पाक में अमरीका पर भारी ग़ुस्सा, शरीफ करेंगे बैठक

  • 3 नवंबर 2013
हकीमुल्ला की मौत पर प्रदर्शन
महसूद की मौत के बाद कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए हैं

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ अपने सुरक्षा मंत्रिमंडल की एक आपात बैठक कर रहे है जिसमें शुक्रवार को हुए ड्रोन हमले में तहरीक-ए-तालिबान के प्रमुख हकीमुल्ला महसूद की मौत के उपजी स्थिति से निपटने पर गौर गिया जाएगा.

पाकिस्तान ने अमरीका पर अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करने और जानबूझकर तालिबान के साथ होने वाली बातचीत में बाधा डालने का आरोप लगाया है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि तालिबान के साथ बातचीत पाकिस्तान का अंदरूनी मामला है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय के बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि चरमपंथी हिंसा को खत्म करना पाकिस्तान और अमरीका दोनों के ही रणनीतिक हित में है.

बयान के मुताबिक अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती है कि महसूद शुक्रवार को मारे गए गए हैं या नहीं.

उधर पाकिस्तान में अमरीकी राजदूत को तलब कर शुक्रवार को हुए ड्रोन हमले पर विरोध जताया गया जिसमें महसूद के मारे जाने की बात कही जा रही है.

'शांति कोशिशों पर हमला'

इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा कि इस हमले में तालिबान नेता की मौत 'सिर्फ एक आदमी की मौत नहीं है, बल्कि ये सभी शांति प्रयासों की भी मौत है.'

ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन बाद ही पाकिस्तानी शिष्टमंडल महसूद से मिलने उत्तरी वजीरिस्तान जाने वाला था.

निसार ने अमरीका पर तालिबान के साथ शांति प्रयासों को धक्का पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि अमरीका के साथ हर तरह के सहयोग पर नए सिरे से विचार किया जाएगा.

वहीं सूचना मंत्री परवेज रशीद ने कहा, “अमरीका ने ड्रोन के जरिए शांति वार्ता पर हमला करने की कोशिश की है लेकिन हम इस नाकाम नहीं होने देंगे.”

दूसरी तरफ अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “तहरीके तालिबान के साथ बातचीत करना या ना करना पाकिस्तान का अंदरूनी मामला है, और आप इस बारे में ज्यादा जानकारी पाकिस्तान की सरकार से ही लें.”

अमरीकी प्रवक्ता ने कहा, “पाकिस्तान के साथ संबंधों के सभी पहलुओं और चरमपंथी हिंसा को खत्म करने के साझा रणनीतिक हितों को लेकर हमारी बातचीत जारी है ताकि क्षेत्र को अधिक समृद्ध, स्थिर और शांतिपूर्ण बनाया जा सके.”

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री देश में जारी चरमपंथी हिंसा को रोकने की कोशिश तालिबान से बातचीत करना चाहते थे.

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