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हज़ारों महिलाओं ने रैली निकाल की शादी कराने की मांग

 रविवार, 29 सितंबर, 2013 को 13:24 IST तक के समाचार
नाईजीरिया, विवाह, nigeria, marriage, women

कानो राज्य में प्रशासन तलाक़शुदा और विधवा महिलाओं का सामूहिक विवाह आयोजित करता है और शादी से जुड़ा सारा खर्च भी वहन करता है.

नाइजीरिया की ज़मफ़ारा राज्य सरकार ने कहा है कि 8000 महिलाओं की शादी करने के लिए मदद की मांग पर विचार किया जाएगा.

महिलाओं के एक गुट ने राजधानी गुसाउ में मार्च किया और राज्य की धार्मिक पुलिस को अपनी याचिका सौंपी. ज़मफ़ारा राज्य में आंशिक रूप से इस्लामी क़ानून भी लागू है.

यहां की परंपरा के मुताबिक महिलाओं को शादी में फ़र्नीचर लाना होता है लेकिन अपने लिए दूल्हा ढूंढ रही कई महिलाएं ये खर्च नहीं उठा सकतीं.

दहेज़ जुटाने में मुश्किल

जिन महिलाओं ने दूल्हा ढूंढने के लिए मार्च किया, वे शादी के लिए दूल्हा-दुल्हन ढूंढने वाली संस्था का हिस्सा थीं.

ज़मफ़ारा विडोज़ एसोसिएशन नाम की यह संस्था तलाक़शुदा, विधवा और अनाथ लड़कियों के लिए योग्य मुस्लिम दूल्हे ढूंढने का काम करती है.

नाइजीरिया के प्रीमियम टाइम्स अख़बार के मुताबिक़ मार्च में हिस्सा लेने वाली महिलाओं का कहना था, "हममें से कई महिलाओं के लिए दो वक़्त का खाना भी जुटाना मुश्किल है क्योंकि हमें सहारा देने वाला कोई पुरुष नहीं है."

ज़मफ़ारा राज्य के धार्मिक मामलों के कमिश्नर अब्दुलाही मोहम्मद शिनकाफ़ी ने बीबीसी को बताया कि वे इन महिलाओं के हालात और आर्थिक मदद की ज़रूरत को समझते हैं.

"ये विधवाएं शादी करना चाहती हैं. और ख़ासकर नाईजीरिया में शादी से जुड़ी कई ऐसी परंपराएं हैं जिनमें धन मांगा जाता है. इसीलिए इन महिलाओं ने मार्च की और सरकार की तवज्जो चाहती हैं."

अब्दुलाही मोहम्मद शिनकाफ़ी, ज़मफ़ारा राज्य के धार्मिक मामलों के कमिश्नर

शिनकाफ़ी ने कहा, "ये विधवाएं शादी करना चाहती हैं. और ख़ासकर नाईजीरिया में शादी से जुड़ी कई ऐसी परंपराएं हैं जिनमें धन मांगा जाता है. इसीलिए इन महिलाओं ने मार्च किया और सरकार की तवज्जो चाहती हैं."

अब्दुल्लाही शिनकाफ़ी का कहना था कि ज़मफ़ारा राज्य ग़रीब लोगों की मदद के लिए हरसंभव कोशिश करता है इसलिए इन महिलाओं की मांग पर ध्यान दिया जाएगा.

सामूहिक विवाह

बीबीसी संवाददाता बशीर अब्दुलाही का कहना है कि नाइजीरिया के उत्तर में कानो राज्य में धार्मिक पुलिस बोर्ड या हिस्बाह अकसर ग़रीब विधवाओं और तलाक़शुदा औरतों के लिए सामूहिक विवाह आयोजित करता है.

इन महिलाओं के शादी के जोड़ों, दुल्हन के लिए दूल्हे को अदा की जाने वाली रक़म, और दुल्हन की ओर से फ़र्नीचर का ख़र्च हिस्बाह ही उठाता है.

लेकिन ज़मफ़ारा राज्य के धार्मिक मामलों के कमिश्नर शिनकाफ़ी का कहना था कि बजट संबंधी मुश्किलों की वजह से उनके राज्य में शादी के लिए मदद की मांग कर रही महिलाओं की समस्या का जल्द ही निपटारा नहीं हो पाए.

शिनकाफ़ी ने कहा, "जोड़ों को मिलाना एक बात है लेकिन उनके जीवनयापन का इंतज़ाम करना अलग बात है."

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