रूस की मिसाइलों ने बढ़ाई यूरोप में चिंता

  • 18 दिसंबर 2013
इस्कांदर मिसालइ प्रणाली
यह रूस और अमरीका के बीच टकराव का एक प्रमुख मुद्दा है

रूस के कालिंग्राद इलाक़े से सटे यूरोपीय देश लिथुआनिया और पोलैंड ने एक बयान में जारी कर उन ख़बरों पर चिंता जताई है, जिनमें कहा गया है कि रूस ने वहाँ परमाणु हथियार संपन्न मिसाइलें तैनात की हैं.

रूस ने इन ख़बरों की पुष्टि नहीं की है लेकिन कहा है कि अपने पश्चिमी इलाक़े में मिसाइलें तैनात करने का अधिकार उसके पास है.

अमरीकी स्वामित्व वाले यूरोपीय मिसाइल रक्षा प्रणाली को देखते हुए रूस बहुत पहले से कालिंग्राद में कम दूरी तक मार करने वाली इस्कंदर मिसाइल प्रणाली तैनात करने की चेतावनी देता रहा है.

अमरीका से टकराव

इस मिसाइल रक्षा प्रणाली को रूप अपने परमाणु हथियारों के लिए धमकी के रूप में देखता है.

यह अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज डब्लू बुश और रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच टकराव का एक प्रमुख मुद्दा था.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा रूस के साथ अपने रिश्तों को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं. इस मिसाइल रोधी प्रणाली को संशोधित किया गया था. लेकिन यह अभी भी एक दूसरे रूप में बचा हुआ है और रूस से दुश्मनी बनी हुई है.

अमरीका का कहना है कि यह मिसाइल रोधी प्रणाली का मक़सद रूस को लक्ष्य करना नहीं है बल्कि इसे दुश्मन देशों की ओर से यूरोप पर किसी हमले से बचाव करने के लिए बनाया गया है.

रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ईगोर कानोश्कोव ने जर्मनी के अख़बार 'बिल्ड' में छपी उस ख़बर की पुष्टि नहीं की है, जिसनें कालिंग्राद इलाके में इस्कंदर मिसाइल प्रणाली तैनात करने की बात कही गई है.

उल्लंघन नहीं

लेकिन उन्होंने कहा,''पश्चिमी ज़िले की मिसाइल और तोपखाना बल ने निश्चित तौर पर इस्कंदर मिसाइल प्रणाली की संस्तुति की है.''

प्रवक्ता ने कहा कि रूस की यह तैनाती किसी अंतरराष्ट्रीय संधी या समझौते का उल्लंघन नहीं है.

पश्चिम सैन्य ज़िले में पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी रूस के इलाक़े आते हैं. कालिंग्राद इसी का हिस्सा है, जो रूस को पोलैंड, लिथुआनिया और बाल्टिक सागर से अलग करता है.

रूसी अख़बार इज़वेस्तिया ने सोमवार को ख़बर दी थी कि उस इलाक़े में मिसाइल को एक साल से पहले ही तैनात कर दिया गया था.

लिथुआनिया के रक्षा मंत्री ज़ुओज़ास ओलकास ने कहा, ''मैं उन ख़बरों को लेकर चिंतित हूं जिसमें कहा गया है कि रूस कालिंग्राद में तैनात मिसाइल प्रणाली का आधुनिकिकरण कर रहा है.''

उन्होंने कहा, ''बाल्टिक और नैटो देशों से लगे इस इलाक़े का और सैन्यकरण तनाव पैदा करेगा. हम स्थिति पर क़रीब से नज़र रखे हुए हैं.''

वहीं पोलैंड के विदेश मंत्री ने कहा, ''कालिंग्राद में नई इस्कांदर-एम रॉकेट की तैनाती की योजना चिंता पैदा कर रही है.''

उन्होंने कहा, "इस तरह की तैनाती ख़ासतौर पर इस इलाक़े में पोलैंड-रूस के प्रभावी सहयोग के विपरीत होगा. यह रूस और नैटो के बीच सकारात्मक बातचीत को भी कमज़ोर करेगा. हम इस मुद्दे को रूस के साथ हमारे संपर्क माध्यमों के ज़रिए उठा रहे हैं."

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