रूस: मरने के बाद भी चलेगा मुक़दमा

  • 15 मार्च 2013
सर्गेई मैगनिट्स्की (फ़ाइल फोटो)
कुछ लोगों का कहना है कि वकील मैगनिट्स्की ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान चलाया था.

रूस में एक वकील की मौत के बाद भी उनके ख़िलाफ़ दर्ज मुक़दमे की सुनवाई शुरू होने वाली है. हालांकि अमरीका और यूरोपीय संसद ने इसकी आलोचना की है लेकिन रूसी अधिकारियों ने उनकी परवाह किए बग़ैर अपना काम जारी रखने का फ़ैसला किया है.

रूस में सर्गेई मैगनिट्स्की नाम के एक वकील की जेल में 2009 में मौत हो गई थी. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ग़लत तरीक़े से लगभग 23 करोड़ डॉलर कर बचाने का आरोप लगाया था.

लेकिन कुछ अधिकारियों ने उलटे वकील मैगनिट्स्की पर ही कर चोरी के आरोप लगाए थे जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था.

रूस के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी अभियुक्त की मौत के बाद भी उनके ख़िलाफ़ मुक़दमे को जारी रखने का फ़ैसला किया जा रहा है.

मैगनिट्स्की के साथियों का कहना है कि उन्हें जानबूझ कर फंसाने की कोशिश की गई थी ताकि वो कुछ बड़े लोगों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे थे.

मैगनिट्स्की के वकील और उनके परिवार वालों ने भी उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित क़रार दिया है.

मैगनिट्स्की की मां नतालया मैगनिट्स्काया ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत के दौरान कहा, ''एक मरे हुए व्यक्ति के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाना अमानवीय है. अगर मैंने इस सर्कस में हिस्सा लिया तो मैं भी इसमें शामिल हो जाऊंगी. मैं इसकी सुनवाई में हिस्सा नहीं लूंगी.''

जेल में मौत

यूरोपीय संसद ने इस मुक़दमे की आलोचना करते हुए कहा है, ''इस मुक़दमे की सुनवाई करना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है और ये इस बात को साफ़ तौर पर दर्शाता है कि रूस का आपराधिक न्याय प्रणाली ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है.''

मैगनिट्स्की मॉस्को की एक लॉ फ़र्म में ऑडिटर यानी लेखा परीक्षक के तौर पर काम कर रहे थे. अपनी नौकरी के दौरान उन्हें इस बात का पता चला कि कथित तौर पर कुछ राजस्व और पुलिस अधिकारी बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी में शामिल हैं.

लेकिन ख़ुद वकील को ही उसी आरोप में गिरफ़्तार कर जेल में डाल दिया गया था.

जेल में उन्हें पीटा गया था और उन्हें मेडिकल जांच से वंचित रखा गया था. बाद में 2009 में जेल में ही उनकी मौत हो गई थी.

पिछले साल दिसंबर में मॉस्को की एक अदालत ने वकील की मौत के लिए जेल के डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप के मामले में डॉक्टर को बरी कर दिया था.

लेकिन इस केस ने अमरीका और रूस के रिश्तों में दरार पैदा कर दी थी.

पिछले साल अमरीका ने मैगनिट्स्की एक्ट पास किया था जिसके तहत मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल रूसी अधिकारियों की पहचान कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है.

अमरीका के इस का़नून के जवाब में रूस ने भी एक क़ानून बनाया जिसके तहत किसी अमरीकी के रूस के अनाथ बच्चों को गोदलेने पर पाबंदी लगा दी गई थी.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी चेतावनी दी है कि ये मुक़दमा मानवाधिकार मामले में रूस के ख़राब रिकॉर्ड में एक नया अध्याय साबित होगा.

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