सैनिक वापसी के मुद्दे पर इतालवी मंत्री का इस्तीफा

  • 26 मार्च 2013
इटली विदेश मंत्री, जी टेर्जी
इटली के विदेश मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है.

इटली के विदेश मंत्री जी टेर्जी ने कहा है कि वे अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि वे दो इतालवी सैनिकों को भारत वापस भेजे जाने के फैसले से सहमत नहीं है.

समाचार एजेंसियों पर आई खबर के मुताबिक उन्होंने संसद के निचले सदन में कहा, “मैं इस सरकार का हिस्सा बना नहीं रह सकता. सैनिकों को भारत वापस भेजे जाने को लेकर मेरी कुछ शंकाएँ थी जिन पर ध्यान नहीं दिया गया.”

पिछले हफ्ते मारियो मोंटी की सरकार ने फैसला किया था कि इटली के दौ नौसैनिकों को फिर से भारत भेज दिया जाए.

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इन सैनिकों पर भारत में मछुआरों की हत्या का मामला चल रहा था लेकिन भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें चुनाव में हिस्सा लेने के लिए इटली जाने की अनुमति दी थी.

जब इतालवी नौसैनिकों को अपने देश जाने की इजाज़त दी गई थी, तब इटली के राजदूत ने लिखित में वायदा किया था कि वे उन पर चल रहे मुकदमे का सामना करने भारत लौट आएंगे.

लेकिन इटली सरकार ने अचानक घोषणा कर दी थी कि वो अपने सैनिकों को अब भारत वापस नहीं भेजेगी.

राजनयिक संकट

इस घटना पर भारत सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने नाराज़गी ज़ाहिर की थी और दोनों देशों के बीच राजनयिक संकट खड़ा हो गया था.

भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने इटली के राजदूत डेनियल मंचिनी को भारत न छोड़ने का आदेश तक दे दिया था. जबकि इतालवी राजदूत ने दलील दी थी कि वियना कन्वेन्शन के तहत उनके खिलाफ राजनयिक तौर पर कोई कदम नहीं उठाया जा सकता.

कई दिनों की बयानबाज़ी और बातचीत के बाद शुक्रवार को इटली ने बयान में कहा कि भारत ने उन्हें आश्वासन दिलाया है कि दोनों नौसैनिकों के साथ अच्छा सलूक किया जाएगा और उनके मौलक अधिकारों की रक्षा की जाएगी. इसके बाद सैनिकों को वापस भेज दिया गया.