बीबीसी को रासायनिक हमले के 'संकेत' दिखाए गए

  • 16 मई 2013
साराकेब में नवंबर 2012 में जानलेवा संघर्ष हुआ था

सीरिया में पिछले महीने कथित रासायनिक हमले की ख़बरों की पुष्टि करने के लिए वहां मौजूद बीबीसी की टीम को कुछ 'सबूत' दिखाए गए हैं.

सीरिया के सराकेब कस्बे में कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बीबीसी संवाददाता को बताया कि सरकारी विमानों ने उनके इलाके में कम से कम दो ऐसे उपकरण गिराए हैं, जिनमें ज़हरीली गैस थी.

सीरियाई सरकार रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का पुरजोर खंडन करती रही है.

रासायनिक हमलों के आरोपों के बीच अमरीका ने चेतावनी दी थी कि ऐसी किसी भी हरकत की पुष्टि का मतलब 'लाल रेखा का उल्लंघन' माना जाएगा, जिसके बाद वे स्थिति में हस्तक्षेप कर सकते हैं.

हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पिछले दिनों ये भी कहा था कि रासायनिक हथियारों को लेकर फिलहाल पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं हैं.

घुटन भरी गंध

अप्रैल में अलेपो के दक्षिण पश्चिम में स्थित साराकेब कस्बे में सरकारी ठिकानों से गोलाबारी की गई थी.

स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों ने बीबीसी संवाददाता इयन पैनल को बताया कि वहां आठ ऐसे मरीज़ों को भर्ती किया गया जिन्हें सासं लेने में दिक्कतें आ रही थी. कुछ मरीज़ों को उल्टी की शिकायत थी जबकि कुछ मरीज़ों की आंखों की पुतलियां सिकुड़ गई थीं.

इनमें से एक, मरियम ख़ातिब नाम की एक मरीज़ की बाद में मौत हो गई थी.

मरियम ख़ातिब का बेटा अपनी घायल मां की मदद करने के लिए मौके पर गया था लेकिन वो भी हमले में घायल हो गया.

उन्होंने बीबीसी को बताया, “वो बहुत ही भयानक, दम घोंटने वाली गंध थी. सांस लेना भी दूभर हो गया था. ऐसा लगा कि अब मौत के बहुत करीब आ गए हैं. यहां तक कि देखने में भी दिक्कत आ रही थी और मुझे कम से कम तीन-चार दिनों तक आंखों से दिखाई देना बंद हो गया था.”

मरियम ख़ातिब का इलाज करने वाले एक डॉक्टर ने कहा कि उनके लक्षण ऑरगनोफॉस्फेट विषाक्तता के थे जिसके नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं.

'सबूत के तौर पर' वीडियो

बीबीसी को उपलब्ध करवाए गए वीडियो इन दावों का समर्थन करते प्रतीत होते हैं, लेकिन स्वतंत्र रूप से उनकी पुष्टि करना संभव नहीं हो पाया है.

एक वीडियो में एक प्रत्यक्षदर्शी एक बक्से जैसे डिब्बे में मौजूद कंक्रीट जैसा पदार्थ दिखा रहा है, जबकि दूसरी वीडियो में एक विद्रोही लड़ाकू अपने हाथ में एक कनस्तर लिए है, जो कथित रूप से उस डिवाइस में मौजूद थे जो 'सरकार द्वारा' वहां फेंके गए.

एक दूसरे वीडियो में ज़मीन पर एक कनस्तर गिरा हुआ दिखाई दे रहा है और उसके आस पास सफेद पाउडर जैसा पदार्थ मौजूद है.

बीबीसी संवाददाता को बताया गया है कि इन पदार्थों के सैंपल इकट्ठे कर जांच के लिए ब्रिटेन,फ्रांस, तुर्की और अमरीका भेजे गए हैं.

बीबीसी को दी गई सामग्री ब्रिटेन के संयुक्त केमिकल बायोलॉजिकल रेडियोलॉजिकल न्यूक्लियर रेजिमेंट के पूर्व कमांडर हैमिश दे ब्रेटोन गॉर्डन को सौंप दिए गए हैं.

ब्रिटेन और अमरीका दोनों ने कहा है कि सीरियाई सरकार के रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल करने के सबूत बढ़ रहे हैं.

अलग-अलग दावे

जहां कुछ लोगों ने सरकार पर रासायनिक हमलों का आरोप लगाया है, वहीं विद्रोहियों पर भी इनके इस्तेमाल का आरोप है.

लेकिन सरकार की तरह ही विद्रोहियों ने भी इन आरोपों से इंकार किया था.

सीरियाई सरकार ने देश के उत्तरी भाग में खान अल-असल में हुए कथित रासायनिक हमले की जांच की मांग की है.

इस हमले में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई थी. दोनों पक्ष इस मामले में एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.

स्वीडिश वैज्ञानिक एके सेलस्टॉर्म के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र का एक दल इस मामले की जांच के लिए गठित किया गया है.

हालांकि सीरियाई सरकार ने दल को मौके पर पहुंचने से रोक दिया है.

लेकिन वैज्ञानिक दल किसी भी आरोप की जांच के लिए जाने की बिना शर्त अनुमति चाहती है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सीरिया में पिछले दो साल के संघर्ष के दौरान कम से कम 80,000 लोगों के मारे जाने का अनुमान है.

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