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ऐपल बनाम माइक्रोसॉफ़्ट: लड़ाई दोबारा शुरू

 गुरुवार, 24 अक्तूबर, 2013 को 09:19 IST तक के समाचार
ऐपल, विंडोज़

बीते मंगलवार को दो बड़े प्रोडक्ट लॉन्च हुए. दोनों ही लॉन्च से इस तरह के संकेत मिले कि एक पुरानी होड़ फिर शुरू हो रही है.

20 साल तक माइक्रोसॉफ़्ट और ऐपल का झगड़ा जारी रहा, बिल गेट्स की माइक्रोसॉफ़्ट गोलिएथ की तरह थी और स्टीव जॉब्स की ऐपल डेविड की तरह, लेकिन ये झगड़ा ऐसा रहा जिसका ज़्यादा मतलब नहीं था. फिर ऐपल के आईपॉड, आईफ़ोन और आईपैड के आने के बाद प्रतियोगिता तेज़ हुई और हाल के सालों में दोनों कंपनियों के निशाने पर गूगल थी.

लेकिन मंगलवार को ऐपल के कार्यक्रम की ख़ास बात ये थी कि इसमें ऐपल की माइक्रोसॉफ़्ट से होड़ के नए सिरे से शुरू होने के संकेत मिले.

इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी नए और महंगे कम्प्यूटर के लॉन्च से जो कि टैबलेट के उभार के बाद बेकार पड़ते जा रहे हैं.

ऐपल के सीईओ टिम कुक ने लोगों को बताया कि कारोबार का ये हिस्सा (जिससे ऐपल को मुनाफ़े का बहुत कम हिस्सा मिलता है) अब भी बहुत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने एक और कंपनी का मज़ाक उड़ाया 'जिसे पता नहीं है कि वो टैबलेट को पीसी बनाना चाहती है या पीसी को टैबलेट'.

इसी हफ़्ते माइक्रोसॉफ़्ट का सरफ़ेस 2 बिकना शुरू हुआ है और ऐसे में साफ़ था कि उनका इशारा किस की तरफ़ है.

'मुफ़्त' की प्रतियोगिता

विंडोज़ लूमिया 1020

लेकिन सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली बात थी कुक का ये एलान कि ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टम के नए संस्करण 'मैवरिक्स' को कोई भी मुफ़्त में डाउनलोड कर सकेगा और आईवर्क ऐप्स अब ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टम वाली हर डिवाइस पर मुफ़्त में मिलेंगे.

आईवर्क ऐप्स माइक्रोसॉफ़्ट के ऑफ़िस सॉफ़्टवेयर की तरह ही है.

भले ही जो लोग ये मानते हैं कि किसी सॉफ़्टवेयर के लिए पैसे चुकाने की बात पुरानी पड़ चुकी है उन्हें ये बड़ी बात न लगे लेकिन माइक्रोसॉफ़्ट के लिए ये चिंता की बात हो सकती है.

माइक्रोसॉफ़्ट विंडोज़ और ऑफ़िस के लिए अब भी पैसे वसूलती है और ऐपल का ये कदम माइक्रोसॉफ़्ट के कारोबारी मॉडल के लिए सीधी चुनौती है.

लेकिन इस बात के भी सबूत हैं कि माइक्रोसॉफ़्ट अब वहां आगे बढ़ रही है जहां ऐपल ने इसे काफ़ी पहले पीछे छोड़ दिया था और वो है मोबाइल फ़ोन.

मैं अबु धाबी से नोकिया वर्ल्ड का कार्यक्रम देख रहा था और मेरे मन में दो सवाल थे - क्या विंडोज़ फ़ोन ऑपरेटिंग सिस्टम रफ़्तार पकड़ रहा है, ख़ास तौर पर नए नोकिया लूमिया फ़ोन में?

और दूसरा सवाल ये कि क्या इसका मतलब ये हुआ कि नोकिया के बोर्ड ने अपने फ़ोन कारोबार को बिलकुल ग़लत वक़्त पर बेचा?

माइक्रोसॉफ़्ट सरफ़ेस 2

माइक्रोसॉफ़्ट सरफ़ेस 2 बीते हफ़्ते ही बिकना शुरू हुआ है.

नोकिया के सीईओ स्टीफ़न एलॉप ने कुछ बेहद असरदार नए प्रोडक्ट और सॉफ़्टवेयर लॉन्च किए, जिनसे माइक्रोसॉफ़्ट का मुनाफ़ा बढ़ेगा.

लूमिया बड़ा होता जा रहा है, 1520 फ़ैबलेट के साथ और नोकिया ने आखिर एक टैबलेट लूमिया 2520 पेश किया है, जो विंडोज़ आरटी ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलेगा.

विंडोज़ के लिए अवसर

ऐपल के लिए सोचने वाली बात ये है कि इसे माइक्रोसॉफ़्ट में किस तरह से देखा जाएगा जहां सरफ़ेस टैबलेट में इतना निवेश किया गया है.

लेकिन नोकिया ने बीते कुछ महीनों में जिस तरह से कुछ नए प्रोडक्ट पेश किए हैं वो वाकई दमदार हैं, ख़ास तौर पर मोबाइल फ़ोन फ़ोटोग्राफ़ी क्योंकि लूमिया 1020 में सबसे एडवांस कैमरा है.

इसका असर बिक्री पर भी दिख रहा है, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ख़बर दी कि बीती तिमाही में 80 लाख लूमिया फ़ोन बिके. सच है कि इसकी तुलना तीन दिन में 90 लाख आईफ़ोन बिकने से होगी लेकिन इस बाज़ार में चाल मायने रखती है और आखिरकार नोकिया यानी माइक्रोसॉफ़्ट थोड़ी रफ़्तार पकड़ रही है.

हालांकि विंडोज़ फ़ोन में लुभावने ऐप नहीं हैं. इसलिए अबु धाबी से इंस्टाग्राम का एलान सबसे अहम था.

अब विंडोज़ के लिए एक और अवसर है, ब्लैकबेरी से भरोसा घटता जा रहा है और कई कंपनियां ये सोच रही होंगी कि कहां कारोबार करें. कुछ पहले ही आईफ़ोन का रुख कर चुकी हैं, कुछ एंड्रॉइड के बारे में सोचेंगी, हालांकि उन्हें सुरक्षा की चिंता हो सकती हैं.

लेकिन वो कंपनियां जिनका माइक्रोसॉफ़्ट से रिश्ता रहा है वो सोच सकती हैं कि विंडोज़ फ़ोन से उनकी समस्याओं का सुरक्षित समाधान होगा.

मैक और पीसी की ये लड़ाई अहम होती जा रही है - और अगर माइक्रोसॉफ़्ट कोई छाप छोड़ पाती है तो उसे इसका भारी फ़ायदा होगा.

तब नोकिया का बोर्ड ख़ुद से ये सवाल ज़रूर करेगा कि क्या उसे सही कीमत मिली.

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