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क्यों कुछ चीनी मानते हैं भारत को सबसे गंदा देश

 गुरुवार, 21 मार्च, 2013 को 19:06 IST तक के समाचार

भारतीय पर्यटन बोर्ड आजकल देश की छवि सुधारने में जुटा है. क्लिक करें चीनी ब्लॉग जगत में चर्चा का विषय बनी कुछ तस्वीरों की वजह से भारत की छवि बिगड़ रही है.

इन तस्वीरों में गंगा नदी में तैरती सड़ी-गली लाशों और सड़कों पर पड़े कूड़े के ढेर को दिखाया गया है. इन तस्वीरों पर चीन में हफ़्ते भर तक चर्चा होती रही.

हैप्पी झांगियांग नाम के एक ब्लॉगर ने अपने यात्रा संस्मरणों वाले ब्लॉग पर लिखा है, "मैं लोकतांत्रिक भारत में छुट्टियां मनाने पहुंचा और थूकते हुए अपने घर वापस लौटा हूं.''

अपने पोस्ट में उन्होंने भारत में ली गईं बहुत सी तस्वीरें लगाईं. इन तस्वीरों के साथ दिए लेख में भारत के ख़राब जीवन स्तर की जानकारी दी गई है.

नकारात्मक प्रचार

भारतीय पर्यटन उद्योग को पिछले साल नई दिल्ली में 23 साल की एक छात्रा के साथ हुए क्लिक करें बलात्कार और उसकी मौत के बाद नकारात्मक प्रचार का सामना करना पड़ रहा है.

बीते रविवार को ही मध्य भारत में एक स्विस पर्यटक महिला के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद भारत में पर्यटन और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई.

"मैं अबतक जितने देशों में गया, उनमें से भारत सबसे गंदा देश है. वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि यह पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी अधिक गंदा देश है. यह मेरी कल्पना से बाहर था"

हैप्पी झांगियांग, ब्लॉगर

इस साल जनवरी में 23 साल की एक चीनी लड़की के साथ नई दिल्ली में बलात्कार की ख़बरें आई थीं. इसके बाद चीनी सरकार ने भारत सरकार से पर्यटकों के लिए देश में सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत बनाने को कहा था.

इस सबके बीच आए इस ब्लॉग पर प्रकाशित तस्वीरों में भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं, कुष्ठ रोगियों, खुले में किए शौच और गंदगी से पटे नदी के किनारों को दिखाया गया है. कुछ तस्वीरों में नदीं में तैरतों शवों को भी दिखाया गया है.

ब्लॉग में कहा गया है,''मैं अबतक जितने देशों में गया, उनमें से भारत सबसे गंदा देश है. वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि यह पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी अधिक गंदा देश है. यह मेरी कल्पना से बाहर था.''

इस पोस्ट को पिछले मंगलवार को प्रकाशित किया गया था, तबसे इसे एक लाख बीस हज़ार बार से अधिक बार फ़ॉरवर्ड किया गया है और अब तक 37 हज़ार से अधिक लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.

इनक्रेडिबल इंडिया

ब्लॉग पर दी गई भारत की तस्वीरों पर पिछले हफ़्ते से चर्चा हो रही है.

चीन के सोशल नेटवर्क 'वेबो' पर भारतीय पर्यटन बोर्ड के आधिकारिक खाते, 'इनक्रेडिबल इंडिया' पर प्रतिक्रियाओं का अंबार लगा हुआ है. इनमें कुछ सकारात्मक हैं तो कुछ नकारात्मक.

चीनी सोशल मीडिया पर इस ब्लॉग पर मिलिजुली प्रतिक्रिया हुई. कुछ लोगों ने इन तस्वीरों को भौचक और दुखी करने वाला बताया है.

हुआंग नदी में बहते मिले हज़ारों सूअरों का हवाला देते हुए 'वाइबो' पर लिखा गया है,'' भारत की तस्वीरों की तुलना में नदी में तैरते सूअर बहुत छोटी सी बात है.''

वहीं बहुत से लोगों ने चीन की स्थिति भी कुछ इसी तरह की होने के बावजूद, भारत पर आरोप लगाने वाले इस पोस्ट की आलोचना की है.

पोस्ट पर दी गई एक प्रतिक्रिया में कहा गया है,''चीन को दूसरे देशों की चर्चा करना अच्छा लगता है, लेकिन उसे इस बात का एहसास नहीं होता कि उसकी अपनी स्थिति ही बहुत दयनीय है.''

वहीं कुछ प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया है कि पोस्ट में दी गई बहुत सी तस्वीरों को ब्लॉगर ने ख़ुद नहीं लिया है और ब्लॉग को धोखाधड़ी बताया गया है. इनमें से एक तस्वीर पर लिखा है, 'बनारस, भारत 1977, कॉपीराइट 2006.'

'वेबो' के 'इंक्रेडिबल इंडिया' पेज पर एक पाठक ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा है,''भारत में बहुत सी सुंदर जगहें और शानदार संस्कृति भी है.''

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