BBC navigation

गूगल-नेस्ले का 'ब्याह', गवाह बना एंड्रायड किटकैट

 बुधवार, 4 सितंबर, 2013 को 05:44 IST तक के समाचार
गल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रायड का अगले वर्ज़न का नाम नेस्ले की मशहूर चॉकलेट किटकैट के नाम पर होगा.

गूगल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रायड का अगले वर्ज़न का नाम नेस्ले की मशहूर चॉकलेट किटकैट के नाम पर होगा.

यह नाम चौंकाने वाला है क्योंकि गूगल ने संकेत दिया था कि एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ज़न 4.4 का नाम 'की लाइम पाई' हो सकता है.

बाज़ार की दुनिया में नेस्ले और क्लिक करें गूगल दोनों ने ही सबको इस कदम के साथ बेहद चौंकाया है.

गूगल ने बीबीसी को बताया है कि दोनों में से कोई भी पक्ष एक-दूसरे को पैसा नहीं दे रहे है.

कोई लेन देन नहीं

एंड्रायड ग्लोबल पार्टनरशिप के जॉन लैंगरलिंग ने बीबीसी को बताया, "इस डील का सौदेबाज़ी या पैसे से कोई लेना-देना नहीं है." उनके अनुसार यह केवल कुछ "मजेदार और अप्रत्याशित करने की नीयत से उठाया गया कदम है."

हालांकि ब्रांडिंग विशेषज्ञों का कहना है कि इस इस तरह के सौदों के अपने नुकसान भी हैं.

कंसल्टेंसी फ़र्म प्रोफ़ेट में भागीदार साइमन मेयर्स का कहना है, "अगर आपका ब्रांड किसी दूसरे ब्रांड के साथ जुड़ जाता है तो यह आपको अच्छे के साथ उसकी बुरी चीज़ों के साथ भी जोड़ देता है."

मेयर्स कहते हैं, "जिस ब्रांड के साथ आपने अपना ब्रांड जोड़ा है अगर उसके साथ कुछ घटता है तो ऐसा नहीं सोचा जा सकता कि उसका असर आपके ब्रांड पर नहीं पड़ेगा."

एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम के पिछले वर्ज़न थे: कपकेक, डोनट, एक्लेयर, जिंजर ब्रेड, आइस क्रीम सैंडविच और जैली बीन.

नेस्ले इसके पहले अपने तौर तरीकों को लेकर आलोचना के घेरे में आ चुका है, खास तौर पर जिस तरह से नेस्ले ने विकासशील देशों में बच्चों के दूध का पाउडर बेचा.

हाल ही में अमरीका में नेस्ले को कुत्तों का खाना बाज़ार से वापस लेना पड़ा था क्योंकि उससे बीमारी फैलने की बात चर्चा में आ गई थी.

वैसे गूगल के तौर तरीके भी आलोचना से मुक्त नहीं हैं. हाल ही में अमरीकी सरकार की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि एंड्रायड फ़ोन पर हमला करने वाले सॉफ्टवेयर की तादाद सबसे ज़्यादा है .

यूं ही एक रात

साल 2009 से क्लिक करें गूगल और दुनिया भर में फैले मोबाइल बनाने वाले इसके पार्टनर एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम के वर्ज़न का नाम किसी खाने की चीज़ पर रखते हैं.

इसके पहले के वर्ज़न थे: कपकेक, डोनट, एक्लेयर, फ़्रोयो (फ्रोज़न योगर्ट), जिंजर ब्रेड, हनिकोम्ब, आइसक्रीम सैंडविच और जेली बीन.

आरंभ में इस नए वर्ज़न को गूगल की आतंरिक संदेशों में 'केएलपी' के नाम से पुकारा जा रहा था. एंड्रायड ग्लोबल पार्टनरशिप के जॉन लैंगरलिंग ने कहा कि बीते साल उनकी कंपनी ने अपने नए वर्ज़न का नाम इस मशहूर चॉकलेट पर रखना तय किया.

लैंगरलिंग ने कहा, "हमें लगा कि कितने लोगों ने दुनिया में की लाइम पाई खाया होगा. जहाँ हमारी कोडिंग होती है वहां फ्रिज में खाने की चीज़ों में किटकैट चॉकलेट भी होती है."

लैंगरलिंग ने बताया "एक रात कोई अचानक बोला इस नए वर्ज़न का नाम किटकैट क्यों ना रख दें. उस वक़्त तक तो हमें यह भी नहीं पता था कि किटकैट नाम दरअसल किस कंपनी के पास है. पर सोचा चलो नेस्ले से बात की जाए."

तमाम तैयारियों के बावजूद दोनों ही कंपनियों इस बात की भनक भी किसी को नहीं लगने दी

तमाम तैयारियों के बावजूद दोनों ही कंपनियों इस बात की भनक भी किसी को नहीं लगने दी

लैंगरलिंग ने नेस्ले के विज्ञापन सँभालने वाली विज्ञापन एजेंसी के लंदन दफ्तर में लैंड लाइन पर फ़ोन किया और अपनी बात बताई. अगले दिन उन्हें बुलावा आ गया और 24 घंटों के भीतर नेस्ले ने हामी भर दी.

नेस्ले की मार्केटिंग चीफ़ पैट्रिस बुला ने बीबीसी को बताया, "हमें इस बात पर फ़ैसला लेने में महज़ एक घंटा लगा." बुला मजाक में कहते हैं, "अगर यह ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत ख़राब निकला और लगातार क्रैश हुआ तो मुझे नौकरी से हाथ धोना पड़ जाएगा."

बड़ी तैयारीयां

वो गंभीर हो कर आगे कहते है, "जब आप अपने ब्रांड के बारे में बात करने का कोई नया ज़रिया खोजते हैं तो उसमे सामान्य से ज़्यादा खतरे होते ही हैं. यह वैसे ही है कि आप स्विमिंग पूल के यह सोचते-सोचते 10 चक्कर लगाइये कि पानी गरम होगा कि ठंडा, लेकिन सच जाने के लिए तो कूदना ही होगा."

इस अभियान के तहत नेस्ले एंड्रायड की शक्ल लिए पांच करोड़ किटकैट के बार दुनिया भर में भारत, रूस, अमरीका, ब्रिटेन सहित 19 देशों में उतरेगा.

तमाम तैयारियों के बावजूद दोनों ही कंपनियों इस बात की भनक भी किसी को नहीं लगने दी. यहाँ तक की गूगल के कर्मचारियों को इसका पता तब लगा जब किटकैट के बने हुए एंड्रायड के निशान का इसके कैलीफ़ोर्निया दफ़्तर में उद्घाटन किया गया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें यहां क्लिक करें. आप हमें क्लिक करें फ़ेसबुक और क्लिक करें ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

इसे भी पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.