कौन थे इस जहाज़ में सवार लोग?

  • 28 अगस्त 2013
जहाज़ का मलबा

ब्रिटेन के डॉरसेट में 17वीं शताब्दी में डूबे एक जहाज़ की पतवार को तट पर लाने में कामयाबी मिली है.

जहाज़ की पतवार की ख़ासियत इसके एक सिरे पर उकेरा गया एक चेहरा है.

8.4 मीटर यानी करीब 28 फीट की इस पतवार को बॉउर्नमाउथ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक तट पर लेकर आए.

समुद्री पुरातत्व वैज्ञानिक डेव परहम ने आठ मीटर लंबी पतवार को "आश्चर्यजनक खोज" बताया है.

जहाज़ और इसके चालक दल के बारे में बहुत कम जानकारी हासिल है.

हालांकि माना जाता है कि ये जहाज़ नीदरलैंड का था. इस जहाज़ के मलबे का पता 1990 में पता चला था.

'400 साल पहले डूबा'

परहम कहते हैं कि ये आश्चर्य की बात है कि इतने बड़े जहाज़ का इतिहास में कहीं ज़िक्र नहीं है.

जहाज़ 17वीं सदी की शुरुआत में डूबने के बाद से सागर तल के सात मीटर नीचे दबा हुआ था.

करीब साढ़े चार करोड़ रुपए की संरक्षण परियोजना के तहत जहाज़ के कई हिस्सों को तट पर लाया गया है, जिनमें तोप, चमड़े के जूतों, लकड़ी के पीपों, कप, तश्तरियों के अलावा कई ख़ूबसूरत कलाकृतियां भी हैं.

पतवार और बाकी ख़ूबसूरत चीज़ों को अगले साल पूल म्यूज़ियम में प्रदर्शित किया जाएगा.

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