यौन अपराध में भारतीय मूल के डॉक्टर को जेल

  • 24 मई 2013
बैन्स ने कलाई घड़ी में लगे खुफिया कैमरे से महिला मरीजों के 360 से अधिक वीडियो तैयार किए

कलाई घड़ी में लगे ख़ुफ़िया कैमरे के जरिए अपनी महिला मरीजों के दृश्य रिकॉर्ड करने वाले एक भारतीय मूल के डॉक्टर को 12 साल जेल की सजा दी गई है.

देविंदर जीत बैन्स ने स्विंडन क्राउन कोर्ट में 39 यौन अपराध कबूल किए.

देविंदर रॉयल वूटन बेसेट में चिकित्सक के तौर पर काम करते थे और इस दौरान उन्होंने जासूसी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली घड़ी से फिल्में बनाईं.

इस मामले में जज ने कहा कि पुलिस को 14 से 51 साल की लड़कियों और महिलाओं के 'अंतरंग परीक्षण' के वीडियो क्लिप बड़ी संख्या में मिले हैं. ये क्लिप 2009 से 2012 के बीच रिकॉर्ड हुईं.

अदालत ने बड़ी संख्या में पीड़ितों के बयान सुने. डॉक्टर की गिरफ्तारी से पहले उनके दो मरीजों ने उनके व्यवहार को लेकर शिकायत की थी.

पुलिस को बैन्स के के लैपटॉप से जो वीडियो मिले हैं वे 16 सेकेंड से 41 मिनट तक लंबे हैं.

अभियोक्ता केरी मेलिन ने जज को बताया कि कंप्यूटर में उन वीडियो को अलग-अलग ग्रुप में बाँटा गया था जिसमें मरीज़ों के नाम के शुरुआती अक्षर लिखे थे.

वीडियो में बैंन्स को स्तन और जननांग छूते देखा जा सकता था. इसके अलावा महिलाओं के नग्न दृश्य भी उन वीडियो में थे.

मेलिन के मुताबिक़ वह अक़सर कमरे का दरवाज़ा बंद कर लेते थे और कई बार तो वह अपने मरीज़ों से उनके फ़िगर के बारे में तथा उन्हें इधर-उधर हाथ लगाते हुए उनके यौन संबंधों के बारे में भी पूछताछ करते थे.

बचाव की दलील

बैन्स के वकील रैक्स टैड ने पीड़ितों के बारे में कहा, “उन्हें दुर्व्यवहार का यकीन करने के लिए कोई स्पष्ट आधार नहीं है क्योंकि एक डॉक्टर से सर्जरी के दौरान जो उम्मीद की जाती है, क्या यह व्यवहार उससे परे है.”

मामले में अदालत से नर्मी पाने की कोशिश के तहत टैड ने कहा कि बैन्स अपनी हरकत के लिए “खेद” व्यक्त करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, “ऐसा उनके जीवन की उस अवधि के दौरान हुआ जब उनकी यौन क्षमता पर सवाल के चलते उनकी शादी टूट चुकी थी.”

डॉक्टर की हरकतें एक महिला कि शिकायत के बाद उजागर हुईं, जिसे संदेह था कि उसकी फिल्म बनाई गई है.

इसके बाद पुलिस ने टिंकर्स लेन सर्जरी में छापा मारा, जहाँ से उन्हें कलाई-घड़ी मिली. बाद में उन्हें 360 से अधिक वीडियो क्लिप्स भी मिलीं.

टूटा भरोसा

बेन्स की हाईटेक घड़ी, जिससे वह महिला मरीजों के आपत्तिजनक वीडियो तैयार करता था.

सजा सुनाते वक्त न्यायाधीश डगलस फील्ड ने 45 वर्षीय बैन्स से कहा कि उन्होंने “बेहद गंभीर तरीके से” अपने डॉक्टर पर मरीजों के भरोसे को तोड़ा है.

उन्होंने कहा, “आपने चिकित्सा व्यवसाय को शर्मसार किया है. आप सभी लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि डॉक्टर और उसके मरीज के बीच का संबंध चिकित्सा व्यवसाय के बुनियादी महत्व से संबंधित है”

जज के अनुसार, “यह बात खासतौर से तब लागू होती है जब एक महिला मरीज आंतरिक मामलों पर एक पुरुष डॉक्टर की सलाह लेती है”

इससे पहले मार्च में सुनवाई के दौरान बैन्स ने यौन उत्पीड़न के आरोप स्वीकार किए और 65 अन्य मामलों की जाँच का आदेश जारी किया गया.

प्रतिबंध

बैन्स का नाम अनिश्चितकाल के लिए यौन अपराध रजिस्टर में दर्ज किया गया है और उन्हें डिजिटल रिकार्डिंग उपकरण खरीदने या रॉयल वूटन बेसेट में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

बैन्स ने 1993 में डॉक्टर की योग्यता हासिल की और वह इससे पहले स्विंडन के ग्रेट वेस्टर्न हॉस्पिटल में काम कर चुके हैं. एनएचएस के डॉक्टर लिज मायर्स ने कहा कि इस बारे में एक स्वतंत्र जाँच रिपोर्ट तैयार होगी और उसके नतीजों को सार्वजनिक किया जायेगा.