रासायनिक हमला: सीरिया और अमरीका आमने-सामने

  • 27 अगस्त 2013
सीरिया

अमरीका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा है कि सीरिया में 'निस्संदेह' रूप से रासायनिक हथियारों का प्रयोग हुआ है.

केरी ने दमिश्क़ में हुए हमले को 'नैतिक अश्लीलता' बताया.

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता के मुताबिक ऐसा लग रहा है कि अमरीका सीरिया के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई की ज़मीन तैयार कर रहा है.. हालांकि रूस और सीरिया के सहयोगी देशों ने सीरिया के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की सैनिक कार्रवाई किए जाने के प्रति सचेत किया है.

सीरिया में कथित रासायनिक हमले की जांच करने पहुंचे संयुक्त राष्ट्र दल पर अज्ञात बंदूक़धारी ने हमला किया. यह हमला उन पाँच स्थानों में से एक जाँच स्थल पर हुआ जिनका इस जाँच दल को निरीक्षण करना है. ख़बरों के अनुसार इस घटनास्थल पर 21 अगस्त को सैकड़ों लोग मारे गए थे.

सीरिया सरकार ने किसी भी तरह के रासायनिक हमले के आरोपों से इनकार किया है. सरकार ने इन हमलों के लिए विरोधियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

घृणित हथियार

जॉन केरी
जॉन केरी ने इस कथित हमलों को "नैतिक अश्लीलता" बताया.

केरी ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा, "हमने सीरिया में पिछले हफ़्ते जो देखा उससे दुनिया की आत्मा को हिल जाना चाहिए. यह सभी नैतिकताओं का हनन है. राष्ट्रपति ओबामा मानते हैं कि जिन लोगों ने दुनिया के सबसे असहाय लोगों के ख़िलाफ़ दुनिया के सबसे घृणित हथियार से हमला करने वालों को अवश्य ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए."

उन्होंने कहा कि अमरीका के पास इस मामले में और जानकारियां हैं जिन्हें बाद में सार्वजनिक किया जाएगा.

केरी के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संघ के जाँच दल को अनुमति देने में की जा रही देरी से लगता है कि सीरिया सरकार कुछ छिपाना चाहती है.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने केरी के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, "इसमें बहुत कम संदेह है कि सीरिया सरकार दोषी है."

बल प्रयोग के ख़िलाफ़

सीरिया
कथित रासायनिक हमलों की जाँच के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ का जाँच दल सीरिया गया है.

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लवारोफ़ ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि अभी तक पश्चिमी देशों को इस बात को कोई सबूत नहीं मिला है कि सीरिया सरकार की सेना ने रासायनिक हथियारों का प्रयोग किया है.

लवारोफ़ ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सहमति के बिना सीरिया के ख़िलाफ़ बल प्रयोग "अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का खुला उल्लंघन" होगा.

सीरिया के ख़िलाफ़ बल प्रयोग के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतभेद है. रूस और चीन सीरिया के ख़िलाफ़ बल प्रयोग के विरोध में हैं जबकि ब्रिटेन और फ्रांस ने कहा है कि 'मानवीय ज़रूरतों' के मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र संघ की अनदेखी की जा सकती है.

सीरिया में विद्रोहियों ने इस हमले के लिए सरकार को दोषी ठहराया है. वहीं सीरिया के सरकारी मीडिया ने इसे 'आतंकवादियों' की कार्रवाई बताया.

अभी तक किसी भी पक्ष के दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने जाँच दल पर हुए हमले की निंदा करते हुए सीरिया में मौजूद जाँच दल को इस हमले की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं.

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