ईमेल कंपनी की अमरीकी सरकार को चुनौती

  • 5 फरवरी 2014
एडवर्ड स्नोडेन

एक निजी ईमेल सेवा लावाबिट ने अपनी एन्क्रिप्शन कीज़ को सरकार को सौंपने के एक सरकारी आदेश के ख़िलाफ़ अदालत में अपील की है.

विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला इंटरनेट गोपनीयता के लिहाज़ से मील का पत्थर साबित हो सकता है.

माना जाता है कि पूर्व अमरीकी ख़ुफ़िया कॉन्ट्रेक्टर एडवर्ड स्नोडेन इस ईमेल सेवा का इस्तेमाल करते थे.

एन्क्रिप्शन कीज़ गोपनीय दस्तावेज़ों और संदेशों को जटिल एल्गोरिथम में बदल देता है जिसको डिकोड करना मुश्किल होता है.

अगस्त 2013 में लावाबिट के मालिक लैडर लेवीसन को एक खाते के बारे में जानकारी देने के आदेश दिए गए थे जिसके बाद उन्होंने ईमेल सुविधा निलंबित कर दी थी.

इस खाते के मालिक का नाम अपुष्ट है लेकिन कई रिपोर्टों का मानना है यह स्नोडेन का खाता था.

अपराध में भागीदार

लेवीसन ने आंकड़े उपलब्ध कराने से मना कर दिया और एन्क्रिप्शन कीज़ जारी करने की मांग पर 11 पेज का प्रिंटआउट सौंपा था जिसमें एन्क्रिप्शन कीज़ के अंक छोटे आकार में अंकित थे और किसी काम के नहीं थे.

उन्होंने कहा कि एफ़बीआई को एन्क्रिप्शन कीज़ को उपयोगी रूप में देना उन 400,000 से अधिक खाताधारकों की सुरक्षा के साथ समझौता करना होगा जो यह मानते है कि उनके द्वारा किया गया संचार निजी है.

एन्क्रिप्शन कीज़ की इलेक्ट्रॉनिक प्रतियां सौंपने नहीं सौंपने पर उन्हें प्रतिदिन जुर्माने की धमकी दी गई.

उन्होंने बिना किसी चेतावनी के सेवा बंद कर दी और अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी करते हुए कहा, "मैं अमरीकी लोगों के खिलाफ अपराध में भागीदार नहीं बनूंगा."

वह अब अदालत में सरकार की कार्रवाई को चुनौती दे रहे हैं और डार्क मेल तकनीकी एलायंस नामक एक समूह में शामिल हो गए हैं जो एक नया एन्क्रिप्टेड ईमेल प्रोटोकॉल विकसित कर रहा है.

लेवीसन ने बीबीसी से एक सवाल के जवाब में कहा, "मैं सरकार पर तब विश्वास करता जब सरकार के काम में पारदर्शिता होती और मैं निश्चित कर पाता कि वे अपने अधिकार क्षेत्र का ग़लत इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. मैं उस सरकार पर भरोसा नहीं करता जो गोपनीय तरीक़े से काम करती हो."

बचाव

एन्क्रिप्शन कीज़
एन्क्रिप्शन कीज़ को डिकोड करना मुश्किल होता है.

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह उस दिन के बारे में सोचते है जब उन्हें अमरीका छोड़ना पड़ सकता है, इस पर उन्होंने कहा, "मैं सोचता हूं कि वह दिन आ सकता है जब अमरीका में लोगों को दिमागी आज़ादी नहीं होगी. दुख की बात है कि अगर ऐसा होता है तो मेरा नाम भी उन बहुत सारे अमरीकियों में होगा जो अपने देश को छोड़ देंगे."

अमरीकी सरकार के वकीलों ने पिछले साल के अंत में जारी किए गए अदालती दस्तावेज़ों में एफ़बीआई की कार्रवाई का बचाव किया है.

उनका मुख्य तर्क है कि एक व्यापारी अपने गेट बंद करके सर्च वारंट की कार्रवाई से बच नहीं सकता है. एक इलेक्ट्रॉनिक संचार सेवा प्रदाता अपने सिस्टम के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करने के लिए मना करके अदालत की ओर से दिए गए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आदेश के बच नहीं सकता है.

अदालत ने सरकार को केवल यूज़र के डेटा प्राप्त करने के लिए अनुमति दी है.

अन्य सभी डेटा किसी भी मानव आंख तक पहुँचे बिना, इलेक्ट्रॉनिक रूप से फिल्टर किया जाएगा .

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