युद्ध कैदियों को प्रताड़ित करने में मदद करते थे चिकित्सक

  • 4 नवंबर 2013

अमरीका सेना के अधीन काम करने वाले चिकित्सक और नर्सें चरमपंथी संदिग्धों को दी जाने वाली यातानाओं में सहभागी हुआ करते थे. एक नई स्वतंत्र अमरीकी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.

इस रिपोर्ट में कहा है कि पेशेवर चिकित्सक कैदियों को दी जाने वाली यातनाओं और अमानवीय और बदतर व्यवहार के तरीके तैयार करते थे और उसमें शामिल भी हुआ करते थे. यह रिपोर्ट सेना, स्वास्थ्य, नीति शास्त्र और कानूनी विशेषज्ञों को तटस्थ समूह ने तैयार की है.

दूसरी ओर, सीआईए और पेंटागन ने इस रिपोर्ट को सिरे से ख़ारिज कर दिया है. इस अध्ययन को इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीसिन और द जॉर्ज सोरोस फंडेड ओपन फ़ाउंडेशन ने दो वर्ष में पूरा किया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सांठ-गांठ अमरीका में 11 सितंबर 2011 को हुए हमले के बाद अफ़गानिस्तान और क्यूबा में ग्वांतानामो खाड़ी स्थित अमरीकी जेलों और सीआईए के गुप्त नज़रबंदी स्थलों पर शुरू हुई.

रिपोर्ट के सह लेखक लियोनार्ड रूबेनस्टीन ने बीबीसी के न्यूज़डे प्रोग्राम में बताया कि "इस रिपोर्ट से चिकित्सक समुदाय के ग्वांतानामो और अन्य स्थानों पर यातनाओं के इतिहास और कैदियों के साथ दुर्व्यवहार का पता चला है."

"हमने पाया कि रक्षा विभाग और सीआईए ने वास्तव में कैदियों को यातना पहुंचाने में स्वास्थ्य पेशेवरों को शामिल करने के लिए मूल नैतिक पैमानों में तब्दीली कर दी है."

चिकित्सकों की भागीदारी

रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि, वाटरबोर्डिंग जैसे कुछ तरीकों पर अब पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, कैदियों को जबरन खिलाने के लिए अभी भी डॉक्टरों की ज़रूरत बनी रहती है जिसमें ग्वांतनामो खाड़ी के कैदी भी शामिल हैं.

जॉन्स हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ़ हेल्थ स्थित सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड पब्लिक हेल्थ में वरिष्ठ शोध छात्र रूबेनस्टीन ने कहा कि " एक उदाहरण कैदियों को जबरन खिलाने और नियंत्रण कुर्सियों के इस्तेमाल में चिकित्सकों के शामिल होने का है, जो विश्व चिकित्सा संगठन और अमरीकी चिकित्सा समूहों के नैतिक मूल्यों का उल्लंघन करता है."

दूसरा उदाहरण, चिकित्सकों के कैदियों के साथ पूछताछ में शामिल होने का है, जहां वे उन नाजुक क्षणों को ढूंढने की फ़िराक में रहते हैं, जिसका सैनिक अधिकारी फ़ायदा उठा सकते हैं.

इस रिपोर्ट में अमरीकी सिनेट ख़ुफ़िया समिति का आह्वान करते हुए कहा गया है कि वो जेलों में प्रचलित चिकित्सीय परिपाटियों की जांच करवाए.

सीआईए, पेंटागन का इनकार

सीआईए और पेंटागन ने इस रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया है. सीआईए के लोक मामलों के प्रमुख डीन बोएड ने कहा कि "रिपोर्ट में कई गंभीर त्रुटियां हैं और गलत निष्कर्ष निकाले गए हैं." उन्होंने कहा कि "यह समझना महत्वपूर्ण है कि सीआईए की अपनी हिरासत में कोई कैदी नहीं है और राष्ट्रपति ओबामा ने वर्ष 2009 में एक आदेश पारित कर हिरासत में ले कर पूछताछ पर रोक लगा दी है."

दूसरी ओर, पेंटागन के प्रवक्ता टॉड ब्रिएस्सेल ने कहा कि "कैदियों की देखभाल से जुड़ा कोई भी व्यक्ति कैदियों, उनके चिकित्सीय रिकॉर्ड या ग्वांतानामो की कार्रवाइयों की जानकारियां हासिल नहीं कर सकता है."

उन्होंने बताया कि ग्वांतानामो में काम करने वाले चिकित्सक और नर्सें "उत्कृष्ट पेशेवरों" के तौर पर काम करते हैं. ब्रिएस्सेल ने कहा कि "वे इन कैदियों को न केवल नियमित रूप से बेहतर चिकित्सा सेवाएं देते थे, बल्कि विश्व स्तरीय चिकित्सीय पेशे की श्रेष्ठ सुविधाएं भी मुहैया करवाते थे."

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