एक डॉक्टर पर लगा मरीज़ों की हत्या का आरोप

  • 28 मार्च 2013
ब्राजील डॉक्टर
डॉक्टर डिसूज़ा का कहना है कि मुझ पर आरोप लगाने वाले इन मरीजों की मौत के बारे में गलत अंदाजा लगा रहे हैं.

ब्राजील के एक अस्पताल में हुई करीब 300 मरीजों की मौत के बारे में यह संभावना जताई जा रही है कि इसके पीछे वहां की मेडिकल टीम का हाथ हो सकता है. कुरितिबा में स्थित इस अस्पताल का नाम इवैंजेलिकल है. और यह मेडिकल टीम इसी अस्पताल के आईसीयू विभाग की डॉ. वर्जीनिया सोर्स डिसूज़ा और उनके सात सहायकों की है. इस टीम पर पहले भी इस अस्पताल के सात मरीजों के कत्ल के कथित आरोप लग चुके हैं.

मौत देने की योजना

मामले की जांच कर रहे दल के एक सदस्य ने ब्राजील के ग्लोबो न्यूज चैनल को बताया है कि इवैंजेलिकल अस्पताल के आईसीयू में हाल में 20 ऐसी मौतें हुई हैं जिनपर हमें संदेह है. उस सदस्य ने आगे बताया कि हमें इस बात का भी शक है कि इससे पहले हुई 300 अन्य मौतों के पीछे डॉ. वर्जीनिया सोर्स डिसूज़ा और उनकी मेडिकल टीम का हाथ है. जब डॉ. डिसूज़ा से इन आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इससे साफ इंकार किया. फरवरी में गिरफ्तार डॉ. डिसूजा पिछले ही सप्ताह जमानत पर रिहा हुई हैं.

संदिग्ध ड्रग

डॉ. डिसूज़ा 56 साल की एक बुजुर्ग विधवा महिला हैं. वे दक्षिणी ब्राजील के कुरितिबा में स्थित इवैंजेलिकल अस्पताल में लंबे समय से काम कर रही हैं. अभियोजन पक्ष का आरोप है कि डॉक्टर डिसूज़ा ने मरीजों को दिए जाने वाले ऑक्सीजन की आपूर्ति कम करने से पहले उन्हें मांसपेशियों को राहत पहुंचाने वाली दवा दी. इस दवा के असर से उन मरीजों का दम घुट गया. आरोप है कि इस अपराध में उनके साथ काम करने वाले तीन डॉक्टर, तीन नर्स और एक फिजियोथेरेपिस्ट भी शामिल हैं. मामले की जांच के लिए ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्री ने एक जांचदल का गठन किया है. जांचदल के मुख्य अधिकारी डॉ मारियो लोबातो ने ग्लोबो को बताया, “पिछले सात सालों में अस्पताल में हुई लगभग 1,700 मरीजों की मौत की भी अब नए सिरे से जांच की जा रही है. तकरीबन 20 ऐसे मामले हैं जिन्हें शक के दायरे में रखा गया है.” डॉ. लोबातो ने आगे बताया, “ऐसे ही करीब 300 संदिग्ध मामले हैं जिनकी हम जांच कर रहे हैं.”

हत्या का मकसद

रॉयटर्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, राज्य की ओर से नियुक्त अभियोजन पक्ष ने एक सूचना जारी की है और डॉ. डिसूज़ा पर आरोप लगाया है, “इन हत्याओं के पीछे डॉ. का मकसद आईसीयू के बेड को खाली करवाना था.” एक रिकार्डिंग में खुद डॉक्टर डिसूज़ा ने इस बात को स्वीकारा है, “मैं आईसीयू को खाली करवाना चाहती थी. इतनी भीड़-भाड़ देखकर मुझे बेचैनी होती है.” डॉक्टर ने आगे कहा, “हमारा उद्देश्य है, जिनमें जीवन की संभावनाएं शेष हैं, उनकी जान बचाने की कोशिश की जाए.” अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट, डायटिशियन, नर्सें और नर्सिंग तकनीशियनों ने कथित तौर पर रिपोर्ट की है कि डॉक्टर डिसूज़ा गंभीर रूप से बीमार मरीजों को शीघ्र मौत देने की कोशिश में लगी हैं. मगर डॉक्टर डिसूजा के वकील का कहना है कि “हम जल्दी ही ये साबित कर देंगे कि आईसीयू में जो भी हुआ वह उचित था.”