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मौत के इंतज़ार में इन जुड़वाँ बहनों का साथ

 मंगलवार, 23 अप्रैल, 2013 को 15:44 IST तक के समाचार

मरीज़ दोनों बहनों का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं

अमरीकी शहर बाल्टीमोर के ठीक बाहर गिलक्रिस्ट सेंटर में मरीज़ों के लिए 34 बिस्तर हैं और यहाँ लगभग हर सप्ताह 30 लोगों की मौत हो जाती है.

इस केंद्र को चलाने का ज़िम्मा है दो जुड़वाँ बहनों टीना मागियो और गीना मागियो पर. सेंटर में हर दिन होने वाली मौतों के बावजूद दोनों बहनें उन लोगों से मिलने आती हैं, जो मृत्यु शय्या पर हैं.

इन केंद्रों को इसीलिए बनाया गया है ताकि अपनी मृत्यु की प्रतीक्षा कर रहे बुज़ुर्ग अपनी ज़िंदगी के शेष पलों को सूकून के साथ बिता सकें.

गिलक्रिस्ट सेंटर में भर्ती सभी मरीज़ हर दिन इन नर्स बहनों से मिलने के लिए बेताब रहते हैं.

शायद इसलिए क्योंकि ऐसे वक्त में जब अपने भी इन उम्रदराज़ क्लिक करें लोगों का साथ छोड़ जाते हैं, टीना और गीना इनके लिए हमेशा मौजूद रहती है. ये दोनों न सिर्फ संवेदना बल्कि उनका हौसला भी बढ़ाती रहती हैं.

मौत का इंतज़ार

"हांलाकि ऐसे लोग जिन्हें हर दिन बीमारी और मौत का सामना करना पड़ता है, उन्हें न सिर्फ सहानूभूति की ज़रुरत है बल्कि शेष दिनों को यादगार तरीके से जीने की भी है."

टीना और गीना

दोनों बहनें अलग-अलग शिफ्टों में काम करती हैं और मरीज़ों के लिए वे सिर्फ एक नर्स नहीं हैं- वे उनका हर पल ख्याल रखती हैं.

अमरीका के स्वास्थ्य और मानव सेवा मंत्रालय के अनुसार, अमरीका की जनसंख्या का 12.4% हिस्सा 65 साल की उम्र से अधिक वाले वरिष्ठ नागरिकों का है.

ये आंकड़ा 2030 तक 19% तक बढ़ने की उम्मीद है. इस तरह के केंद्रों में वो लोग भर्ती होते हैं, जिनकी जीवन अवधि छह महीने या उससे भी कम है.

अगर इस रफ्तार से बुजुर्ग बढ़े तो इस तरह के देखभाल केंद्रों की जरुरत भी शायद और बढ़ जाएगी.

टीना और गीना का कहना है कि हालांकि ऐसे लोग जिन्हें हर दिन बीमारी और मौत का सामना करना पड़ता है, उन्हें न सिर्फ सहानुभूति की ज़रुरत है बल्कि शेष दिनों को यादगार तरीके से जीने की भी है.

इन जुड़वाँ बहनों का कहना है कि उनका काम मरीज़ों के जीवन के शेष पलों को सुखद बनाना है.

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