'सबसे खतरनाक' बलात्कारी की मौत

  • 28 जुलाई 2013
सिफिसो मखूबो
सिफिसो मखूबो के खिलाफ़ 122 मामले दर्ज थे.

दक्षिण अफ्रीका के सबसे खतरनाक बलात्कारी माने जाने वाले अपराधी सिफिसो मखूबो अपने जेल के कमरे में मृत पाए गए हैं.

सिफिसो मखूबो पर 122 आरोप थे जिनमें हत्या के आरोप भी शामिल हैं. अपने खिलाफ़ मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से चंद घंटे पहले ही वे मृत पाए गए.

उन पर हत्या का प्रयास करने की धाराएं भी लगाई गई थी. सिलसिलेवार बलात्कार की घटनाओं को अंजाम देने के आरोपी सिफिसो पर पीड़ितों को एचआईवी संक्रमित इंजेक्शन लगाने के भी आरोप थे. ये इस तरह के पहले आरोप भी थे.

विश्व में सबसे ज्यादा यौन अपराध दक्षिण अफ्रीका में होते हैं. पिछले साल यहाँ बलात्कार के 64 हजार मामले सामने आए थे.

यहाँ विश्व में सबसे ज्यादा एचआईवी संक्रमित लोग भी रहते हैं. यहाँ 55 लाख लोग एचआईवी संक्रमित हैं. 15 से 49 आयुवर्ग के 17 फीसदी लोग एचआईवी संबंधी बीमारियों से ग्रसित हैं.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सिफिसो अपनी कोठरी में अकेले थे और संभवतः उन्होंने कंबल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. हालाँकि प्रशासन उनकी मौत की जाँच कर रहा है.

उन पर जनवरी 2006 से फ़रवरी 2011 के बीच 35 बच्चों से बलात्कार करने के आरोप थे. सबसे कम उम्र का पीड़ित दस साल का है.

रिपोर्टों के मुताबिक अब तक पीड़ितों से लिए गए 33 डीएनए सैंपल आरोपी बलात्कारी से मेल खा गए थे.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक बलात्कार करते वक्त सिफिसो को बलात्कार की घटनाओं को अंजाम देते वक्त अपने एचआईवी संक्रमित होने के बारे में पता था. इसलिए उस पर हत्या के प्रयास के मामले भी दर्ज किए गए थे.

न्याय नहीं मिला

जोहानसबर्ग में मौजूद बीबीसी संवाददाता पुमजा फिहलानी के मुताबिक कई अभियानों के बाद भी पीड़ितों को एचआईवी सें जानबूझकर संक्रमित करने को विशेष अपराध घोषित नहीं किया जा सका है.

हालाँकि अब तक एक मामला ऐसा भी सामने आया है जिसमें पीड़ित को हर्जाना दिया गया है.

कुछ कार्यकर्ता जहाँ वायरस को फैलने से रोकने के लिए क़ानून में किए गए बदलाव का समर्थन करते हैं वहीं क़ानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में आरोपी को सजा दिलाना मुश्किल होगा क्योंकि यह साबित करना पड़ेगा कि पीड़ित हमले से पहले एचआईवी संक्रमित नहीं थे. साथ ही यह साबित करना भी मुश्किल होगा कि आरोपी ने उन्हें जानबूझकर संक्रमित किया.

राष्ट्रीय अभियोजन प्राधिकरण (एनपीए) के प्रवक्ता फिंडी लाऊ ने कहा कि वे सिफिसो के पीड़ितों के लिए दुखी हैं क्योंकि मामला उस अंत तक नहीं पहुँच पाया जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी.

उन्होंने कहा, "सिफिसो मखूबो के खिलाफ़ मामलो को अदालत तक लाने में बहुत मेहनत लगी थी. मेरा दिल पीड़ितों के लिए रो रहा है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकतें हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)