BBC navigation

सीरियाः अल क़ायदा से जुड़े विद्रोही कमांडर की मौत

 सोमवार, 24 फ़रवरी, 2014 को 09:22 IST तक के समाचार
सीरिया में आत्मघाती हमला

सीरिया में रविवार को अल-क़ायदा से जुड़े विद्रोहियों के एक बड़े कंमाडर की अलेप्पो में एक आत्मघाती हमले में मौत हो गई है.

विपक्षी कार्यकर्ताओं के मुताबिक़ कमांडर अबु खालेद अल-सूरी के संगठन अहरार अल-शाम के ठिकाने पर हुए हमले में कई और लोग भी मारे गए हैं.

माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे एक और विद्रोही संगठन 'दि इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़़ एंड द लेवांट' यानी आईएसआईएस का हाथ है.

आईएसआईएस की सीरिया में दूसरे विद्रोही संगठनों के साथ क्लिक करें खूनी जंग चल रही है.

जनवरी की शुरुआत से आईएसआईएस की दूसरे विद्रोही गुटों के साथ हिंसक झड़पें हुई हैं जिनमें दोनों पक्षों के सैकड़ों लड़ाके मारे गए हैं.

अहरार अल-शाम एक चरमपंथी विद्रोही गुट है और सात संगठनों के शक्तिशाली इस्लामिक फ्रंट का घटक है.

ख़ास आदमी

विद्रोही सूत्रों के मुताबिक़ एक या दो हमलावर अलेप्पो में अहरार अल-शाम के मुख्यालय में घुस गए थे और उन्होंने इस हमले को अंजाम दिया.

माना जाता है कि अल-सूरी सीरिया में क्लिक करें अल-क़ायदा के सरगना आयमान अल जवाहिरी के ख़ास आदमी थे. ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद जवाहिरी ने अल-क़ायदा की कमान संभाली थी.

पड़ोसी देश लेबनॉन में मौजूद बीबीसी के जिम मूर के मुताबिक़ अल-सूरी आईएसआईएस के धुर आलोचक बन गए थे.

उन्होंने कहा कि अल-सूरी की मौत आईएसआईएस और दूसरे विद्रोही गुटों के बीच संघर्ष के और तेज़ होने की संभावना है.

माना जा रहा है कि अल-सूरी का असली नाम मोहम्मद बहैया था और वह लंबे समय से अल-क़ायदा से जुड़े थे. उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान और इराक़़ में अमरीकी सेना के ख़िलाफ़ लड़ाई में हिस्सा लिया था और वह क्लिक करें लादेन के क़रीबी थे.

कार बम हमला

सीरिया में आत्मघाती हमला

रविवार को ही तुर्की सीमा पर एक अस्पताल में हुए कार बम हमले में कई लोग मारे गए थे.

विपक्षी कार्यकर्ताओं के मुताबिक़ धमाका विद्रोहियों के कब्जे वाले अतमेह शहर में हुआ. इस शहर में सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में विस्थापित हुए हज़ारों लोगों के शिविर हैं.

हालांकि यह तुरंत साफ़ नहीं हो सका कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है.

क्लिक करें संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक़ सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में 65 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और 25 लाख लोगों ने खुद को शरणार्थी के रूप में पंजीकृत कराया है.

इनमें से सबसे ज़्यादा शरणार्थी लेबनॉन में रह रहे हैं. इसके बाद जॉर्डन और तुर्की का नंबर आता है जहां सबसे ज़्यादा सीरियाई शरणार्थी रह रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के क्लिक करें एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें यहां क्लिक करें. आप हमें क्लिक करें फ़ेसबुक और क्लिक करें ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

इसे भी पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.