भारत से कितने अलग पाकिस्तान के चुनाव

  • 9 मई 2013
पाकिस्तान के चुनाव
पाकिस्तान में 11 मई को लोकतंत्र का उत्सव है

पाकिस्तान में पहली बार लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद आम चुनाव हो रहे हैं.

11 मई को संसदीय और प्रांतीय असेंबलियों के लिए वोट डाले जाएंगे.

पाकिस्तान में भी संसद को दो सदन हैं. इनमें निचले सदन को राष्ट्रीय असेंबली और ऊपरी सदन को सीनेट कहते हैं.

भारत के ऊपरी सदन राज्यसभा की तरह पाकिस्तानी सीनेट के सदस्यों को प्रांतीय असेंबलियों के सदस्य चुनते हैं, जबकि निचले सदन राष्ट्रीय असेंबली के सदस्यों का चुनाव भारत की तरह आम जनता के वोटों से होता है.

आनुपातिक प्रतिनिधित्व

पाकिस्तान के संसदीय चुनाव कुछ मायनों में भारत से अलग हैं.

भारत की लोकसभा के कुल 543 सदस्यों में से 541 का चुनाव सीधे जनता के वोटों से होता है, वहीं दो सीटों पर एंग्लो इंडियन समुदाय के लोगों को मनोनीत किया जाता है.

दूसरी तरफ पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंबली के सदस्यों की संख्या 342 है, लेकिन इनमें सिर्फ 272 सदस्य ही प्रत्यक्ष मतदान के जरिए चुने जाते हैं.

बाकी 70 सीटों में से 60 महिलाओं और 10 गैर मुस्लिमों के लिए आरक्षित हैं. इन सीटों पर चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व नियमों के जरिए होता है.

आनुपातिक प्रतिनिधित्व नियम के तहत चुनाव में उतरने वाली पार्टियां कुछ उम्मीदवारों की सूची तैयार करती है. जो पार्टी जनता के वोट पाकर जितनी ज्यादा अनारक्षित यानी सामान्य सीटें जीतती है, उसी अनुपात में आरक्षित 70 सीटों पर उनके उम्मीदवार राष्ट्रीय असेंबली के लिए चुने जाते हैं. इन सीटों के सांसद पार्टी की वरीयता सूची से लिए जाते हैं.

यानी जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा सामान्य सीटें हैं, उसके उतने ही ज्यादा उम्मीदवार आरक्षित सीटों से सांसद बनेंगे.

भारत में जहां कई बार दो से चार प्रतिशत वोटों के हेरफेर से हार जीत का पांसा पलट जाता है, वहीं पाकिस्तान में 70 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व से तय होती हैं.

किसके कितने सांसद

पाकिस्तान के चुनाव
तमाम पार्टियां लोगों को लुभाने में लगी हैं

निवर्तमान संसद में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों से सबसे ज्यादा 23 सांसद पाकिस्तान पीपल्स पार्टी की हैं, जबकि पीएमएल (एन) की 17, पीएमएल (क्यू) की 10, एमक्यूएम की पांच और आवामी नेशनल पार्टी की तीन सांसद हैं.

जेयूए (एफ) और पीएमएल (एफ) की एक एक उम्मीदवार महिलाओं के आरक्षित सीटों से चुनी गईं.

दूसरी तरफ गैर मुसलमानों के लिए आरक्षित सीटों से पीपल्स पार्टी के चार, पीएमएल (एन) के तीन, पीएमएल (क्यू) के दो और एमक्यूएम के एक सांसद का चुनाव हुआ.

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने 2008 के आम चुनावों का बहिष्कार किया था.