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अमरीका ने छह भारतीय बाज़ारों को बदनामों की सूची में डाला

 बुधवार, 12 फ़रवरी, 2014 को 23:30 IST तक के समाचार
नकली सॉफ़्टवेयर

भारत के अलावा इस सूची में कई और देशों के बाज़ार भी शामिल है

अमरीका ने दिल्ली के गफ़्फ़ार मार्केट और नेहरू प्लेस मार्केट समेत भारत के छह बाज़ारों को उन 'कुख्यात बाज़ारों' की सूची में डाल दिया है जहां अमरीकी सामानों की नकल और नकली सॉफ़्टवेयर की बिक्री होती है.

अमरीका की तरफ़ से पिछले तीन साल से ये सूची जारी होती रही है लेकिन इसमें अब तक सिर्फ़ नेहरू प्लेस का नाम होता था. इस सूची में सबसे ज़्यादा बाज़ार चीन के हैं.

इस लिस्ट को अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय 'नोटोरिअस मार्केट्स लिस्ट' या कुख्यात बाज़ारों की लिस्ट कहता है और जिस देश में ये बाज़ार हैं उनसे अमरीका उम्मीद करता है कि वो इनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करें.

ये लिस्ट ऐसे समय में जारी हुई है जब अमरीका और भारत के व्यापार संबंधों में काफ़ी तनाव का माहौल है और यहां काफ़ी चर्चा है कि अमरीका भारत को उन देशों की सूची में शामिल कर सकता है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार क़ानूनों का उल्लंघन करते हैं.

'नकली सामान की बिक्री'

अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की तरफ़ से बुधवार की सुबह जारी कुख्यात बाज़ारों की इस रिपोर्ट में मुंबई के मनीष मार्केट और लेमिंगटन रोड के अलावा हैदराबाद के शेनॉय ट्रेड सेंटर और हांगकांग बाज़ार का भी नाम शामिल है.

"यहां के दुकानदार आमतौर पर पुलिस के छापों के दौरान इन ग़ैरक़ानूनी सामनों को छिपाने में कामयाब रहते हैं और पुलिस के जाते ही ये सामान वापस दुकानों के काउंटर पर पहुंच जाते हैं."

अमरीकी रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार इन बाज़ारों में पाइरेटेड या नकली कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर, फ़िल्मों और संगीत की सीडी और ऑफ़िस उपकरणों की बिक्री खुलेआम होती है.

गफ़्फ़ार मार्केट के बारे में कहा गया है कि वहां नकली ब्रांडेड कपड़ों, जूतों, सौंदर्य प्रसाधन, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य सामानों की बिक्री होती है और ये सब कुछ आयात किया जाता है.

रिपोर्ट के अनुसार, “यहां के दुकानदार आमतौर पर पुलिस के छापों के दौरान इन ग़ैरक़ानूनी सामनों को छिपाने में कामयाब रहते हैं और पुलिस के जाते ही ये सामान वापस दुकानों के काउंटर पर पहुंच जाते हैं.”

अमरीकी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार अमरीका का निर्माण उद्योग हर साल 775 अरब डॉलर के सामान निर्यात करता है और चार करोड़ अमरीकी नौकरियां इन पर निर्भर हैं.

मंत्रालय का कहना है कि दुनियाभर के बाज़ारों में इन सामानों की नकल से ये अमरीकी नौकरियां ख़तरे में पड़ गई हैं.

पाक में कार्रवाई

पाइरेसी

पाइरेसी की समस्या लगातार बढ़ रही है

रिपोर्ट के अनुसार, “दवा, सौंदर्य प्रसाधन और गाड़ियों के पार्ट्स की नकल आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी ख़तरा है और इन्हें रोकने के लिए साझेदार देशों को फ़ौरन कदम उठाने की ज़रूरत है.”

इस रिपोर्ट में उन बाज़ारों का भी नाम होता है जहां की सरकारों ने क़ानूनी कार्रवाई करके उन पर रोक लगाई है और उन बाज़ारों को उस सूची से बाहर कर दिया जाता है.

इस ताज़ा रिपोर्ट में पाकिस्तान के लाहौर और कराची शहर के उर्दू बाज़ारों को लिस्ट से बाहर कर दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार वहां अधिकारियों ने नकली क़िताबों की चल रही बिक्री के ख़िलाफ़ कई बार कार्रवाई की है.

इस लिस्ट में उन वेबसाइटों का भी ज़िक्र है जिनके ज़रिए नकली सामानों की बिक्री होती है या जिनसे पाइरेटेड सॉफ़्टवेयर डाउनलोड किए जाते हैं.

इस पूरी लिस्ट में भारत समेत चीन, इंडोनेशिया, थाइलैंड, यूक्रेन, मेक्सिको, कोलंबिया, इक्वाडोर और परागवे का भी नाम शामिल है.

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