लापता विमान की खोज का काम रुका

  • 27 मार्च 2014
मलेशिया विमान खोज

मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान के लिए दक्षिणी हिंद महासागर में चलाए जा रहे हवाई खोज अभियान को ख़राब मौसम के कारण रोक दिया गया है.

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने कहा कि विमान वापस लौट रहे हैं लेकिन जहाज़ खोज अभियान जारी रखेंगे.

ऑस्ट्रेलियाई सामुद्रिक सुरक्षा प्राधिकरण (एम्सा) ने गुरुवार सुबह कहा कि इस अभियान में छह सैन्य विमान, पांच नागरिक विमान और पाँच जहाज़ भाग लेंगे लेकिन उसने बाद में ट्वीट में कहा कि ख़राब मौसम के कारण हवाई अभियान को रोकना पड़ रहा है.

इस सप्ताह यह दूसरा मौक़ा है जब समुद्र में ख़राब मौसम के कारण खोज अभियान रोका गया है.

ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का जहाज़ एचएमएएस सक्सेस पर्थ से 2500 किमी दक्षिण पश्चिम में खोज वाले इलाक़े में मौजूद है. उसके साथ चीन के चार जहाज़ भी हैं.

मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान संख्या एमएच370 के विमान ने आठ मार्च को कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी लेकिन कुछ ही घंटे बाद यह ग़ायब हो गया था. इस विमान में कुल 239 यात्री थे.

अभी तक की खोज में विमान से जुड़ा कोई भी मलबा नहीं मिला है.

असफल कोशिश

खोज अभियान

एम्सा ने कहा कि एक खोजी विमान ने बुधवार को तीन वस्तुओं को देखा था, लेकिन कई बार की गई कोशिशों के बावजूद उन्हें फिर से नहीं देखा जा सका.

मलेशिया के कार्यकारी परिवहन मंत्री हिशामुद्दीन हुसैन ने बुधवार को कहा था कि लापता विमान के संभावित नए 122 टुकड़ों की पहचान की गई है.

हुसैन ने बताया कि ये टुकड़े पश्चिमी आस्ट्रेलिया के पर्थ से क़रीब 2,557 किलोमीटर दूर 400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले हुए हैं.

उन्होंने कहा, 23 मार्च को ली गई तस्वीर में 23 मीटर लंबी एक वस्तु को देखा गया है.

खोज अभियान

परिवहन मंत्री ने बताया कि हिंद महासागर के दक्षिण में जारी खोज अभियान को अब पूर्वी हिस्से और पश्चिम हिस्से में बांट दिया गया है.

हुसैन के मुताबिक़, "इस क़दम से खोज अभियान में मदद मिलेगी." सैटेलाइट की तस्वीरों में दिखे इन टुकड़ों तक अभी पहुंचा नहीं जा सका है.

खोज अभियान में ऑस्ट्रेलिया, अमरीका, चीन और जापान सहित कुल छह देश शामिल हैं.

चंद दिनों पहले ही मलेशिया के प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है और उसमें सवार किसी भी यात्री के जीवित रहने की संभावना नहीं है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार