कैसे और क्यों मनाते हैं गुड फ़्राइडे

  • 29 मार्च 2013
क्यूबा में गुड फ़्राइडे
क्यूबा के हवाना में गुड फ़्राइडे मनाते हुए ईसाई श्रद्धालु

29 मार्च को शुक्रवार के दिन पूरी दुनिया में ईसाई समुदाय के लोग गुड फ़्राइडे मना रहे हैं. लेकिन आख़िर क्या होता है गुड फ़्राइडे और इसे कैसे मनाया जाता है.

गुड फ़्राइडे ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इसी दिन ईसाई धर्म के संस्थापक ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया था.

ईसाई धर्म के मानने वालों का विश्वास है कि गुड फ़्राइडे के तीसरे दिन यानी उसके अगले रविवार को ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए थे.

उनके दोबारा जीवित होने की इस घटना को ईसाई धर्म के लोग ईस्टर दिवस या ईस्टर रविवार मानते हैं.

ईस्टर ख़ुशी का दिन होता है. इस पवित्र रविवार को खजूर इतवार भी कहा जाता है.

ईस्टर का पर्व नए जीवन और जीवन के बदलाव के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है.

ईस्टर रविवार के पहले सभी गिरजाघरों में रात्रि जागरण तथा अन्य धार्मिक परंपराएं पूरी की जाती है तथा असंख्य मोमबत्तियां जलाकर प्रभु यीशु में अपने विश्वास प्रकट किया जाता है.

यही कारण है कि ईस्टर पर सजी हुई मोमबत्तियां अपने घरों में जलाना तथा मित्रों में इन्हें बांटना एक प्रचलित परंपरा है.

ईसाई धर्म की कुछ मान्यताओं के अनुसार ईस्टर शब्द की उत्पत्ति ईस्त्र शब्द से हुई है.

यूरोप में प्रचलित पौराणिक कथाओं के अनुसार ईस्त्र वसंत और उर्वरता की एक देवी थी.

इस देवी की प्रशंसा में अप्रैल माह में उत्सव होते थे. जिसके कई अंश यूरोप के ईस्टर उत्सवों में आज भी पाए जाते हैं इसलिए इसे नवजीवन या ईस्टर महापर्व का नाम दे दिया गया.

ईसाईयों के साथ ही अन्य धर्म के लोग भी आपसी भाईचारा एवं एकता के साथ इस पर्व को मनाते है. इस दिन रात्रि में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में भी भाग लेते है.