नौकरी चाहिए तो इन सवालों के क्या जवाब देंगे?

  • 18 जून 2013

मेरा एक सहयोगी एक निवेश बैंक में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया. इस दौरान उससे पूछा गया था कि इस कमरे में एक पेंस के कितने सिक्के आएंगे.

इसके बाद उसने कुछ गुणा-भाग कर जवाब दिया. लेकिन उसे वह नौकरी नहीं मिली.

बैंक चाहता था कि कोई इस सवाल का घिसा-पिटा उत्तर तो दे लेकिन उसमें इतना आत्मविश्वास हो कि वह बाज़ार को यह समझा सके कि वह सही था.

इस तरह के चुनौतीपूर्ण सवाल आजकल के इंटरव्यू में आम बात हो गए हैं, ऐसा लगता है कि नौकरी देने वाले यानी नियोक्ता घास-फूस में से गेंहू अलग करना चाहते हैं.

चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ़ पर्सनेल एंड डेवलपमेंट (सीआईपीडी) की क्लेयर मैकार्टनी कहती हैं, ''नौकरी के लिए प्रतियोगिता बढ़ गई है और नौकरी देने वाले भी अधिक जोखिम नहीं लेना चाहते हैं.''

उम्मीदवारों का चयन

वह कहती हैं, ''सामान्य सवाल पूछने से बात नहीं बनेगी. इसलिए अच्छे उम्मीदवारों के चयन के लिए कुछ अलग किया जाता है.''

क्लेयर कहती हैं कि इंटरव्यू की तैयारी कराने वाली कुछ वेबसाइटों की मदद से उम्मीदवार ऐसे सवालों की तैयारी कर सकते हैं.

नौकरी की जानकारी देने वाली वेबसाइट ग्लासडोर ने अपनी एक ताज़ा रिपोर्ट में आवेदकों से पूछे गए ऐसे साढ़े तीन लाख सवाल जुटाए हैं.

वेबसाइट का कहना है कि आजकल इंटरव्यू देने जा रहे किसी भी आवेदक को सामान्य सवालों के अलावा इस तरह के चुनौतीपूर्ण सवालों के जवाब के लिए भी तैयार रहना चाहिए.

आजकल नियोक्ता किस तरह के सवाल पूछ रहे है और उनका मक़सद क्या है? हमने दो विशेषज्ञों से इन सवालों के जवाब देने को कहा.

आप फ़्रिज में जिराफ़ कैसे रखेंगे?

यह सवाल लंदन के एक निवेश बैंक के मार्केटिंग विभाग में नौकरी के लिए इंटरव्यू लेने वाले ने पूछा था.

यह सवाल क्यों पूछा गया:

ग्लासडोर के करियर विशेषज्ञ रस्टी रूएफ़ कहते हैं, "यह सवाल उम्मीदवार की रचनात्मकता की जाँच करता है. इससे यह भी जाँचा जाता है कि उम्मीदवार असामान्य और मुश्किल समस्याओं का समाधान कैसे करता है."

"यह याद रखें कि इंटरव्यू लेने वाले की रुचि इसका जवाब जानने की तुलना में यह जानने में ज्यादा होती है कि आप जवाब कैसे खोजते हैं. आप यह भी याद रखें कि कुछ सवाल बहुत अवास्तविक हो सकते हैं."

सुझाए गए जवाब:

रूएफ़ के अनुसार, ''इस सवाल का जवाब पाने से पहले आप मुझे कुछ जानकारी दे सकते हैं, जैसे कि जिराफ़ कितना बड़ा है? फ्रिज कितना बड़ा है? हम जिस देश में हैं, वहाँ जिराफ को मारना अपराध तो नहीं है.''

आपका यह दिखाना कि आपको किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले कुछ तथ्यों और सच्चाइयों की जरूरत है, आपके लिए फ़ायदेमंद हो सकता है.

''अगर एक जिराफ़ मर सकता है तो, उसे फ्रिज में रखने के लिए पहले फ्रिज से सामान को निकालकर उसे खाली करना पड़ेगा और जिराफ को फ्रिज में रखना सुनिश्चित करने के लिए अपने आस-पास के औजारों का उपयोग करना पड़ेगा. इस जगह मैं किन औजारों का इस्तेमाल कर सकता हूँ.''

क्या आप घोड़े के आकार की बत्तख से लड़ सकते हैं या बत्तखों के आकार के सौ घोड़ों से?

यह सवाल लंदन ने एक खनन कंपनी के मार्केटिंग विभाग में नौकरी के लिए एक इंटरव्यू लेने वाले ने पूछा था.

यह सवाल पूछा क्यों गया था?

'जॉब इंटरव्यू : टॉप आंसर्स टू टफ़ क्वेश्चन' के लेखक जॉन लीस कहते हैं, यह सवाल थोड़ा अजीब है. लेकिन यह तथ्यात्मक तार्किकता जाँचने का एक मजाकिया और रचनात्मक तरीका है.

इसके जवाब में आप क्या विकल्प चुनते हैं उससे ज़्यादा अहम ये है कि आपने वो जवाब क्यों चुना?

सुझाए गए जवाब

आप अपनी सोच के हर चरण को प्रदर्शित करें.

''ठीक है, मुझे लगता है कि दोनों मुझे मार सकते हैं लेकिन मैं पहले ये सोचूँगा कि दोनों जानवर कितने आक्रामक हो सकते हैं. छोटे होने के बाद भी घोड़े मुझे काट और मार सकते हैं. एक झुंड का शिकार होने की दशा में आपके पास बचने का रास्ता नहीं होता.''

घास के झुंड से आप एक सुई को कितनी तरह से खोज सकते हैं?

यह सवाल एक साक्षात्कारकर्ता ने लंदन में एक अंतरराष्ट्रीय बैंक में सीनियर जावा डेवलपर की नौकरी के लिए पूछा था.

यह सवाल क्यों पूछा गया.

रस्टी रूएफ कहते हैं,''यह सवाल इंटरव्यू लेने वाले की किसी उम्मीदवार की समस्या को रचनात्मक रूप से हल करने की क्षमता का पता लगाने का एक और उदाहरण है.''

सुझाए गए जवाब

''हम जो देखते हैं उसे ढूँढ़ लेते हैं. इस मामले में अगर हम घास को एक रंग में रंग दें तो वह सुई को देखना आसान बना देगा.''

''सोने की घास में से चांदी का अंतर करना कठिन काम है. लेकिन अगर मैं घास को हरे, नीले या बैंगनी रंग में रंग दूँ तो सूई को खोजना और आसान हो जाएगा.''

इसका मतलब यह हुआ कि समस्या को नए नजरिए से देखने से उसका एक नया समाधान निकलेगा.

जॉन लीस के पास अधिक सरल सुझाव हैं. वे कहते हैं,''अगर सुई लोहे से बनी है तो, चुंबक कमाल करेगा. इसके अलावा आप यह कर सकते हैं कि घास के ढेर में आग लगा दें, सुई बची रह जाएगी.''

अगर आप दस लाख पाउंड जीतते हैं, तो आप उस पैसे का क्या करेंगे?

बर्मिंघम में एक अकाउंटेंसी फर्म में एक इंटरव्यू लेने वाले ने यह सवाल पूछा था.

सवाल क्यों पूछा गया.

रस्टी रूएफ़ कहते हैं, ''यह सवाल एक प्रमुख अकाउंटिंग फ़र्म में पूछा गया था. इस सवाल का मक़सद उम्मीदवार की व्यावहारिक और दीर्घ अवधि की योजनाएं बनाने की क्षमता को परखना है.''

नौकरी एक अकाउंटिंग फर्म के लिए है, इसलिए शायद वे यह देखना चाहते हैं कि कोई दस लाख पाउंड में पाकर उड़ने तो नहीं लगता है. क्या वह उसमें जिएगा या वह अगले 10-20 साल की योजनाएँ बनाएगा.

सुझाए गए उत्तर

एक बार फिर आप अपने विचार की प्रक्रिया को प्रदर्शित करें, ‘‘दस लाख पाउंड की राशि जीतना निश्चित रूप से रोमांचक बात है. मैं अपने सभी विकल्पों पर विचार करुँगा. यह भी जानना चाहूँगा कि कहीं निवेश करने से पहले इस पर कितना कर देना पड़ेगा.’’

''कुछ ऐसे विकल्प जिन पर मैं विचार करना चाहूंगा जैसे कि इनमें से मैं कितना निवेश कर सकता हूँ, कितना मैं दान में दे सकता हूं और इसमें से कितने का उपयोग मैं इस जीत का जश्न मनाने पर कर सकता हूँ. लेकिन अगर आप चिंतित हैं तो मैं सोमवार को काम पर आ सकता हूं.''

जॉन लीस कहते हैं.

''अगर आपको कुछ नहीं सूझता है तो आप कह सकते हैं, अच्छा सवाल है, आज आपने जो जवाब सुने उनमें से सबसे अच्छा कौन सा था.''

फ़ेसबुक के बारे में आप अपनी दादी को कैसे समझाएंगे ?

लंदन की एक सॉफ़्टवेयर कंपनी में सेल्स एग्जिक्यूटिव के पद के लिए हुए साक्षात्कार में यह सवाल पूछा गया था.

यह सवाल क्यों पूछा गया.

रस्टी रूएफ कहते हैं, ''ऐसे सवाल इसलिए पूछे जाते हैं कि उम्मीदवार एक विचार किसी को सार्थक और प्रासंगिक रूप में कैसे समझा सकता है."

सुझाए गए जवाब

''पहली बात, मेरे लिए आपको यह बताना महत्वपूर्ण है कि इस मामले में मैं अपने ऑडिएंस (जिन्हें मैं समझाना चाहता हूँ) को अच्छी तरह से जानता हूं और मैंने इस बात का पूरा पता लगा लिया है कि मैं किसके साथ बात कर रहा हूं.''

''मेरी दादी इंटरनेट का उपयोग करती हैं, वेबसाइटों से परिचित हैं लेकिन अभी तक सोशल मीडिया से परिचित नहीं हैं. इसलिए इस मामले में मैं कहूंगा- दादी, मैं जानता हूं कि आपको अपने परिवार और दोस्तों से जुड़े रहना पसंद है और आप नई जानकारी हासिल करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करना पसंद करती हैं.''

''तब मैं कहना चाहूंगा, वहाँ एक फ़ेसबुक नाम की वेबसाइट है, जो आपको अपने परिवार और दोस्तों के साथ ऑनलाइन जुड़े रहने की सुविधा देती है. आपको ताज़ा खबरों और उत्पादों का पता लगाने के लिए कंपनियों और संगठनों को फॉलो करना पसंद है. दादी अगर आपके पास समय हो तो मैं आपको कुछ दिखाऊँ.''

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