गाइड कुत्ते दिखा रहे हैं स्कूल की राह

  • 11 नवंबर 2013
हान्ना और गाइड कुत्ता रोरी

तीन साल पहले ब्रिटेन की गाइड डॉग चैरिटी (पथ प्रदर्शक कुत्तों की कल्याणकारी संस्था) ने अपने नियम बदल दिए थे ताकि दृष्टिबाधित बच्चों को भी सहायक कुत्ते मिल सकें.

लेकिन तीन साल बाद अब भी सवाल यह है कि क्या स्कूल के भागादौड़ी के माहौल में बच्चों को एक गाइड कुत्ते से कितनी मदद मिल सकती है?

मिल्टन केन्यस के स्टेटनबरी कैंपस में 15 वर्षीय हान्ना बर्गस भी एक छात्रा हैं. इस स्कूल में करीब 3,000 विद्यार्थी हैं और यह ब्रिटेन का दूसरा सबसे बड़ा स्कूल है.

हान्ना अपने गाइड कुत्ते को पिछले दो साल से स्कूल ले जा रहे हैं. पहले वह एक सफ़ेद छड़ी का इस्तेमाल करती थीं.

पूरा यकीन

हान्ना कहती हैं, "पहले मैं उसके साथ (रोरी) सिर्फ़ गलियो के प्रशिक्षण मार्ग पर ही चली थी- मुझे नहीं लगता था कि मेरी क्लास के दौरान वह फ़र्श पर बैठ जाएगा और सो जाएगा, जैसा कि वह करता है. स्कूल में उसके पहले दिन से ही मुझे पता चल गया था कि वह कितना शानदार रहेगा."

कैंपस में करीब-करीब सभी लोग हान्ना के कुत्ते को जानते हैं. दो लड़के उसे देखते हुए 'रोएरी द रेसिंग कार' गाना गाते हुए गुज़र जाते हैं.

हान्ना इस पर ध्यान नहीं देतीं, "ज़्यादातर लोगों को अब कुत्ते को लेकर दिक्कत नहीं होती. कई बार मुझे परेशानी होती है लेकिन यह इतना बुरा नहीं है. कुछ लोग उसे देखकर चिल्लाते हैं और भाग जाते हैं- उन्हें लगता है कि यह मज़ेदार है. फिर यह ठीक हो जाता है. सितंबर में एक नए छात्र आते हैं और यह सब फिर शुरू हो जाता है. लेकिन कोई बात नहीं."

हान्ना पूरी तरह अंधी नहीं है लेकिन उसे रंजकहीनता और उससे जुड़ी नीस्टाग्मस है. इनकी वजह से उसे नज़र केंद्रित करने में दिक्कत होती है.

रोरी उसे पटरी को पहचानने में, लैंपपोस्ट से टकराने से बचने में मदद करत है और हान्ना अब उसकी मदद से सीढ़ियों और ढलान को पहचानने में ग़लती नहीं करती.

हान्ना और गाइड कुत्ता रोरी
रोरी के साथ हान्ना अब स्कूल के बाहर के क्रियाकलापों में भी हिस्सा ले सकती है.

रोरी ने कई बार उसे किसी कार के आगे आने से बचाया है. वह कहती हैं, "मैं उस पर पूरी तरह विश्वास करती हूं."

कोई दिक्कत नहीं

यही नहीं रोरी की वजह से उसके कुछ दोस्त भी बन गए हैं.

वह हंसती हुई कहती हैं, "अब मेरे सचमुच कुछ दोस्त हैं. उसने मुझे जाकर लोगों से बात करने का आत्मविश्वास दिया है- वह बातचीत शुरू करने में माहिर है."

अब हान्ना और उसकी दोस्त भोजनावकाश के वक्त स्कूल के अंदर ही रुकते हैं क्योंकि इस दौरान रोरी को बाहर नहीं ले जाना चाहिए.

लेकिन चाहे कितना भी प्रशिक्षित हो कुत्ता आखिर कुत्ता ही होता है.

हान्ना बताती हैं, "पहले दिन जब मैं उसे लेकर क्लास में गई तो वह फ़्लोर पर कुछ ख़राब महसूस कर रहा था और मेरी अंग्रेज़ी की शिक्षक उस पर चढ़ गईं. इसके अलावा मैं जब उसे लेकर बाहर गई तो फ़र्श पर लोमड़ी का अवशिष्ट पड़ा था- रोरी उसमें लोट गया और मुझे उसे वैसे ही लेकर क्लास में वापस आना पड़ा."

विद्यालय में समावेशन के मुखिया गेरी ओनील कहते हैं कि उन्होंने कभी किसी के मुंह से नहीं सुना कि स्कूल में कुत्ता नहीं होना चाहिए.

हालांकि रोरी विज्ञान की कक्षाओं में, खाने के प्रैक्टिकलों में और पीई कक्षाओं में नहीं जाता है क्योंकि इनमें उसका "ध्यान अनुचित रूप से भटक सकता है".

अगर कोई दिक्कत हो भी जाती है तो तो उसे आसानी से दूर किया जा सकता है.

गाइड कुत्तों के लिए कोवेंट्री मोबिलिटी टीम मैनेजर, ग्राहम केनसेट संस्था के बच्चे और युवाओं के प्रोजेक्ट से जुड़े हुए हैं.

हान्ना और गाइड कुत्ता रोरी

वह कहते हैं शिक्षकों को हमेशा यह चिंता रहती है कि कुत्ते से विद्यार्थी उत्तेजित हो सकते हैं लेकिन होता इसके विपरीत ही है.

ज़िम्मेदार

केनसेट कहते हैं कि ज़्यादातर स्कूल कुत्तों को लाने के लिए तैयार हो रहे हैं.

उनके बताते हैं, "कभी-कभी ऐसे बच्चे जिन्हें एलर्जी होती है वह ऐतराज़ करते हैं लेकिन ऐसे में हम स्कूल को कुछ बदलाव करने के लिए मनाते हैं. हालांकि एलर्जी बहुत कम ही होती हैं."

पहले स्कूल के विद्यार्थियों को गाइड कुत्तों को अपने साथ ले जाने की इजाज़त नहीं थी क्योंकि ऐसा माना जाता था कि वह इतने समझदार नहीं होते कि उन्हें एक जानवर की ज़िम्मेदारी दी जा सके. आखिर उसके खाने, टहलाने, शौच करवाने की ज़रूरत होती है.

हान्ना कहती हैं कि कुत्ता एक बड़ी ज़िम्मेदारी है. उन्हें जल्दी ही महसूस हो गया कि अगर वह रोरी को अपने पास रखना चाहती हैं तो उन्हें भी चीज़ें तेज़ी से करना सीखना होगा.

वह कहती हैं, "उसने मुझे एक दिनचर्या में ढाल दिया है., वह मुझे देर हो जाने से रोकता है, वह मुझे चीज़ें भूलने से रोकता है. क्योंकि मुझे ही उसके लिए सारी चीजें करनी होती हैं इसलिए मुझे खुद ही चीज़ें करने का ख़्याल रहता है."

हान्ना कहती हैं कि रोरी ने उन्हें ज़्यादा ज़िम्मेदार बना दिया है.

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