करोड़ों की मालकिन पर जिदंगी गुजरी भीख मांगते हुए

  • 29 मार्च 2014
असहाय महिला

एक महिला की मौत के बाद पता चला कि उनके पास करोड़ों की जायदाद थी जबकि उन्होंने अपनी ज़िंदगी के कई दशक खाड़ी के शहर जेद्दा में भीख माँगने में गुज़ार दिए.

वो अपने पीछे सोने की अशर्फियां, जेवरात और जायदाद का एक ख़ुफ़िया ख़ज़ाना छोड़ गई हैं.

(भीख नहीं माँगोगे तो...)

'दी सउदी गज़ट' अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक इस महिला का नाम नाम ईशा था और उनकी जायदाद आठ लाख अमरीकी डॉलर या तकरीबन 49 करोड़ रुपए की आंकी गई है.

ईशा की संपत्ति का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उनके नाम से चार इमारतें भी थीं.

इस बात का ज़ाहिर होना उनके कई पड़ोसियों के लिए एक बड़ा झटका था लेकिन ईशा के बचपन के दोस्त अहमद अल-सईदी ने बताया कि उन्होंने ईशा की जायदाद की देखरेख में मदद की थी.

ईशा की संपत्ति अब सरकारी अधिकारियों को सुपुर्द कर दी गई है.

बुरे वक्त की तैयारी

जेद्दा शहर

उनकी संपत्ति पर कई परिवारों का बसेरा है और वे बताते हैं कि इस बुज़ुर्ग महिला ने उनसे कभी कोई किराया नहीं लिया. ये अभी साफ़ नहीं है कि वे इस फ़िलहाल खाली करेंगे या नहीं.

(रहने को घर नहीं...)

सईदी के मुताबिक ईशा की ज़्यादातर संपत्ति तब जमा की गई थी जब वे अपनी माँ और बहन के साथ भीख मांगा करती थीं. उन दोनों की पहले ही मौत हो चुकी है.

वे बताते हैं, "उन्हें उदार दिल वाले लोग मदद दिया करते थे. खासकर ईद के दौरान."

सईदी ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी दोस्त को एकाध बार भीख मांगने का काम छोड़ देने के लिए समझाया भी था.

उन्होंने बताया, "उनके पास बहुत दौलत थी, इसलिए मैंने उनसे ये पेशा छोड़ देने के लिए कहा लेकिन वे हमेशा इनकार करती रहीं और कहा कि वे बुरे वक्त की तैयारी कर रही हैं."

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