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पाकिस्तान के सहारे चीन ने ब्रिटेन को पछाड़ा

 मंगलवार, 19 मार्च, 2013 को 06:52 IST तक के समाचार
चीनी हथियार

चीन ने सितंबर 2012 में अपना पहला विमान वाहक पोत बनाने की घोषणा की.

चीन दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा हथियारों का निर्यातक बन गया है. इससे पहले ब्रिटेन इस स्थान पर था.

सिपरी यानी 'द स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट' नाम की संस्था की एक रिपोर्ट में ये तथ्य सामने आया है. चीन के दर्जे में ये सुधार मुख्य रूप से पाकिस्तान द्वारा बड़े पैमाने पर हथियार ख़रीदने की वजह से हुआ है.

लेकिन बीबीसी के रक्षा और कूटनीतिक संवाददाता जॉनाथन मार्कस का कहना है कि हाल में हुए चीन के ज़रिए किए गए कई सौदों से लगता है कि चीन अब हथियारों की बिक्री की सीमाएं बढ़ा रहा है.

वर्ष 2008 से 2012 के बीच अमरीका, रूस, जर्मनी, फ्रांस और चीन दुनिया में परंपरागत हथियार बेचने वाले पांच सबसे बड़े देश थे.

दुनिया भर में हथियारों की कुल बिक्री में अमरीका की 30 प्रतिशत और रूस की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी की तुलना में चीन की पांच प्रतिशत की हिस्सेदारी हालांकि बहुत कम है, लेकिन 1950 के बाद से ये पहला मौक़ा है जब शीर्ष पांच देशों की सूची में ब्रिटेन जगह नहीं बना पाया है.

चीन-पाकिस्तान

हथियारों के विक्रेता के दुनिया के पांच बड़े देशों की सूची में चीन का प्रवेश मुख्यत: पाकिस्तान के साथ महत्वपूर्ण सौदों की वजह से हुआ है.

सिपरी की रिपोर्ट से हथियार ख़रीदने वाले देशों में आए बदलाव की भी जानकारी मिलती है.

रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक मंदी से जूझ रहे यूरोपीय देशों में हथियार ख़रीदने के चलन में काफ़ी कमी आई है जबकि इस समय हथियार ख़रीदने वाले देशों में एशिया का हिस्सा सबसे ज़्यादा है- लगभग 47 प्रतिशत.

दुनिया में हथियारों के पांच सबसे बड़े आयातक देश एशिया से हैं--भारत, चीन, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर.

वैसे आंकड़ों के बाद जो बात सबसे अहम है वो ये है कि कौन से हथियार ख़रीदे गए.

चीन और भारत अपनी नौसैनिक शक्ति बढ़ा रहे हैं.

वहीं चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति की सीधी प्रतिक्रिया के रूप में क्षेत्र के कई छोटे देश अपनी वायुसेना और नौसेना की ताक़त बढ़ा रहे हैं.

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