परमाणु मुद्दे पर डील लंबे और मुश्किल रास्ते की शुरुआत: ईरान

  • 14 जनवरी 2014
हफ्ते भर में रुक जाएगा ईरानी परमाणु कार्यक्रम

ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ़ ने कहा है कि उनके देश के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर हुआ समझौता एक लंबे और मुश्किल रास्ते की शुरुआत भर है.

एक अंतरिम समझौते के तहत ईरान 20 जनवरी से अपने परमाणु कार्यक्रम को अस्थायी तौर पर रोक देगा जबकि बदले में पश्चिमी देश उसके खिलाफ लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में कुछ हद तक ढील देंगे.

लेबनान की राजधानी बेरुत में एक सम्मेलन के दौरान बीबीसी से बातचीत में मोहम्मद जवाद जरीफ़ ने कहा कि ये समझौता ईरान और पश्चिमी देशों के बीच भरोसा कायम करने की दिशा में एक कदम है.

पश्चिमी देशों को लंबे समय से संदेह रहा है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है जबकि वो इससे इनकार करता रहा है.

भरोसा बढ़ाने की कोशिश

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, “जिनेवा में हमारे बीच जिस समझौते पर सहमति हुई वो इस मुद्दे (ईरानी परमाणु कार्यक्रम) पर एक लंबे और मुश्किल रास्ते की शुरुआत भर है.”

उन्होंने कहा, “ये थोड़ा सा विश्वास बढ़ाने की कोशिश है, खास कर ईरान में, क्योंकि ईरान और पश्चिमी जगत के बीच भरोसे की बहुत कमी है.”

ईरान ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षक शनिवार को तेहरान पहुंचेंगे और समझौते पर अमल की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. समझौते के तहत ईरान अपने परमाणु प्रतिष्ठानों तक संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों को पहुंच मुहैया कराएगा.

ईरानी विदेश मंत्री का कहना है कि पश्चिमी जगत ने उनके देश के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह गलत समझा है. उन्होंने आशा जताई कि इस समझौते से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी विवाद खत्म होगा.

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अंतरिम समझौते का स्वागत किया लेकिन कहा कि अगर ईरान अपने वादे पूरे नहीं करेगा तो उसके खिलाफ़ प्रतिबंध और बढा दिए जाएंगे. लेकिन जब तक वो समझौते को लेकर गंभीर रहेगा, वो अमरीकी कांग्रेस में ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के प्रस्तावों को वीटो करते रहेंगे.

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