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'गिरफ्तारी का आदेश अनुचित न्यायिक सक्रियता'

 शुक्रवार, 19 अप्रैल, 2013 को 01:35 IST तक के समाचार

पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ़ ने उनकी गिरफ्तारी के अदालती आदेश को अनुचित न्यायिक सक्रियता करार देते हुए खारिज कर दिया है.

इससे पहले जब अदालत ने उनके शासन में जजों की बर्खास्तगी के मामले में उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए तो वो अदालत परिसर से जल्दबाज़ी में निकल गए.

अदालत ने कहा कि उन पर बिना अनुमति के अदालत के बाहर जाने का मुकदमा चलाया जाएगा. लेकिन मुशर्रफ़ के प्रवक्ता मोहम्मद अमजद ने इस बात से इनकार किया है कि मुशर्रफ़ अदालत से भाग कर चले गए.

उन्होंने कहा कि मुशर्रफ़ इसलिए चले गए क्योंकि किसी ने उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश नहीं की. मुशर्रफ़ के वकील सुप्रीम कोर्ट में उनकी गिरफ्तारी के आदेश के खिलाफ़ अपील करनेवाले हैं.

मुशर्रफ़ इस वक्त राजधानी इस्लामाबाद के क़रीब अपने फार्म हाउस में मौजूद हैं जहां बहुत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है.

आदेश

परवेज़ मुशर्रफ़ की गिरफ्तारी का आदेश सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में रखने के मामले में दिया गया है.

मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गुरुवार को परवेज़ मुशर्रफ़ की अंतरिम जमानत को रद्द कर दिया.

बीबीसी संवाददाता शहजाद मलिक ने बताया कि अदालत ने जिस समय यह आदेश दिया, उस समय मुशर्रफ़ अदालत में ही मौजूद थे, लेकिन इस्लामाबाद थाना पुलिस ने, जहां यह मामला दर्ज है, कोई कार्रवाई नहीं की.

इसके बाद, परवेज़ मुशर्रफ़ के सुरक्षाकर्मी उन्हें अपने साथ लेकर चले गए.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को अदालत के सामने पेश होने का आदेश दिया था.

मामला

वकीलों ने अदालत में मांग की थी कि जनरल मुशर्रफ़ पर अपने शासन काल के दौरान आपातकाल लागू करने और 2007 में वरिष्ठ जजों को बर्खास्त करने का मुक़द्दमा चलाया जाना चाहिए.

हाल ही में, जजों की बर्खास्तगी के मामले पर परवेज़ मुशर्रफ़ ने क्लिक करें बीबीसी से बात करते हुए कहा, "उस वक्त मैं लोकतांत्रिक व्यवस्था को लागू करने की कोशिश कर रहा था और उस कोशिश में कुछ कड़ी कार्रवाइयां करनी पड़ीं, जो मैंने कीं. जजों की बर्ख़ास्तगी का मामला उस वक्त की जरूरत थी, इसलिए ऐसा करना सही था.

जनरल मुशर्रफ़ को 2008 में सत्ता से हटा दिया गया था जिसके बाद वो विदेश चले गए थे.

लेकिन मई में होने वाले आम चुनाव में शिरकत करने के लिए वो पाकिस्तान लौटे हैं.पर उनका सभी जगह से क्लिक करें नामांकन रद्द हो चुका है.

विरोध प्रदर्शन

बीबीसी संवादताता शहजाद मलिक ने बताया है कि मुशर्रफ़ इस्लामाबाद के अपने फ़ार्म हाउस में हैं.

फ़िलहाल पुलिस ने चारों तरफ से उनके घर को घेर रखा है जबकि फ़ार्म हाउस के बाहर उनके समर्थक नारे लगा रहे हैं.

टेलीविजन में दिखाई जा रही तस्वीरों में भी समर्थकों को नारे लगाते देखा गया है.

कहा जा रहा है कि अब मुशर्रफ़ के पास एक ही रास्ता है और वो है सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का.

मुशर्रफ़ के वकीलों ने आज अदालत में दलील देते हुए कहा था कि मुशर्रफ़ ने जजों की सुरक्षा के लिए नजरबंद किया था.

जबकि सरकारी पक्ष का कहना था कि मुशर्रफ़ ने न सिर्फ जजों को नजरबंद किया था बल्कि उन्होंने न्याय प्रणाली को भी कमजोर किया था.

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