दक्षिण सूडान: हिंसा के भय से हज़ारों का पलायन

  • 9 जनवरी 2014
दक्षिण सूडान

दक्षिण सूडान के बेनटियू शहर में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तेल की बहुतायत वाले इस शहर को विद्रोहियों के चंगुल से छुड़ाने के लिए फ़ौज के हमले की आशंका के बीच हज़ारों स्थानीय लोग पलायन कर रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीथेड का कहना है कि कई लोग बेनटियू स्थित संयुक्त राष्ट्र के ठिकाने में शरण ले रहे हैं.

इस बीच, दोनों पक्षों के बीच संघर्ष-विराम के लिए बातचीत खटाई में पड़ती प्रतीत हो रही है. सरकार ने षड्यंत्र रचने के आरोप में 11 विद्रोहियों को जेल में बंद कर रखा है.

दक्षिण सूडान में जारी संघर्ष में कम से कम एक हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

इतना ही नहीं, डिंका और नूएर नामक दो समुदायों में जातीय हिंसा की वजह से दो लाख लोगों को अपना घर-बार छोड़कर भागना पड़ा है.

हिंसा की शुरुआत

झड़पों की शुरुआत बीते साल मध्य दिसंबर में तब हुई थी जब राष्ट्रपति सल्वा कीर ने उप राष्ट्रपति रिएक मशार पर उनका तख़्ता पलटने की साज़िश रचने का आरोप लगाया था.

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मशार ने इस आरोप से इनकार करते हुए अपने 11 सहयोगियों को बिना शर्त रिहा करने की मांग की थी जिन्हें कथित साज़िश के आरोप में पकड़ा गया था.

बुधवार को राष्ट्रपति सल्वा कीर ने क्षेत्रीय मध्यस्थता में बातचीत में शामिल होने के लिए इन लोगों को रिहा करने की पेशकश की थी.

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लेकिन साथ ही कहा था कि बातचीत के बाद इन लोगों को वापस क़ैद में लौटना होगा. मशार के सहयोगियों ने इस पेशकश को फ़ौरन ठुकरा दिया था.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़, ऐसा माना जाता है कि सरकारी फ़ौज बेनटियू शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर है. ये शहर तेल-बहुल यूनिटी स्टेट की राजधानी है.

तेल उत्पादन में गिरावट

यूनिटी स्टेट का महत्व है कि तेल की प्रचुरता की वजह से ये दक्षिण सूडान के लिए विदेशी मुद्रा कमाने का प्रमुख ज़रिया है.

लेकिन जब से संघर्ष आरंभ हुआ है, तेल के उत्पादन में 20 प्रतिशत की गिरावट आई है.

दक्षिण सूडान

बेनटियू और बोर, देश के दो प्रमुख शहर है जिन पर विद्रोहियों ने क़ब्ज़ा जमा लिया है.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक़, सेना के प्रवक्ता फ़िलिप एग्यूर का कहना है कि बोर के आसपास भी लड़ाई होती रही है जहां फ़ौज ने दोबारा नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया है.

एएफपी का कहना है कि जब उसके संवाददाता बोर से दक्षिण में 25 किलोमीटर दूर मिनकामेन पहुंचे तो पाया कि वहां से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं.

एएफपी की ख़बरों में कहा गया है कि यहां भारी गोलाबारी की भी आवाज़ें सुनी गई हैं.

दक्षिण सूडान कहाँ है?

दक्षिण सू़डान विश्व का नवीनतम देश है जो सूडान से वर्ष 2011 में अलग होकर स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर अस्तित्व में आया था.

यह अफ्रीका महाद्वीप के केंद्र में स्थित है और इसकी सीमा छह देशों से सटी है.

दक्षिण सू़डान

यह प्राकृतिक तेल के लिहाज से संपन्न देश है. पिछले कुछ सालों से यहां गृह युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है.

वैसे यह दुनिया के सबसे कम विकसित इलाकों में शामिल है. यहां केवल 15 फ़ीसदी नागरिकों के पास मोबाइल फ़ोन मौजूद है.

स्पेन और पुर्तगाल के संयुक्त क्षेत्रफल से भी बड़े इलाके दक्षिण सू़डान में सड़कें कहीं-कहीं ही नज़र आती हैं.

यही वजह है कि यहां परिवहन और कारोबार का मुख्य ज़रिया नील नदी है. दक्षिण सूडान में आज भी लोगों की संपन्नता की निशानी उनके मवेशियों की संख्या होती है.

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