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विनिवेश की राह पर कितना कामयाब होगा पाकिस्तान?

 शनिवार, 11 जनवरी, 2014 को 12:23 IST तक के समाचार
इस्पात कारखाना (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के निजीकरण आयोग ने पाकिस्तान स्टील मिल्स, ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और तीन बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी को आंशिक तौर पर कम करके निजी क्षेत्र को देने की मंज़ूरी दे दी है.

आयोग ने गुरुवार को दो दिन की बैठक के बाद यह फ़ैसला किया.

राजधानी इस्लामाबाद में निजीकरण आयोग अध्यक्ष मोहम्मद ज़ुबैर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पाकिस्तान स्टील मिल्स, इस्लामाबाद और फ़ैसलाबाद की बिजली आपूर्ति कंपनियों के कम से कम 51 फ़ीसदी शेयरों के निजीकरण को मंज़ूरी दी गई.

आयोग ने ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी, एलाइड और यूनाइटेड बैंक की भी दस-दस फ़ीसदी सरकारी हिस्सेदारी जबकि हबीब बैंक के 20 प्रतिशत शेयर निजी स्वामित्व में देने की मंज़ूरी दी.

इसके अलावा पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड के पांच प्रतिशत शेयर बेचने का फ़ैसला किया गया है.क्लिक करें

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दूसरी ओर ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के कर्मचारियों ने निजीकरण की प्रक्रिया के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलन चलाने का ऐलान किया और पहले चरण में इस्लामाबाद में विरोध प्रदर्शन भी किया गया.

निजी स्वामित्व

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का एक विमान

निजीकरण आयोग की बैठक में विनिवेश प्रक्रिया के लिए आईएमएफ़ के साथ सरकारी वादों के मुताबिक वित्तीय सलाहकार नियुक्त करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया गया. वित्तीय सलाहकार का काम अपने कारोबारी अनुभव के नज़रिए से निजीकरण की प्रक्रिया के लिए सरकार को सलाह देना होगा.

इसके अलावा पाकिस्तान रेलवे की सेवाओं और व्यावसायिक क्षमता बढ़ाने और संस्थागत ढांचे में सुधार के लिए भी मार्च के अंत तक अलग से सलाहकार नियुक्त करने की मंज़ूरी दी गई है.

ग़ौरतलब है कि बुधवार को निजीकरण आयोग ने राष्ट्रीय हवाई कंपनी 'पीआईए' के 26 फ़ीसदी शेयर बेचने की मंज़ूरी दी.

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पीआईए के अलावा हेवी इलेक्ट्रिकल कॉम्प्लेक्स और नेशनल पावर कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के भी 51 प्रतिशत शेयर निजी स्वामित्व में देने का फ़ैसला किया गया है. इन फ़ैसलों को अब अंतिम मंज़ूरी के लिए कैबिनेट की निजीकरण समिति में पेश किया जाएगा.

निजीकरण प्रक्रिया से जुड़े संबंधित महत्वपूर्ण सूत्रों का कहना है कि दरअसल निजीकरण आयोग के बोर्ड की बैठक में लिए गए फ़ैसलों को अंतिम माना जाता है और ऐसा बहुत कम हुआ है कि कभी इसके निर्णय को पलटा गया हो.

वित्तीय पैकेज

लाहौर रेलवे स्टेशन

पाकिस्तान की सरकार ने रेलवे क्षेत्र में सुधार के लिए सलाहकार नियुक्त करने का फैसला किया है.

ग़ौरतलब है कि 2006 में तत्कालीन सरकार ने स्टील मिल्स का निजीकरण किया था और रूसी, सऊदी और पाकिस्तानी निजी कंपनियों के कंसॉर्टियम ने 21 अरब 67 करोड़ रुपए की बोली लगाकर पाकिस्तान स्टील के 75 फ़ीसदी शेयर हासिल कर लिए थे.

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हालांकि पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय ने बाद में स्टील मिल्स की बिक्री को अवैध करार दे दिया था और इस प्रकार यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी.

सोवियत संघ की वित्तीय और तकनीकी सहायता से बनने वाली स्टील मिल्स की गिनती पाकिस्तान की बड़ी परियोजनाओं में होती रही है, लेकिन एक वक़्त ऐसा भी था जब यह घाटे में थी और पिछले सरकार के कार्यकाल में उसे दिवालिया होने से बचाने के लिए वित्तीय पैकेज भी दिया गया था.

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