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सऊदी अरब को 'मनाने' पहुंचे अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी

 सोमवार, 4 नवंबर, 2013 को 04:19 IST तक के समाचार
जॉन केरी

मध्य पूर्व एशिया और अफ्रीका के नौ दिवसीय दौरे पर मिस्र में मौजूद अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी रविवार को सऊदी अरब पहुँच गए हैं.

सऊदी अरब उनके दौरे का दूसरा पड़ाव है. मिस्र के क़ाहिरा में वो तब पंहुचे थे जब सोमवार से वहां सत्ता से बेदख़ल किए गए पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी पर मुक़दमा शुरू होगा.

सऊदी अरब के दौरे के बीच जॉन केरी वहां के शासक अबदुल्लाह से मिलेंगे जहां सीरिया और ईरान के साथ परमाणु वार्ता के मामले पर विचार विर्मश हो सकता है.

अमरीका के मध्य-पूर्व में सबसे गहरे राजनयिक मित्र सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य की सीट स्वीकार करने से इंकार कर दिया था.

जानकारों का मानना है कि सऊदी अरब अमरीका के सीरिया मामले में की गई कार्यवाई और ईरान से बातचीत को लेकर नाराज़ है.

निष्पक्ष क़ानून व्यवस्था

क़ाहिरा में अपनी मौजूदगी के बीच जॉन केरी ने कहा कि अंतरिम सरकार आपातकाल के समय को आगे न बढ़ाए.

उन्होंने अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी के मुक़दमे की सुनवाई में निष्पक्षता की भी अपील की.

जॉन केरी

जॉन केरी ने कहा कि मिस्र के साथ अमरीकी सहयोग जारी रहेगा.

क़ाहिरा में बीबीसी संवाददाता के मुताबिक मोरसी के मुक़दमे की सुनवाई का स्थान बदल दिया गया है. ताकि मोरसी समर्थकों के प्रदर्शनों की कोशिश पर लगाम लगाई जा सके.

मिस्र के विदेश मंत्री नबील फ़हमी से मुलाक़ात के बाद जॉन केरी ने कहा कि अमरीका मिस्र के साथ मिलकर काम करने के अपने संकल्प पर क़ायम है.

उन्होंने कहा कि अमरीका मिस्र में लोकतंत्र की स्थापना चाहता है और किसी भी तरह की हिंसा की आलोचना करता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमरीका मिस्र की जनता की मदद करना जारी रखेगा.

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नागरिक सरकार

अमरीकी मदद रोके जाने के बारे में जान केरी ने कहा, "यक़ीनन हम जानते हैं कि आर्थिक मदद, जो कुछ वक़्त के लिए रुक गई, उसके बारे में जो फ़ैसला हुआ है उसे कई स्थानों पर अच्छी तरह से नहीं देखा गया. लेकिन ये सज़ा नहीं थी बल्कि ये अमरीका में हमारे क़ानून के तहत जो नीतियाँ हैं उसका नतीज़ा था. किसी देश में सरकार बदलने के बाद अगर कुछ घटनाएं होती हैं तो उसके बारे में हमारे यहाँ अमरीकी कांग्रेस से पारित किया गया एक क़ानून मौजूद है हम उससे बंधे हुए हैं."

ग़ौरतलब है कि जुलाई में मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्म मोरसी को सेना द्वारा सत्ता से हटा दिए जाने के बाद हिंसक प्रदर्शन हुए थे.

मोहम्मद मोर्सी

राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को जुलाई में सत्ता से बेदखल कर दिया गया था.

केरी ने यह भी कहा कि मिस्र का भविष्य और अमरीका के साथ उसके संबंध लोकतंत्र की स्थापना पर निर्भर हैं. उन्होंने कहा, "अमरीका मानता है कि मिस्र और अमरीका के रिश्ते तब मजबूत होंगे जब मिस्र का प्रतिनिधित्व क़ानून के आधार पर काम करने वाली एक चुनी हुई लोकतांत्रिक और समावेशी सरकार करेगी और मिस्र में बुनियादी स्वतंत्रता और प्रतियोगी अर्थव्यवस्था होगी."

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मोरसी की सुनवाई

मोरसी को सत्ता से हटाए जाने के बाद से ही मिस्र में तनाव है और सोमवार से मोरसी के ख़िलाफ़ मुक़दमा शुरू होगा जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण होने की आशंका है. मिस्र में काम कर रहे मानवाधिकार समूहों का कहना है कि मिस्र की फ़ौज किसी जवाबदेही के डर के बग़ैर ही कार्रवाई कर रही है.

समर्थकों का कहना है कि मोरसी को सैन्य तख़्तापलट करके सत्ता से हटाया गया है और उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा राजनीति से प्रेरित है.

जॉन केरी के क़ाहिरा दौरे को उनके क़ाहिरा पहुँचने तक ख़ुफ़िया रखा गया था. यह पहली बार हुआ है जब अमरीका के किसी विदेश मंत्री ने सुरक्षा कारणों की वज़ह से अपने मिस्र दौरे को ख़ुफ़िया रखा हो. मोरसी को सत्ता से हटाए जाने के बाद ये अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी का पहला मिस्र दौरा है.

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