दूसरे दिन भी नहीं मिला विमान का मलबा

  • 22 मार्च 2014
मलेशिया विमान एमएच370
मलबे को खोजने का काम शनिवार को फिर शुरू किया जाएगा

दक्षिणी हिन्द महासागर में मलेशियाई विमान के संभावित मलबे को खोजने का अभियान रात होने पर ख़त्म कर दिया गया है.

दूसरे दिन भी इस विमान का मलबा नहीं मिला. मलबे को खोजने का काम शनिवार को फिर शुरू किया जाएगा .

गुरुवार को शुरू हुए अभियान को खराब मौसम के चलते रोक दिया गया था. शुक्रवार मौसम अच्छा हो गया था लेकिन इस अभियान में सफलता नहीं मिली.

पांच सैन्य और असैन्य विमान तलाशी अभियान में जुटे हैं. मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान संख्या एमएच 370 का विमान गत आठ मार्च को कुआलालंपुर से बीजिंग जाते समय लापता हो गया था.

गुरुवार को जारी सेटेलाइट तस्वीरों में दक्षिणी हिन्द महासागर में कुछ मलबा दिखा था जो लापता विमान का हो सकता था. यह जगह ऑस्ट्रेलियाई शहर पर्थ के दक्षिण पश्चिम इलाक़े में है.

आस्ट्रेलियाई सामुद्रिक सुरक्षा प्राधिकरण (एमसा) ने एक बयान में कहा कि जो चार सैन्य विमान खोज अभियान में लगे हैं, उनमें रॉयल ऑस्ट्रेलियाई एयर फोर्स से ताल्लुक रखने वाले तीन ओरियन भी हैं.

साथ ही एक असैन्य विमान गल्फ़स्ट्रीम जेट भी इस अभियान में जुटा है.

नार्वे का एक जहाज़ गुरुवार से ही उस इलाक़े में खोज अभियान में लगा है. गुरुवार को चार निगरानी विमानों और छह जहाज़ों व्यापक इलाक़े में खोज का काम किया लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली.

बाद में दो ऑस्ट्रेलियाई ओरियन विमानों की मदद के लिए अमरीका और न्यूजीलैंड के विमान भी तलाश अभियान में शामिल हो गए.

विमान की तलाश

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि जो सबसे बड़ा टुकड़ा उन्हें सेटेलाइट तस्वीरों से दिखा उसका आकार क़रीब 25 मीटर (78 फीट) है.

जबसे विमानलापता हुआ है तब से कई जगहों पर उसके संभावित मलबे की तलाश की जा चुकी है लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है.

जांचकर्ताओं ने विमान की तलाशी के लिए संभावित क्षेत्र को दो कॉरिडोर में बांटा है- एक उत्तरी और दूसरा दक्षिणी- जहां सात घंटे की उड़ान के बाद विमान पहुंच सकता है.

ये कॉरिडोर सेटेलाइट पर आए अंतिम संकेतों पर आधारित हैं.

मलेशिया का कहना है कि दोनों कॉरिडोर पर लगातार खोज का काम जारी है और इस काम में 18 जहाज़, 29 विमान और छह हेलिकॉप्टर जुटे हुए हैं.

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