कैसे हुई बीबीसी पत्रकार के बेटे की मौत?

  • 12 मार्च 2013

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पिछले साल ग़ज़ा में हुए युद्ध के दौरान बीबीसी पत्रकार के बेटे की मौत शायद एक फलस्तीनी रॉकेट से हुई थी जो ठीक से दागा नहीं गया था.

अभी तो उसने मुस्कुराना भी नहीं सीखा था

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक उसका ये निष्कर्ष घटनास्थल के दौरे के आधार पर निकाला गया है. इस घटना के समय मानवाधिकर कार्यकर्ताओं ने मौत का दोषी इसराइली हवाई हमलों को ठहराया था.

इसराइली सेना ने उस समय कोई टिप्पणी नहीं की थी पर उसने हवाई हमले करने से कभी इनकार नहीं किया.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक उस दौरान 33 अन्य फलीस्तीनी बच्चे भी मारे गए थे.

नवंबर में हुए युद्ध के दौरान बीबीसी के वीडियो एडिटर जेहाद मशरावी की वो फोटो काफी चर्चित हुई थी जिसमें वो अपने मृत बेटे उमर के शव को लेकर खड़े हैं.

उमर समेत तीन लोगों की उस समय मौत हो गई थी जब ग़ज़ा में उनके घर पर एक मिसाइल आकर गिरी थी. परिवार का कहना था कि उनका घर इसराइली हमले का शिकार हुआ.

कैसी हुई मौत

लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि शायद ये घर उस फलस्तीनी रॉकेट की चपेट में आ गया हो जो अपने निशाने से पहले ही आकर गिर गया. इसराइली सेना ने कहा था कि युद्ध शुरु होने के तुरंत बाद कोई रॉकेट नहीं दागा गया था.

संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने फॉरेंसक जाँच नहीं की लेकिन उन्हें लगता है कि जो नुकसान हुआ वो इसराइली हवाई हमले से नहीं हो सकता. लेकिन यूएन का ये भी कहना है कि वो स्पष्ट रूप से नहीं कह सकता कि ये फलस्तीनी रॉकेट ही था.

जेहाद मशरावी ने संयुक्त राष्ट्र की जाँच को बेकार करार दिया है. उन्होंने कहा, यूएन से किसी ने मुझसे बात नहीं की. अगर फलस्तीनी गुट ज़िम्मेदार होते तो वो आमतौर पर माफी माँग लेते हैं.

इसराइली सेना के प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर कुछ नहीं कहा पर ये ज़रूर बोले कि किसी भी संघर्ष के शुरुआती घंटों में ये पता लगाना मुश्किल होता है कि क्या हो रहा है.

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