शियाओं ने शवों को दफ़नाना शुरू किया

  • 20 फरवरी 2013
क्वेटा, शिया
क्वेटा में शिया समुदाय हिंसा का लगातार शिकार हो रहा है.

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में शनिवार के बम हमले में मारे गए लोगों के शिया रिश्तेदारों ने शवों को दफ़नाना शुरू कर दिया है.

इससे पहले सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में लोगों ने तीन दिनों तक शव दफ़न करने से इनकार कर दिया था.

शवों को दफ़नाने के दौरान वहां माहौल तनावग्रस्त हो गया था.

ऐसी खबरें हैं कि मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों और अधिकारियों ने हवा में गोलियां भी चलाईं. हालांकि किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है.

हिंसा से हताहत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान सूबे के क्वेटा शहर में शनिवार को हुए इस धमाके में क़रीब 90 लोग मारे गए थे.

सुन्नी चरमपंथी समूह लश्कर-ए-झांगवी ने बम धमाकों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है.

शिया मुसलमानों के हज़ारा समुदाय को निशाना बनाकर किए गए इस धमाके में 160 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं.

खबरों के मुताबिक मौके पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शवों को तब तक दफ़न न किया जब तक कि फौज़ क्वेटा में दखल देने पर सहमत न हो जाए.

क्वेटा, शिया
हज़ारा समुदाय ने सेना से दखल देने की मांग की है.

मंगलवार को पाकिस्तान की पुलिस ने हमले में शामिल 170 संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी की बात कही थी.

पुलिस की कार्रवाई

सुरक्षा महकमे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पुलिस की कार्रवाई में चार लोग मारे गए हैं.

मारे गए लोगों में से एक पर शियाओं के खिलाफ़ इस्तेमाल हुए बम को बनाने में शामिल होने का आरोप था.

इससे पहले प्रशासन पर शियाओं के खिलाफ हो रहे हमलों को नजरअंदाज करने का आरोप लगता रहा है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ ने बेगुनाह लोगों की जान से खेलने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई करने के लिए अभियान शुरू करने का आदेश दिया है.

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