समलैंगिक फुटबॉलरों पर रोक

  • 10 मार्च 2013
फुटबॉल खिलाड़ी
नाईजीरिया में समलैंगिकता को अपराध माना गया है

नाईजीरिया फुटबॉल संघ द्रारा समलैंगिक खिलाड़ियों पर रोक लगाने की खबर पर फुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय संस्था फीफ़ा ने पूछताछ की है.

फीफा ने नाईजीरिया के फुटबॉल एसोसिएशन को एक पत्र लिखा है और संघ से उनके उस दावे के बारे में पूछा है जिसमें ये कहा गया कि नाईजीरिया में समलैंगिक महिलाओं पर फुटबॉल खेलने से रोक लगा दी गई है.

नाईजीरिया की महिला फुटबॉल लीग की अध्यक्ष दिलीचुकवू ओनेदिनमा ने कथित तौर पर दिए गए अपने एक वक्तव्य में कहा, ''जो भी खिलाड़ी ऐसी प्रवृत्ति से जुड़ा हुआ पाया जाएगा उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.''

फीफ़ा के अनुसार इस तरह कोई भेदभाव फीफ़ा के नियमों का उल्लंघन होगा. लेकिन नाईजीरिया के समाज में समलैंगिकता को एक अपराध माना जाता है जिससे ये मामला थोड़ा उलझ जाता है.

इस समय नाईजीरिया में समलैंगिकों के बीच शादी पर रोक लगाने के लिए एक विधेयक को मंज़ूरी दिए जाने का इंतज़ार किया जा रहा है.

इस विधेयक पर राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन का दस्तखत होना बाकी है, जिसके बाद ये कानून पारित हो जाएगा.

नया बिल

अगर ये कानून पारित हो जाता है तो नाईजीरिया में किसी भी सार्वजनिक जगह पर समलैंगिकों का इकट्ठा होना, समलैंगिक क्लबों, संस्थाओं और यूनियनों का खुले में समर्थन करने पर रोक होगी.

इसके अलावा जो लोग समलांगिक विवाह करेंगे उन्हें 14 साल तक कैद की सज़ा होगी.

एनडब्लूएफएल की सालाना बैठक में दिए गए अपने भाषण में दिलीचुकवू ओनेदिनमा ने कथित तौर पर कहा है कि समलैंगिक महिलाओं को नाईजीरिया की टीम में अब जगह नहीं मिलेगी और जिन खिलाड़ियों के समलैंगिक होने का सबूत मिलेगा उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाएगा.

सुपर फैल्कन क्लब आठ बार अफ्रीका वुमेंस चैम्पियनशिप जीत चुकी है, लेकिन साल 2011 में वो ग्रुप वर्ग से आगे नहीं जा सकी थी.

टीम लंदन 2012 के लिए भी क्वालिफाई करने में असमर्थ रही थी.

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