बांग्लादेश: ईशनिंदा मामले पर हिंसा भड़की

  • 23 फरवरी 2013
बांग्लादेश
बांग्लादेश में पिछले हफ्ते एक ब्लॉगर की हत्या के बाद तनाव काफी बढ़ गया है

बांग्लादेश में इस्लामी गुटों और पुलिस के बीच हुई झड़प में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्य़ादा लोग घायल हो गए हैं.

पुलिस के अनुसार इस झड़प में कई विपक्षी राजनीतिक दलों के समर्थक भी शामिल थे.

ये प्रदर्शनकारी इंटरनेट पर ब्लॉग लिखने वाले कुछ लोगों के खिलाफ़ सख्त़ कदम उठाए जाने की मांग कर रहे थे जिनपर कथित तौर पर ईशनिंदा के आरोप लगाए जा रहे हैं.

ढाका स्थित बीबीसी संवाददाता अनबरासन एथिराजन के अनुसार देश के कई हिस्सों, शहरों और कस्बों में विभिन्न गुटों के बीच इस घटना के लेकर हिंसक झड़प हुई हैं.

कई इस्लामी पार्टियों से जुड़े हज़ारों प्रदर्शनकारी शुक्रवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका की मुख्य मस्जिद में जुमे की नमाज़ के बाद सड़कों पर उतर आए और विरोध रैली में हिस्सा लिया.

फांसी की मांग

इनमें से कुछ लोग उन ब्लॉगर्स को फांसी की सज़ा देने की मांग कर रहे थे जिनपर कथित तौर पर इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने का आरोप लगाया गया है.

विरोध प्रदर्शन कर रहे इन प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने से कुछ दिन पहले ही सरकारी अधिकारियों ने कुछ वेबसाइट और ब्लॉग को ये कहकर बंद करा दिया था कि उनमें आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं जो लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़का सकता है.

शुक्रवार को हुई झड़पें एक रैली के दौरान हुईं.

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां और आँसू-गैस के गोले छोड़े.

कुछ प्रदर्शनकारी प्रदर्शन के दौरान काफी हिंसक हो गए और उन्होंने पुलिस पर पत्थरबाज़ी की और कई इमारतों में तोड़-फोड़ भी की.

इस तरह की हिंसक झड़पों की खबर देश के अन्य हिस्सों से भी आयी.

कई जगहों पर सत्ताधारी अवामी लीग और विपक्षी इस्लामी पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़प होने की खबर है. पुलिस के अनुसार इन झड़पों में इस्लामी पार्टी के चार समर्थकों की मौत हो गई है.

ब्लॉगर की हत्या

पिछले सप्ताह बांग्लादेश में अहमद रजीब हैदर नाम के एक ब्लॉगर की उसके घर के बाहर हत्या कर दी गई थी. उनकी हत्या के बाद कथित तौर पर इस्लाम विरोधी कई ब्लॉग इंटरनेट पर जारी किए गए.

हालांकि ये पता नहीं चल पाया कि इन ब्लॉग या वेबसाइट्स पर मालिकाना हक़ किसका है या इन्हें कौन चला रहा है?

इस्लामी पार्टियों ने अपने चार समर्थकों की मौत के विरोध में रविवार को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है.

हाल के हफ्तों में बांग्लादेश में कई ब्लॉगरों ने इस्लामी पार्टियों के खिलाफ़ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरु कर देश की सबसे बड़े इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है.

इतना ही नहीं इन लोगों ने कथित तौर पर जमात-ए-इस्लामी के उन नेताओं को फांसी की सज़ा देने की मांग है जिनपर कथित तौर पर 1971 में बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई के दौरान युद्धअपराध में लिप्त होने के आरोप हैं.

हालांकि जमात-ए-इस्लामी ने खुदपर लगे सभी आरोपों से इंकार किया है.