आखिर कौन हैं मिखाइल खोदोरकोफ़्स्की?

  • 23 दिसंबर 2013
मिखाईल खोदोरकोफ़्स्की

मिखाइल खोदोरकोफ़्स्की एक समय रूस के सबसे अमीर व्यक्ति थे लेकिन उन्हें साल 2003 में क़ैद कर लिया गया था. हाल के दिनों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें माफ़ी दी तो वो सुर्ख़ियों में आ गए.

वित्तीय जगत की पत्रिका फ़ोर्ब्स ने एक वक्त उनकी दौलत की कीमत 15 अरब डॉलर आंकी थी.

हालांकि इस वक़्त रूस के जो सबसे धनवान व्यक्ति अलीशर उस्मानोव हैं, उनकी दौलत को 17 अरब डॉलर से अधिक आंका गया है. खोदोरकोफ़्स्की के पास मेनाटेप नाम का एक बैंक था जिससे उन्होंने शुरूआती दिनों में खूब दौलत कमाई लेकिन उन्हें सबसे ज़्यादा फायदा जिस कंपनी से मिला वो थी यूकोस ऑयल.

(ताकत के मामले में पुतिन आगे)

वो रूस के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन के शासनकाल के दौरान उन गिने-चुने व्यापारियों में से थे जो क्रेमलिन के क़रीबी माने जाते थे और इन लोगों ने येल्तसिन के दोबारा चुनाव के समय अपना बहुत धन लगाया था.

लेकिन साल 2000 में व्लादीमीर पुतिन के राष्ट्रपति चुनाव में जीतने के बाद हालात बदल गए और नई सत्ता ने येल्तसिन के वक्त किए गए सभी आर्थिक सुधारों को खत्म कर दिया.

खोदोरकोफ़्स्की ने उस वक्त पुतिन के विरोधी उदारवादी विपक्षी राजनीतिक दलों की मदद की, जिसका खामियाजा उन्हें यूं भुगतना पड़ा कि उन्हें टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. एक वक्त में कहा जाता था कि खोदोरकोफ़्स्की पुतिन को राजनीतिक तौर पर चुनौती दे सकते हैं.

माफी

रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन
पुतिन ने खोदोरकोफ़्स्की की रिहाई को मानवता के आधार पर लिया गया फ़ैसला बताया है

लेकिन खोदोरकोफ़्स्की को बाद में न सिर्फ़ साइबेरिया की जेल में भेज दिया गया जहां उनकी रोज़ की मेहनत के एवज़ में उन्हें एक डॉलर से भी कम मेहनताना मिलता था, बल्कि उनकी सज़ा ख़त्म होने पर उन पर नए आरोप तय कर उनकी कैद की अवधि बढ़ा दी गई.

(पुतिन की भारत यात्रा)

उन्हें गुरूवार को कैद से रिहा कर दिया गया. राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने कहा कि उन्हें मानवता के आधार पर रिहा किया जा रहा है क्योंकि खोदोरकोफ़्स्की ने कहा है कि उनकी मां बीमार हैं.

खोदोरकोफ़्स्की पर टैक्स की चोरी के अलावा विरोधी राजनीतिक दलों को पैसे देने का भी आरोप लगाया गया था.

चंद दिनों पहले ही रूस की संसद ने एक नया विधेयक पारित किया है जिसके लागू होने के बाद कई लोगों को कैद से रिहाई मिली है. रिहा होने वाले लोगों में विरोध के गीत गाने वाला पुसी बैंड भी शामिल था.

माना जा रहा है कि खोदोरकोफ़्स्की और दूसरे लोगों को माफ़ करके कैद से रिहाई देकर रूस अपने मानवाधिकार के रिकॉर्ड को बेहतर करने की कोशिश कर रहा है.

हाल के माफीनामे वाले क़ानून के तहत करीब 20,000 लोगों को छोड़ा जाएगा. कहा जा रहा है कि फरवरी में सोची में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक के मद्देनज़र ये कदम उठाया जा रहा है. जानकारों का मानना है कि पुतिन अब खोदोरकोफ़्स्की को राजनीतिक तौर पर उतना ख़तरनाक नहीं मानते हैं.

रिहाई के बाद खोदोरकोफ़्स्की ने कहा कि वो राजनीति से दूर ही रहेंगे.

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