श्रीलंका में 'हलाल चीजों' पर प्रतिबंध की मांग

  • 18 फरवरी 2013
कोलंबो में हुई हलाल विरोधी रैली
कोलंबो में हुई हलाल विरोधी रैली

श्रीलंका में एक नए कट्टरपंथी सिंहली बौद्ध समूह ने मुसलमानों के लिए हलाल खानों और अन्य चीजों को खत्म करने की मांग की है.

बोदु बाला सेना यानी बौद्ध शक्ति बल नाम के इस समूह ने ये भी कहा है कि विदेशी धार्मिक दुष्प्रचारकों को एक महीने के भीतर देश से चले जाना चाहिए.

राजधानी कोलंबो के बाहरी इलाके में इस समूह की रैली में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया. ये प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब श्रीलंका में धार्मिक तनाव बढ़ रहा है.

बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैवीलैंड का कहना है कि हाल के समय में मस्जिदों और मुसमलानों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ साथ ईसाइयों के चर्चों और धार्मिक नेताओं पर भी हमले हुए हैं.

'अनाधिकारिक पुलिस'

कोलंबो के बाहरी इलाके महारागामा में हुई रैली में हजारों महिलाओं और पुरूषों ने हिस्सा लिया और इसमें बोदु बाला सेना के दक्षिणपंथी भिक्षुओं ने भाषण दिए.

समाचार एजेंसी एएफपी ने खबर दी है कि इन लोगों ने हलाल मांस और अन्य चीजों का विरोध किया और इन्हें बेचने वाली दुकानों से कहा है कि वो अप्रैल तक उन्हें खत्म कर दें.

रैली में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने जो टीशर्ट पहनी हुई थीं उन पर जानवरों को मारने के हलाल तरीके का विरोध किया गया था.

बोदु बाला सेना के महासचिव वेनेराबल गालाबोदा एथ्थे ग्नानसारा ने दावा किया कि श्रीलंका में ईसाई और मुस्लिम चरमपंथी बौद्ध लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं और उनके मुताबिक हजारों भिक्षु इसके लिए लड़ने को तैयार हैं.

उन्होंने कहा, “ये सिंहली लोगों का देश है, और हम इसकी अनाधिकारिक पुलिस हैं.”

'खराब स्थिति'

हालांकि ये समूह अल्पसंख्यक विरोधी होने से इनकार करता है और उसने हाल में मुसलमानों और ईसाइयों पर हुए हमलों से खुद को अलग किया है.

कोलंबो में हुई हलाल विरोधी रैली
रैली हजारों लोगों ने हिस्सा लिया

लेकिन इस समूह के एक सदस्य दिलांथे विथानागे ने कुछ देशों और संगठनों पर श्रीलंका में ईसाई कट्टरपंथियों को मदद मुहैया कराने का आरोप लगाया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मुसलमान और ईसाई दोनों ही इस बात से इनकार करते हैं कि वो श्रीलंका में चरमपंथ को बढ़ावा दे रहे हैं.

वहीं राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने बौद्ध भिक्षुओं से अपील की है कि वो धार्मिक नफरत या हिंसा भड़काने से गुरेज करें, लेकिन एक विपक्षी राजनेता ने बीबीसी को बताया कि “स्थिति बहुत खराब है.”

विपक्षी यूनाइटेड नेशनल पार्टी के मुजीबुर राहुमन का कहना है, “किसी भी समय सिंहलियों और मुसलमानों के बीच दंगे शुरू हो सकते हैं.”

श्रीलंका की दो करोड़ की आबादी में तीन चौथाई सिंहली लोग हैं. मुस्लिम आबादी 10 प्रतिशत है और आम तौर पर उनके बहुसंख्यक सिंहली आबादी के साथ अच्छे संबंध रहे हैं.