चुनाव का दूसरा चरण ज़रूरी हो जाएगा.

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