BBC navigation

चीन: अंतरराष्ट्रीय होटलों में खुलेआम वेश्यावृत्ति

 रविवार, 13 अक्तूबर, 2013 को 09:45 IST तक के समाचार
चीन, सेक्स वर्कर, वेश्यावृत्ति

बीबीसी संवाददाता जॉन सुडवर्थ को एक सेक्स वर्कर ने बताया कि वह 20 वर्ष की है और उसे ग्राहकों की फीस का 40 प्रतिशत हिस्सा ही मिल पाता है.

चीन में वेश्यावृत्ति गैरक़ानूनी है लेकिन बीबीसी को यहां पश्चिमी अंतरराष्ट्रीय होटलों के स्पा में खुलेआम संगठित वेश्यावृत्ति के सुबूत मिले हैं.

केम्पिंसकी होटल शृंखला अपने को यूरोप का सबसे पुराना लक्ज़री होटल समूह कहती है.

इसकी नींव जर्मनी में रखी गई थी और अब यह स्विटजरलैंड में स्थित है. दुनिया भर में इसके 70 पांच सितारा होटल हैं.

चीन के किंगदाओ शहर में भी इस शृंखला का एक होटल है.

खुलेआम है वेश्यावृत्ति

इस होटल के बेसमेंट में स्पा है. संकरे और धुंधली रोशनी वाले गलियारे से होते हुए हमें कहीं भी लक्ज़री नहीं दिखी, बस एक छोटा सा कमरा मिला जहां 10 महिलाओं को वेश्यावृत्ति के लिए रखा गया था.

ड्यूटी पर तैनात व्यक्ति ने पूछा, ''आप उन्हें कुछ देर के लिए ही रोकना चाहते हैं या पूरी रात के लिए?''

उसने साफ़ किया कि चूंकि यह व्यवसाय निजी तौर पर चल रहा था इसलिए वह होटल की रसीद नहीं दे सकता.

लेकिन वहां जो हो रहा था वह किसी से छिपा नहीं था.

उनमें से एक महिला ने बताया कि वह 20 वर्ष की है और वह एक दिन में तीन ग्राहकों को डील करती है.

ग्राहक द्वारा दी गई फ़ीस का उसे केवल 40 प्रतिशत ही मिलता है.

प्रतिष्ठित विदेशी व्यवसायी चीन में आकर कितनी आसानी से बुराई और अपराध में लिप्त हो जाते हैं, यह इस कठोर सच्चाई की बानगी भर है.

चीन में 50 से 60 लाख सेक्स वर्कर

पड़ताल के समय केम्पिंस्की के इस होटल के बेसमेंट में स्थित निजी स्पा में 10 सेक्स वर्कर मौजूद थीं.

चीन के कम्युनिस्टों ने वेश्यावृत्ति के पूरी तरह सफ़ाए का एक बार दावा किया था.

वे कहां तक सफल हुए थे, यह विवाद का विषय है, लेकिन कुछ समय के लिए देह व्यापार सार्वजनिक परिदृश्य से गायब हो गया था.

आज जब हम इस बारे में बात कर रहे हैं तो यह कहना ज्यादा ठीक होगा कि, यह लड़ाई पूरी तरह से हारी जा चुकी है.

कम से कम कागज पर ही सही सैद्धांतिक रूप से दिखावा जारी है और वेश्यावृत्ति गैरकानूनी है लेकिन व्यवहार में यहां व्यावसायिक पैमाने पर वेश्यावृत्ति हो रही है.

एक अनुमान के अनुसार, चीन में 50 से 60 लाख सेक्स वर्कर हैं, जो बहुतायत में फैले हेयर सैलूनों और मसाज पार्लरों से अपना धंधा संचालित करती हैं.

इसलिए चीन के बड़े होटलों में वेश्यावृत्ति के आरोप पर किसी को आश्चर्य नहीं होता है.

नामी होटल हैं संलिप्त

लेकिन हमारी इस पड़ताल ने पहली बार यह दिखाया कि कैसे उनकी बिना जानकारी के अंतरराष्ट्रीय होटल व्यवसाय में वेश्यावृत्ति प्रवेश कर गई.

थोड़ी सी कोशिश करने के बाद हमने ऐसे होटलों में सेक्स ट्रेड को खुलेआम संचालित होते पाया जिनके नाम अमरीका और यूरोप में लोग घर-घर जानते हैं. पहचाने जाने का भय भी इनमें काफ़ी मामूली दिखा.

किंगदाओ का इंटरकांटिनेंटल होटल.

एक फ़ोन सर्वेक्षण में हमने पाया कि चीन के सुदूर पूर्व के तटीय शहरों नानजिंग और किंगदाओ से लेकर मुख्य शहरों झियान ओर झेंगझाऊ के होटलों में सेक्स वर्कर सहज ही उपलब्ध हैं.

किंगदाओ के केम्पिंस्की होटल में जो कुछ हमने पाया था, ब्रिटिश होटल शृंखला ''इंटरकांटिनेंटल'' होटल में भी वही दिखा.

दूसरे तल पर स्पा का साइन बोर्ड इस बात का गवाह था कि यह होटल प्रबंधन द्वारा संचालित नहीं है.

यह निजी प्रबंधन द्वारा संचालित है और यहां मसाज ही मुख्य व्यवसाय है.

लेकिन स्पा के कर्मचारी यह बताने में झिझकते नहीं कि यहां सेक्स वर्कर भी उपलब्ध हैं. एक सेक्स वर्कर ने हमें खुद बताया था कि होटल के काउंटर पर बिल का भुगतान किया जा सकता है.

होटलों का इनकार

दोनों होटलों, इंटरकांटिनेंटल और केम्पिंस्की, ने अपनी जानकारी में वेश्यावृत्ति होने से इनकार किया है.

इंटरकांटिनेंटल होटल ग्रुप ने हमें एक लिखित बयान में बताया, ''हमारे सभी होटलों में वेश्यावृत्ति प्रतिबंधित है और तीसरी पार्टी द्वारा संचालित स्पा जैसे व्यवसाय कांन्ट्रैक्ट आधारित हैं और नियमों के अनुरूप हैं.''

इस बयान के अनुसार, होटल के कर्मचारी भुगतान से संबंधित बिलों की प्रक्रिया में लिप्त हैं, इसकी प्रबंधन को कोई जानकारी नहीं है.

हालांकि इंटरकांटिनेंटल ने अपने स्पा को अब बंद कर दिया है.

केम्पिंस्की होटल समूह ने अपने बयान में कहा, ''हालांकि होटल में एक स्पा खोलने की योजना थी लेकिन उसे इजाज़त नहीं मिली और इसे होटल द्वारा न तो शुरू किया गया और न ही संचालित किया गया.''

महिलाएं न आएं

तीसरा होटल, जहां हम गए, वह था झेंगझाऊ का रमादा प्लाज़ा था.

स्पा और मसाज पार्लरों में हाथ से लिखा होता है रेट.

यहां छठे फ्लोर पर स्पा था और तीसरी पार्टी द्वारा संचालित था. यहां महिलाओं के लिए प्रवेश वर्जित था.

ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने हमें बताया कि यहां 20 महिलाएं काम करती हैं. उसने एक ब्रोशर दिया जिसपर हाथ से लिखा था- प्रास्टिट्यूट 800आरएमबी- 85 पौंड (करीब 8500 रुपये).

खुलासे के बाद रमादा ब्रांड को संचालित करने वाले वाइंडम होटल ग्रुप ने बयान जारी कर कहा, ''हमारा होटल परिवारों के लायक है.'' हालांकि ग्रुप ने बताया कि उसके होटल फ्रेंचाइजी द्वारा या निजी मालिकाने के अंतर्गत संचालित हैं.

होटल में इस साल रुक चुके महिलाओं के एक ग्रुप ने अपना संदेह ट्रिपएडवाइज़र वेबसाइट पर दर्ज कराया और पाठकों को सलाह दी कि, ''यदि आप महिला हैं, तो इस होटल में न आइए और न ही रुकिए.''

चीन में ह्यूमन राइट्स वॉच की निदेशक सोफी रिचर्ड्सन ने बीबीसी को बताया कि, ''पुलिस और ग्राहक दोनों ही सेक्स वर्करों के साथ यौनिक दुर्व्यवहार एवं बलात्कार को अंजाम देते हैं.''

सोफी ने चीन सरकार से सेक्स वर्करों पर प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया था.

भ्रष्टाचार सर्वत्र

तीन साल पहले एक विदेशी कंपनी द्वारा संचालित होटल पर पुलिस ने छापा मारकर उसे बंद करा दिया था क्योंकि बेसमेंट में मौजूद बार में वेश्यावृत्ति होती थी.

कुछ महीने पहले ब्रिटिश फ़ार्मास्यूटिकल्स कम्पनी ग्लैक्सो-स्मिथक्लाइन (जीएसके) ने रिश्वत देने की घटना की जांच की थी और कार्रवाई की थी. कुछ कर्मचारियों ने रिश्वत लेने की बात स्वीकार की थी.

लेकिन लोगों को इस बात पर आश्चर्य था कि जब चीन के घरेलू फ़ार्मास्यूटिकल्स बाजार में रिश्वत एक आम बात है तो जीएसके खुद को अलग करने की कोशिश क्यों कर रहा है.

जांच पड़ताल से जो तथ्य सामने आए हैं उससे लगता है कि चीन में अंतरराष्ट्रीय होटलों के बहाने संचालित हो रहे अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय पर कड़ी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे क्लिक करें फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और क्लिक करें ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

इसे भी पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.