दुनिया में कहां है समलैंगिक लोगों के लिए मौत की सज़ा?

 शुक्रवार, 14 फ़रवरी, 2014 को 19:49 IST तक के समाचार

दुनिया भर में लाखों लोग उन देशों में रहे हैं, जहां समलैंगिकता गैरकानूनी अपराध है. पांच देशों और दो अन्य देशों के कुछ हिस्सों में समलैंगिकता ऐसा अपराध है जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है. जबकि 70 देश ऐसे हैं जहां समलैंगिक लोगों को जेल में डाल दिया जाता है.

जहां समलैंगिकता कानूनी तौर पर मान्य है, उनमें भी कई देशों में इन लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है. मसलन, असमान उम्र के दो शख़्स में आपसी सहमति से समलैंगिक नहीं हो सकते या फिर दोनों आपस में शादी नहीं कर सकते.

सोची विंटर ओलिंपिक खेलों की मेजबानी कर रहे रूस में पिछले साल 18 साल से कम उम्र में समलैंगिक संबंध बनाने पर पाबंदी लगा दी गई.

ऐसे में सवाल यह है कि दुनिया किन देशों में समलैंकिता गैरकानूनी है? किन देशों में समलैंगिक विवाह को मंज़ूरी है? संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के नीचे दिए गए नक्शे में आप इसे बखूबी देख सकते हैं.

मौत की सज़ा का प्रावधान

नक्शे में देशों को समलैंगिक विरोधी और समलैंगिक समर्थक देशों के तौर पर चिन्हित किया गया है.

किसी भी शख़्स के समलैंगिक संबंध की कानूनी मान्यता है या नहीं, यह काफी हद तक इस बार पर निर्भर करता है कि वह कहां रह रहे हैं?

दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां समलैंकि संबंधों में मौत की सजा का प्रावधान है- ईरान, मारुतानिया, सऊदी अरब, सूडान और यमन. नाइजीरिया और सोमालिया के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह का प्रावधान है.

वहीं दुनिया के कुछ देशों में समलैंगिक लोगों को आम लोगों की तरह शादी करने का अधिकार है.

लेकिन समलैंगिकता के समर्थक और विरोधी देशों का वर्गीकरण इतना आसान भी नहीं है. कुछ देशों में समलैंगिक संबंधों को लेकर बेहद जटिल कानूनी प्रावधान है. कई देशों में एक साथ इन संबंधों में सजा और संरक्षण दोनों का प्रावधान है जबकि कई देशों के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग प्रावधान मौजूद है.

(नोट- इस नक्शे में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों में रहने वाले समलैंगिकों लोगों के कानूनी स्तर को दर्शाया गया है. समलैंगिकता विरोधी देश से समलैंगिकता विरोधी देशों को लाल से ब्लू रंग के पैमाने पर दर्शाया गया है)

समलैंगिकता पर कानून

बीते 200 साल के दौरान दुनिया भर के देशो में समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया गया है. 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के बाद समलैंगिकों की स्थिति सुधरी है.

हालांकि कुछ देश विपरीत दिशा में बढ़ रहे हैं. बीते साल भारत में समलैंगिकता को अपराध बतान वाले 153 साल पुराने कानून को बहाल कर दिया गया.

1789 से यह टाइमलाइन शुरू हुआ है, जब दुनिया भर के 126 देशों में समलैंगिक संबंध गैर कानूनी अपराध के दायरे में आते थे.

नोट- इसमें चेचेन्या गणतंत्र को शामिल नहीं किया गया है. जहां तक संभव हुआ है, औपनिवेशिक कॉलोनियों को मौजूदा नाम से चिन्हित किया गया है.

(स्रोत- क्लिक करें यूएन ऑफ़िस ऑफ़ द हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स और क्लिक करें इंटरनेशनल लेस्बियन गे बाइसेक्सुअल ट्रांस एंड इंटरसेक्स एसोसिएशन)

मैप और टाइमलाइन के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए क्लिक करें यहां क्लिक करें. समलैंगिकों के अधिकार के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए संयुक्त राष्ट्र कीक्लिक करें फ्री एंड इक्वल कैंपेन वेबसाइट पर जाएं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें यहां क्लिक करें. आप हमेंक्लिक करें फ़ेसबुक और क्लिक करें ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

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