ब्रिटेन का 'संगत टीवी' चैनल हिंसा के लिए उकसाने का दोषी

  • 16 अगस्त 2013

ब्रिटेन में 'संगत टीवी' नामक एक सिख टीवी चैनल को भारत के सेवानिवृत सैन्य अधिकारी लेफ़्टिनेंट जनरल केएस बरार पर हमला करने के लिए उकसाने के आरोप में दंडित किया गया है.

लेफ़्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह बरार ने ही साल 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार का नेतृत्व किया था.

ब्रितानी मीडिया नियामक संस्था 'ऑफ कॉम' ने चैनल को हिंसा भड़काने का दोषी क़रार देते हुए उस पर तीस हज़ार पाउंड जुर्माना लगाया है. संगत टीवी पर ये जुर्माना उस कार्यक्रम के प्रसारण के बाद लगाया गया जिसमें टीकाकारों को बरार पर हुए हमले को समर्थन करते हुए दिखाया गया था.

यह चैनल सामुदायिक अनुदान से चलता है. चैनल के प्रमुख ने ऑफ़ कॉम के फ़ैसले को कठोर बताते हुए इसके ख़िलाफ़ अपील करने की बात कही है.

चैनल के प्रमुख अमनप्रीत मान का कहना है, ''ये एक गंभीर विषय है और आपको मुद्दे की गंभीरता को समझना होगा. मेरा और संगत टीवी का मानना है कि ये जुर्माना बहुत नाजायज़ है. उन्होंने इस मामले में कोई भी लचीलापन नहीं दिखाया है और ऑफ़ कॉम ने सिख समुदाय के लोगों की भावना को नहीं समझा है. हमलोग इसके ख़िलाफ़ अपील करेंगे.''

बर्मिंघम में इस चैनल के लिए काम करने वालों का भी मानना है ये राशि बहुत ज्यादा है

कुलदीप सिंह बरार ने ही साल 1984 में भारतीय शहर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार का नेतृत्व किया था.

साल 2012 में लंदन में कुलदीप सिंह बरार और उनकी पत्नी पर हमला किया गया था.

हमलावरों ने एक छुरे से जनरल बरार का गला काटने की कोशिश की थी.

ऑफ़ कॉम का कहना है कि संगत टीवी ने कार्यक्रम में हो रही बहस के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से सिख समुदाय के लोगों को जनरल बरार और भारतीय सेना के अन्य लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए उकसाया था.

अपील

स्वर्ण मंदिर, अमृतसर
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार का नेतृत्व कुलदीप सिंह बरार ने ही किया था.

ये कार्यक्रम पिछले साल(2012) 30 सिंतबर को प्रसारित किया गया था. इस शो में शामिल हुए एक टीकाकार का कहना था कि अगर वे(जिन्होंने बरार पर हमला किया)सिख थे तो मैं उनको बधाई देता हूं.

चैनल के प्रमुख अमनप्रीत मान का कहना था कि ये एक ऐसा विषय है जो सिख लोगों के दिल के क़रीब है.

इस चैनल की मूल कंपनी रेजिस 1 का कहना है कि अब वे विवादास्पद मुद्दों पर बहस के दौरान काफ़ी सावधान रहेंगे.

वहीं संगत टीवी के प्रबंधन की शुक्रवार रात बैठक होगी. टीवी प्रबंधन इस बैठक में फ़ैसला लेगा कि वे इस दंड के ख़िलाफ़ किस तरह की अपील दायर करेंगे.

इस बीच कुछ लोगों का कहना है कि अगर ये पहली बार हुआ है तो इस ग़लती के लिए ये सज़ा बहुत ज्यादा हैं. संगत टीवी को सज़ा मिलनी चाहिए पर लगता है कि संगत टीवी नेशनल टीवी पर जाएगा और अपने दर्शकों को कहेगा कि वे इस दंड के ख़िलाफ़ अपील करने में उनकी मदद करें.

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