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अमरीकी प्रवासियों के अभियान में ज़करबर्ग भी शामिल

 शुक्रवार, 12 अप्रैल, 2013 को 02:17 IST तक के समाचार

अमरीका में प्रवासी कानून का समर्थन करने के लिए हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे

अमरीका में वैध दस्तावेजों के बिना रह रहे लाखों प्रवासियों को नागरिकता देने की कवायद एक बार फिर ज़ोर पकड़ रही है. इस सिलसिले में प्रदर्शनकारियों ने अमरीका में कई स्थानों पर जुलूस निकाले हैं.

इन प्रदर्शनों का मकसद सीनेटरों द्वारा आप्रवासन सुधार विधेयक पर चर्चा से पहले कांग्रेस पर दबाव बनाना था. वाशिंगटन डी.सी. में बाहर भारी संख्या में भीड़ जमा हुई. अटलांटा में भी हज़ारों लोग जमा हुए.

इस बीच फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग भी इस अभियान में शामिल हो गए हैं. उन्होंने फॉर्वर्ड यूएस नाम से एक संगठन बनाया है जिसे गूगल और याहू जैसी कंपनियों के अधिकारियों का समर्थन हासिल है. ज़करबर्ग ने कहा है कि वर्तमान अमरीकी प्रवासन नीति आधुनिक समय के हिसाब से सही नहीं है. उन्होंने कहा कि वे व्यापक सुधार चाहते हैं ताकि व्यापारिक संस्थान दुनिया के बेहरतीन लोगों को ले सकें फिर उनका जन्म कहीं भी हुआ हो.

उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही एक विधेयक पेश हो सकता है जो वैध दस्तावेजों के बिना रह रहे प्रवासियों कानूनी दर्जा देने का रास्ता साफ कर सकता है.

समर्थन

"वर्तमान अमरीकी प्रवासन नीति आधुनिक समय के हिसाब से सही नहीं है. उन्होंने कहा कि वे व्यापक सुधार चाहते हैं ताकि व्यापारिक संस्थान दुनिया के बेहरतीन लोगों को ले सकें फिर उनका जन्म कहीं भी हुआ हो."

मार्क ज़करबर्ग

इससे पहले लैटिन अमरीका मतदाताओं ने चुनावों में खुलकर राष्ट्रपति बराक ओबामा और डेमोक्रेटिक प्रत्याशियों का साथ दिया था. नतीजतन प्रवासी सुधारों में तेज़ी आई है.

अमरीका में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे लगभग 1.1 करोड़ प्रवासियों में ज्यादातर लैटिन अमरीकी मूल के हैं.

विश्लेषकों के मुताबिक रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य भी मानते हैं कि यदि उन्हें लैटिन अमरीकी मूल के मतदाताओं का वोट चाहिए तो उन्हें भी प्रवासी विधेयक का कुछ हद तक समर्थन करना होगा.

बुधवार को प्रदर्शनकारी न्यूयार्क, वाशिंगटन डी.सी., सेन फ्रांसिसको, अटलांटा और दर्जन भर दूसरे स्थानों पर जमा हुए.

इन प्रदर्शनकारियों में मजदूर, घरेलू नौकर, श्रमिक नेता और प्रवासी कार्यकर्ता शामिल हुए.

सर्विस इम्पलाईज़ इंटरनेशनल यूनियन के बेन मोंटेरोसो ने कहा कि, “हम सिर्फ वाशिंगटन आकर प्रवासी सुधारों को हासिल नहीं कर सकते हैं. हमें देश भर की सड़कों पर उतरना होगा.”

वाशिगटन डी.सी. में आयोजकों ने बताया कि अमरीकी राजधानी में प्रवासी सुधारों के पक्ष में करीब 400 गाड़ियों के ज़रिए लोगों को रैली के लिए लाया गया था.

सहमति संभव

इस मौके पर न्यू जर्सी के डेमोक्रेटिक सीनेटर बॉब मेनेंडेज और इलेनॉइस के कांग्रेस सदस्य लुईस गुटेरेज़ सहित कई डेमोक्रेटिक सांसद मौजूद थे.

अमरीकी सीनेट में सीनेटरों के दोनों समूह प्रवासियों के मसले पर किसी सहमति पर पहुँच सकते हैं. इस विधियक के तहत अवैध प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने से पहले सीमा सुरक्षा के उपायों को सख्त करना ज़रूरी है.

इसके तहत हज़ारों वैध प्रवासियों को अमरीका आकर अतिथि श्रमिक कार्यक्रम के तहत काम करने का मौका मिल सकेगा.

विरोध

सख्त प्रवासी कानूनों के पैरोकार मानते हैं कि विचाराधीन सुधारों से देश और स्थानीय सरकारों की वित्तीय हालत खराब होगी और इससे अवैध प्रवास को बढ़ावा मिलेगा.

नंबर्स यूएसए के अध्यक्ष रॉय बेक ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि, “दो करोड़ ऐसे अमरीकियों की रैली होनी चाहिए, जिन्हें पूर्णकालीन रोज़गार नहीं मिल रहा है.”

विधेयक को जल्द ही पेश किये जाने का अनुमान है और मई के अंत में मेमोरियल डे अवकाश से पहले इस पर मतदान हो सकता है.

अमरीका में इससे पहले 2007 और 2010 में भी इस विधेयक को पास कराने की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन ये कोशिश कामयाब नहीं हो सकी.

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