फ़लस्तीन और इसराइल के बीच शांति वार्ता शुरू

  • 15 अगस्त 2013
फ़लस्तीनी क़ैदी
गज़ा पहुँचे रिहा हुए फ़लस्तीनी क़ैदी

इसराइल और फ़लस्तीन के बीच येरुशलम में शांति वार्ता शुरू हो गई है. इसराइली अधिकारियों के मुताबिक़ दोनों पक्षों के बीच तीन सालों में पहली बार शांति वार्ता हो रही है.

शांति वार्ता के एजेंडे, स्थान और समय के बारे में दोनों ओर से कम ही जानकारियाँ दी गई हैं. शांति वार्ता के ज़रिए किसी हल तक पहुँचने के लिए दोनों ही पक्ष सावधानी बरत रहे हैं.

इससे पहले इसराइल ने शांति वार्ता की बहाली के लिए बीती रात फ़लस्तीन के छब्बीस क़ैदियों को रिहा किया.

पूर्वी येरुशलम और इसराइली क़ब्ज़े वाले पश्चिमी तट पर यहूदी बस्तियों के निर्माण का शांति वार्ता पर असर पड़ सकता है.

सितंबर 2010 में हुई सीधी वार्ता भी इस मुद्दे पर अटक गई थी. फ़लस्तीनी प्रतिनिधियों ने इसराइल पर ताज़ा शांति वार्ता को भी नुक़सान पहुँचाने का आरोप लगाया है.

शांतिवार्ता से पहले अशांति

अविश्वास

हाल ही में इसराइल ने यहूदियों के लिए दो हज़ार नए घर बनाने की घोषणा की है.

फ़लस्तीन लिब्रेशन आर्गेनाइजेशन (पीएलओ) के अधिकारी यासर आबेद रब्बो का कहना है कि पहले कभी बस्तियों का इतना विस्तार नहीं किया गया है.

विरोध प्रदर्शन
फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई का इसराइल में विरोध भी हुआ.

वॉयस ऑफ़ फ़लस्तीन रेडियो को उन्होंने बताया, "इसराइल के रवैये के कारण शांति वार्ता कभी भी नाकाम हो सकती है."

शांति वार्ता को लेकर इसराइल की ओर भी अविश्वास है. येरुशलम पोस्ट ने बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा कि शांति वार्ता से उम्मीदें बेहद कम हैं.

रक्षा मंत्री मोशे यालोन के हवाले से कहा गया, "विवाद के 120 साल बाद और ओस्लो वार्ता के बीस साल बाद भी हम प्रयास कर रहे हैं. मेरी बातों में संदेह ज़ाहिर है, लेकिन हमने शांति वार्ता को एक और मौक़ा देने का फ़ैसला किया है. "

शांति वार्ता से मीडिया को दूर रखा गया है और वार्ता स्थल की जानकारी साझा नहीं की गई है.

वार्ता का मक़सद फ़लस्तीन और इसराइल के बीच विवाद ख़त्म करना है.

'इसराइल एक घाव की तरह है'

मुद्दे

फ़लस्तीन की नुमाइंदगी सायब एराकात और फ़तह के अधिकारी मुहम्मद शातेह कर रहे हैं. इसराइल का प्रतिनिधित्व न्याय मंत्री तसपी लोनी और प्रधानमंत्री के सलाहकार इसहाक़ मोलखू कर रहे हैं.

मध्य पूर्व के लिए अमरीका के शांति दूत मार्टिन इंडिक और और उनके सहयोगी फ्रैंक लोवेंस्टीन को वार्ता के लिए विशेष दूत बनाया गया है.

हालाँकि वार्ता के एजेंडे को ज़ाहिर नहीं किया गया है लेकिन अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा था कि तमाम विवाद जिनमें येरुशलम की सीमाएं, सुरक्षा इंतज़ाम, यहूदी बस्तियाँ और फ़लस्तीनी शरणार्थियों के मुद्दे शामिल हैं, उनपर चर्चा की जाएगी.

इसराइल और फ़लस्तीन
इसराइल और फ़लस्तीन के बीच लंबे समय से विवाद है.

इसराइल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने संकेत दिया है कि इसराइल को यहूदी राष्ट्र के रूप में फ़लस्तीन के मान्यता देने का मुद्दा सबसे अहम है जबकि फ़स्तीनी अधिकारियों के लिए सीमा और सुरक्षा एजेंडे में शीर्ष पर है.

फ़लस्तीनी इसराइल द्वारा 1967 में क़ब्ज़ाई ज़मीन वापस चाहते हैं लेकिन क़ब्ज़े वाले क्षेत्र में अब क़रीब पाँच लाख इसराइली रहते हैं.

अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत ये यहूदी बस्तियाँ अवैध है लेकिन इसराइल इसे चुनौती देता रहा है.

बुधवार को इसराइल के आवास मंत्री उरी एरियल ने पश्चिमी तट पर हज़ारों घर बनाने का वादा करते हुए कहा कि यह बस शुरुआत है.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने फ़लस्तीन से इस पर नकारात्मक टिप्पणी करने से बचने का आह्वान करते हुए कहा कि अमरीका ने इस पर अपना विरोध इसराइल को स्पष्ट कर दिया है.

होगा निर्णायक समझौता

नैतिक ग़लती

फ़लस्तीनी क़ैदियों को रिहा करने का मुद्दा इसराइल के लिए बेहद भावनात्मक भी रहा.

इसराइल के विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री याकूब पेरी ने कहा कि क़ैदियों की रिहाई पड़ोसियों के साथ शांति स्थापित करने की क़ीमत है.

उन्होंने कहा, "शांति वार्ता न करने के परिणाम क़ैदियों को रिहा करने से दर्जनों गुना ज्यादा भारी हैं."

 रिहा किए कए क़ैदी
महमूद अब्बास ने रिहा किए कए क़ैदियों का स्वागत किया

वहीं उप रक्षा मंत्री डैनी डैनोन ने क़ैदियों की रिहाई को नैतिक ग़लती बताया है.

विरोध और स्वागत

इससे पहले एक पीड़ित अधिकार समूह की क़ैदियों को रिहा न करने की याचिका को इसराइल के सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था.

मंगलवार को जब रिहा किए गए छब्बीस क़ैदियों के पहले दल को लेकर दो बसें इसराइली राजधानी तेल अवीव के नज़दीक़ स्थित अयालोन जेल से निकल रहीं थी तब पीड़ितों के संबंधियों ने रास्ता रोकने की कोशिश की. इनमें से कई ने अपनी हथेलियों को लाल रंगा हुआ था.

शांति वार्ता की बहाली के लिए इसराइल ने लंबे समय से जेलों में बंद 78 और क़ैदियों को रिहा करने का वादा किया है. यह रिहाइयाँ शांति वार्ता की प्रगति पर निर्भर होंगी और चार चरणों में अगले नौ महीनों के दौरान की जाएंगी.

बुधवार सुबह पश्चिमी तट पहुँचे 11 क़ैदियों का फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने स्वागत किया. बाक़ी 15 क़ैदियों का ग़ज़ा में भारी भीड़ ने ज़ोरदार स्वागत किया.

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