पाक चुनाव: मतदान के दिन सोशल मीडिया का सहारा

  • 11 मई 2013
महिलाएं मतदान में बठ चढ़कर हिस्सा ले रही है. हालांकि कुछ जगहों पर उन्हें मतदान से मना भी किया गया है.

हालांकि पाकिस्तान में हो रहे चुनावों के लिए प्रचार का काम मतदान के एक दिन पहले ख़त्म हो गया, लेकिन राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया पर वोटरों को लुभाने का काम जारी रखा है.

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक चुनाव प्रचार की समाप्ति के बाद वोटरों से संपर्क करना मना है, लेकिन इस मामले पर सोशल मीडिया को लेकर किस तरह के नियम होने चाहिए ये साफ़ नहीं है.

पूर्व क्रिकेटर इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीके इंसाफ़ ट्विटर और फ़ेसबुक पर सबसे अधिक सक्रिय नज़र आ रही है.

पार्टी ने वोटरों के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली हैं.

स्टैंपऑनबैट, जो कि पार्टी के चुनाव निशान बल्ले से जुड़ा है, वो ट्विटर पर सुबह में सबसे अधिक ट्रेंडिग टापिक रहा.

'लो आज अपनी तक़दीर अपने हाथ'

पार्टी के एक ट्विट में कहा गया: "हज़ार मुसीबतें सही, लाखों परेशानियां सही मगर ले लो आज अपनी तक़दीर अपने हाथ में."

तहरीके इंसाफ़ के एक नेता अहसन रशीद ने लिखा: "आपका आज का वोट मुल्क को मज़बूत बना सकता है. होशियारी से अपने वोट का इस्तेमाल कीजिए .. पीटीआई को वोट दीजिए."

इस बीच नवाज़ शरीफ़ के पाकिस्तान मुस्लिम लीग के 'आधिकारिक' फ़ेसबुक पेज पर एक संदेश कुछ यूं आया: "मेरे दोस्त ये निर्णायक क्षण है... मुल्क की क़िस्मत आज आपके हाथ में है.. !! मेरे शेरों (शेर पीएमएल (एन) का चुनाव निशान है) अपने घरों से बाहर आओ और पीएमएल (एन) को वोट करें ... पाकिस्तान को अपना मत दें! एसएस."

पार्टी के ट्विटर पेज पर पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों की बात कही है और लोगों से कहा है कि बुलेट पर बैलट की ताक़त दिखाएं.

हिंसा की ख़बरें

सिंध में सक्रिय मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट ने वोटरों को मत का प्रयोग करने को कहा है. साथ ही मतदान केंद्रो पर हो रही हिंसा की ख़बर भी दी है.

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के सीनियर नेता भी वोटरों को प्रोत्साहित करते देखे गए.

पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है: "उन्होंने हमारे नेता की हत्या कर दी, अस्लसंख्यक मामलों के हमारे नेता का क़त्ल कर दिया, ... गवर्नर के बेटे को ले गए, प्रधानमंत्री के बेटे को अग़वा कर लिया, हमारे लोगों की हत्या की. तालिबान विरोधियों को वोट दीजिए."

चुनाव प्रचार के अलावा सोशल मीडिया का उपयोग मतदान के दिन स्वंयसेवी संस्थाएं भी कर रही है. वो इसपर इस माध्यम से नज़र रखना चाहती हैं.

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