स्पेनी मूल के यहूदियों को लौटने का न्योता

  • 16 मार्च 2013
स्पेन में 1478 में धार्मिक न्यायाधिकरण का गठन किया गया था.

आज से क़रीब पांच सौ साल पहले हज़ारों यहूदी अत्याचार और उत्पीड़न से तंग आकर स्पेन से पलायन कर गए थे. अब स्पेन ने उनके वंशजों को वापस लौट आने का न्योता दिया है.

पंद्रहवीं शताब्दी में स्पेन में कुख्यात धार्मिक न्यायाधिकरण के गठन से पहले वहां क़रीब तीन लाख यहूदी रहते थे. यह दुनिया में यहूदियों की बड़ी आबादी में से एक थी.

आज वहां 40-50 हज़ार यहूदी रहते हैं. लेकिन इस संख्या में उछाल आने वाला है.

स्पेन में हैं जड़ें

स्पेन के न्याय मंत्री अल्बर्टो रूईज गलारडन ने पिछले साल नवंबर में घोषणा की थी कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे स्पेनी मूल के यहूदियों को स्पेन की नागरिकता और पासपोर्ट दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो यह साबित कर दे कि उसकी जड़ें स्पेन से जुड़ी हैं, उसे स्पेन की नागरिकता दी जाएगी.

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे स्पेनी मूल के यहूदियों में यह ख़बर जंगल में आग की तरह फैली.

स्पेनिश फेडरेशन ऑफ़ जूइश कम्युनिटी ने इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है. संगठन का कहना है कि पहले ही महीने में क़रीब छह हज़ार लोगों ने इस संबंध में जानकारी ली. इनमें अमरीकी कांग्रेस के एक अज्ञात सदस्य भी शामिल हैं.

अमरीकी नागरिक और पेरिस में 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की संवाददाता डूरीन कारवाजल कहती हैं, ''मेरी शुरुआती प्रतिक्रिया यह थी कि यह रोमाचंक क्षण था. यह न्याय करने जैसा था.''

वे कहती हैं, ''मेरे लिए यह एक रोमांटिक क्षण था. मैंने अपने पति से कहा,'मैं पासपोर्ट हासिल करने का प्रयास करने जा रही हूं क्योंकि यह एक कालचक्र को पूरा करता है.' यह बहुत भावनात्मक था.''

कारवाजल एक कैथोलिक इसाई की तरह पली-बढ़ीं. लेकिन उन्हें कुछ साल पहले पता चला कि उनकी जड़ें स्पेन मूल के यहूदियों से जुड़ी हैं.

उन्होंने अपनी जड़ों की पड़ताल शुरू की इस दौरान उन्हें पता चला कि पंद्रहवीं शताब्दी में उनके पुरखे मैड्रिड के उत्तर में स्थित सिगोविया शहर में रहते थे. उनके पास इससे संबंधित अनगिनत दस्तावेज़ हैं.

कारवाजल ने 'द फ़ारगेटिंग रीवर: ए मॉडर्न टेल ऑफ़ सरवाइवल, आइडेंटिटि एंड द इन्क्विज़िशन' में अपनी कहानी बयान की है.

वे कहती हैं कि जब उन्होंने स्पेनिश फेडरेशन ऑफ़ जूइश कम्युनिटी से संपर्क किया तो पता चला कि उनके पास इसकी योग्यता नहीं है.

धर्मान्तरण

कारवाजल का परिवार स्पेनी यहूदियों के उन एक तिहाई परिवारों में से एक था जो धार्मिक न्यायाधिकरण से बचने के लिए कैथोलिक ईसाई बन गया था. ऐसे परिवारों को 'कनर्वसस' के नाम से जाना जाता है.

इसलिए कारवाजल तकनीकी रूप से धर्मान्तरित लोगों की वंशज हैं. वे यहूदी धर्म नहीं मानती हैं. इसलिए स्पेन की नागरिकता हासिल करने के लिए उन्हें पहले यहूदी बनना होगा.

पंद्रहवीं शताब्दी में करीब एक लाख यहूदी स्पेन से पलायन कर गए थे.

नागरिकता और पासपोर्ट हासिल करने की त्वरित प्रक्रिया का अभी तक कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. इससे संबंधित नियमों को अंतिम रूप देने के बाद ही कारवाजल को नागरिकता मिल सकती है.

स्पेनिश फडरेशन ऑफ़ जूइश कम्युनिटी के महासचिव मौरिसिको टोलेडानो कहते हैं कि योजना पर अभी सरकार काम कर रही है, जब नए क़ानून को संसद में पेश कर दिया जाएगा, उम्मीद की जा रही है कि स्पेन मूल के यहूदियों के वंशजों को नागरिकता दे दी जाए चाहें वे यहूदी हों या न हों.

पंद्रहवीं शताब्दी में क़रीब एक लाख यहूदी स्पेन से पलायन कर गए थे. उनमें से कुछ उत्तरी अफ्रीक़ा गए तो अधिकांश ने उस समय की आर्थिक महाशक्ति तुर्की में शरण ली.

आज तुर्की में रहने वाले यहूदियों में से 90 फ़ीसदी स्पेन मूल के हैं. इन्हीं में से एक हैं 55 साल के रोनी रोड्रिग्स. वे इस्तांबुल में कार का कारोबार करते हैं. रोड्रिग्स ने भी स्पेन का पासपोर्ट हासिल करने के लिए आवेदन किया.

वे कहते हैं, ''मैंने सोचा, मेरे पास नागरिकता हासिल करने का अधिकार है. इसलिए क्यों न मैं आवेदन करुं.''

उन्होंने चार साल पहले उस समय की योजना के मुताबिक़ इसके लिए आवेदन किया. उन्हें 11 महीने में कागजात मिल गए थे. वहीं उनके कुछ दोस्त सालों से इंतजार कर रहे हैं.

भाषा के जानकार

रोनी रोड्रिग्स की स्पेन में बसने की कोई योजना नहीं है, अब तक केवल दो बार ही वे वहां गए हैं. लेकिन वे वहां से अब भी जुड़ाव महसूस करते हैं. वे मृतप्राय 'लेडिनो' भाषा बोलते हैं. यह स्पेनिश पर आधारित है. इसके शब्द हिब्रू और उन देशों की भाषाओं से लिए गए हैं, जहां स्पेनी मूल के यहूदी बसे हुए हैं.

ब्रिटेन में बसे हुए स्पेनी मूल के एक यहूदी कहते है कि अपनी आत्मा और दिल से मैं अभी भी स्पेनिश हूं. वे अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहते हैं.

वे स्पेन में एक घर बनवा रहे हैं, वहां उन्होंने जमीन ख़रीदी है, यहां तक की उन्होंन अपनी क़ब्र के लिए वहां एक प्लाट भी खरीद लिया है.

कारवाजल की तरह उन्हें भी नागरिकता हासिल करने के लिए वर्तमान क़ानूनों से गहरी निराशा हुई.उन्हें नई व्यवस्था से फ़ायदा होने की उम्मीद है.

स्पेनिश नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया उन्होंने कुछ समय पहले शुरू की. लेकिन उन्होंने अपना आवेदन उस समय वापस लेना पड़ा, जब पता चला कि प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें ब्रिटिश पासपोर्ट छोड़ना पड़ेगा. लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं थे.

अगर प्रस्तावित क़ानून पास हो जाता है तो नागरिकता हासिल करने वाले स्पेन मूल के यहूदियों को अपना वर्तमान पासपोर्ट नहीं छोड़ना पड़ेगा.